Thursday, November 27, 2025
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किरण बेरीवाल, गोकुलधाम, आशीर्वाद कालोनी, श्याम सुंदर कालोनी सहित पांच कॉलोनी अवैध

मरीन ड्राईव के लिए हुए टेण्डर की निविदा दर स्वीकृति के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा
रायगढ़। नगर निगम के सामान्य सभा की बैठक में उस वक्त काफी हंगामा मच गया, जब मरीन ड्राईव के लिए हुए टेण्डर की निविदा दर स्वीकृति के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने 20 प्रतिशत कम एसओआर की दर आने पर गुणवत्ता कैसी होग, पूछते हुए कहा कि इतने लोगों को बेघर करने के बाद सडक़ गुणवक्ता युक्त होनी चाहिए। इस पर महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि बेघर नहीं किया बल्कि हमने बाढ़ ग्रसित क्षेत्र से हटा कर उन्हें पक्के मकान में बसाया है। वहीं प्रश्नकाल में कांग्रेस सहित भाजपा के भी पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों पर शहर सरकार सहित निगम प्रशासन को घेरा। वहीं जीएसटी रिफार्म पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापन देने के प्रस्ताव पर भी कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया। हालांकि सामान्य सभा में सभी प्रस्ताव बहुमत की वजह से पास कर दिए गए।


नगर निगम के सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को निगम सभाकक्ष में रखी गई थी। परिषद की बैठक के प्रथम प्रस्ताव न्यू शनि मंदिर रोड से लेकर छठ घाट तक नये मरीन ड्राईव विस्तार के लिए प्राप्त निविदा की दर स्वीकृति के लिए लाया गया, जिसमें 20 प्रतिशत कम एसओआर की राशि वाले निविदाकार की दर को तो सर्वसम्मति से पारित कर लिया गया, परंतु इस दौरान नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतनी कम दर में ठेकेदार किस तरह गुणवत्ता देगा? वहीं सलीम ने इस बहाने से निगम द्वारा बनाई गई सडक़ों पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि सही रूप से मानिटरिंग नहीं होने से सभी सडक़ेंं उखड़ रही है। मरीन ड्राईव का हाल भी ऐसा ही न हो जाए।

वहीं प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन की कार्रवाई उस वक्त कुछ समय के लिए गरमा गयी जब नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने प्रगतिनगर में हुए तोडफ़ोड़ का मामला उठा दिया और नगर निगम पर लोगों को बेघर करने का आरोप लगा दिया। इसको लेकर महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक शुरू हो गई। महापौर जीवर्धन ने कहा कि किसी को बेघर नहीं किया गया है बल्कि सभी को बाढग़्रस्त क्षेत्र से हटाकर सभी को सर्वसुविधायुक्त पक्का मकान दिया गया है जबकि सलीम नियारिया का कहना था कि अगर तोड़-फोड़ से पहले उन्हें विस्थापित किया जाता तो अच्छा रहता। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी हंगामा मचा।

वहीं प्रस्ताव क्रमांक दो में समर्पण सेवा समिति द्वारा दिये गये आवेदन कोतरा रोड रामबाग के बगल वाले मार्ग का नामकरण सुदर्शन मार्ग किये जाने की मांग पर भी चर्चा उपरांत स्वीकृति की मुहर लगा दी गई और मार्ग का नाम आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक के एस सुदर्शन के नाम से किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही एफसीआई गोदाम के पास किसान राईस मिल में प्रस्तावित ऑक्सीजोन व स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 1266.69 लाख रूपए के हुए टेण्डर में आई निविदा दर में निगोसियेशन के बाद मेसर्स दीपक पाण्डेय रायपुर की 9.63 प्रतिशत कम एसओआर दर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

सावित्री जिंदल सेतु नामकरण के निरस्त करने के प्रस्ताव पर खड़ा हुआ बखेड़ा
सर्किट हाउस रोड पर केलो नदी पर खर्राघाट में बने पुल से सावित्री जिंदल का नाम और केवड़ाबाड़ी चौक से ढिमरापुर चौक तक की सडक़ का नामकरण ओपी जिंदल के नाम से होने पर नामकरण हटाने के प्रस्ताव पर बखेड़ा खड़ा हो गया था तथा दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। दरअसल, भाजपा के सभी पार्षदों ने तो इस प्रस्ताव पर एक स्वर में अपनी सहमति जता दी लेकिन कांग्रेस पार्षदों की ओर से नेता प्रतिपक्ष ने सावित्री जिंदल का नाम सेतु से हटाये जाने का विरोध किया। सलीम का कहना था कि केवड़ाबाड़ी चौक से ढिमरापुर चौक तक सडक़ के रखरखाव में कंपनी ने लापरवाही बरतते हुए नियम-शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण इस सडक़ से ओपी जिंदल का नाम हटाया जाना उचित है और कांग्रेस भी इसके लिए सहमत है मगर सावित्री जिंदल सेतु के लिए क्या नियम शर्ते लागू की गई थी, पहले सदन को इसकी जानकारी दी जाये, उसके बाद ही उनका नाम हटाया जाना उचित होगा। इस प्रस्ताव को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच काफी बहस हुई लेकिन आखिरकार कांग्रेस के विरोध के बावजूद इस प्रस्ताव को भी बहुमत के साथ पास कर दिया गया।

जीएसटी रिफार्म पर धन्यवाद ज्ञापन के प्रस्ताव पर भी हुई तकरार
शहर सरकार ने सामान्य सभा में जीएसटी रिफार्म पर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए एक पत्र प्रेषित करने का प्रस्ताव लाया था। इस प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि जिस जीएसटी को आज कम करने की बात की जा रही है पहले इस बात का जवाब दें कि जीएसटी लागू किसने की थी ? क्या आज से 9 साल पहले लागू किया गया जीएसटी फार्मूला गलत था या फिर अब उसमें किये गये बदलाव में गलती है। नगर निगम के दुकान के किराये में भारी भरकम जीएसटी जोड़ कर वसूली की गई क्या वह रकम वापस होगी ? इस पर महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि जीएसटी कम करने से आम जनता को इसका लाभ मिलेगा। रायगढ़ की जनता को भी इस निर्णय से काफी राहत मिलेगी इसलिए धन्यवाद ज्ञापित किया जा रहा है। वहीं सलीम नियारिया ने कांग्रेस पार्षदों की ओर से प्रस्ताव पर अपना विरोध दर्ज कराया तथा बहुमत के आधार पर सभापति डिग्री लाल साहू ने प्रस्ताव पर स्वीकृति की मुहर लगा दी ।

प्रश्नकाल में कांग्रेस सहित भाजपा पार्षदों ने भी घेरा निगम प्रशासन को
प्रश्नकाल के लिए कांग्रेस व भाजपा पार्षदों ने कुल 27 सवाल लगाये थे, जिनमें से 16 प्रश्नों के जवाब सदन में प्रस्तुत किये गये। भाजपा पार्षद नारायण पटेल ने अधो संरचना मद की राशि दुसरे वार्ड में खर्च कर दिये जाने पर सवाल खड़े किया। नारायण पटेल ने जानना चाहा कि उनके वार्ड में विकास कार्य के लिए अधोसरंचना मद से राशि शासन से स्वीकृत हुई थी, लेकिन उसमें से पुरी राशि का काम नहीं कराया गया और बची हुई राशि को दुसरे वार्ड में काम करवा दिया गया। मद परिवर्तन किस नियम के तहत किया गया ? वहीं भाजपा पार्षद महेश शुक्ला ने अवैध कालोनियों का मुद्दा उठाते हुए कितनी कालोनी अवैध है इसकी जानकारी मांगी थी। निगम प्रशासन की ओर से उन्हें किरण बेरीवाल, गोकुलधाम, आशीर्वाद कालोनी, श्याम सुंदर कालोनी सहित पांच कालोनी अवैध होने की लिखित जानकारी दी गई थी।

इस पर पुरक प्रश्न करते हुए महेश शुक्ला ने पुछा कि अवैध घोषित करने के बाद इन अवैध कालोनियों के विरूद्ध क्या कार्रवाई हुई? इस पर कार्यपालन अभियंता श्री लोहिया ने बताया कि इन कालोनियों को नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा दी गई शर्तों का पालन करने पर नियमितीकरण कर दिया गया। इस जवाब पर श्री शुक्ला ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कालोनाईजर जमीन को टुकड़ों मेेंं बांटते हुए बेचता है और पटवारी बिक्री नकल देता है जिसके बाद रजिस्ट्री भी होती है बावजूद इसके नगर निगम उक्त मकान को अवैध घोषित कर देता है। ऐसे में आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है लिहाजा इस समस्या का निराकरण करना आवश्यक है।

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