विनोबा नगर में अवैध प्लॉटिंग के बाद अब सामने आ रहे नए मामले
रायगढ़ । शहर में जमीन बिक्री की एक समानांतर और स्वतंत्र प्रक्रिया बना ली गई है। सरकारी जमीनों को स्टाम्प पेपर में बेचने का एक और मामला विनोबा नगर में सामने आया है। यहां पूर्व में भी सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉट काटने के मामले में कार्रवाई हुई थी। एक स्थानीय महिला ने 8 लाख में साढ़े तीन डिसमिल जमीन को बेच दिया। अगर रायगढ़ में किसी ने सरकारी जमीन पर बांस-बल्ली गाडक़र भी कब्जा कर लिया तो यहां से उसे बेदखल करने के बजाय कब्जे को बरकरार रखने में मदद की जाती है।सरकारी अमला सामने अवैध कब्जा देखकर भी अनदेखा कर देता है। विनोबा नगर में एक महिला ने अपने मकान के बाजू में पहले सरकारी जमीन को घेरकर कब्जा किया। फिर उसे बेच दिया। पुतलीबाई ने 100 रुपए के स्टाम्प में विक्रयनामा तैयार किया। अरुणा प्रधान निवासी पंचधार को विनोबा नगर बोईरदादर की जमीन 3.5 डिसमिल करीब 1526 वर्गफुट जमीन बेच दी गई। इसके लिए क्रेता से 8.10 लाख रुपए लिए गए।इस तरह जमीन को केवल स्टाम्प पेपर पर बेच दिया गया। इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकारी जमीन को बेचने वालों के विरुद्ध रायगढ़ में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। निजी भूमि पर अवैध प्लॉटिंग करने से बड़ा अपराध सरकारी जमीन बेचना है।
