Monday, January 19, 2026
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RPF पोस्ट में तड़के गोलियों की गूंज, आखिर क्या हुआ था कि एक आरक्षक ने साथी को गोलियों से छलनी कर दिया?

रायगढ़।  रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) पोस्ट रायगढ़ में आज तड़के एक बेहद दर्दनाक और चौंका देने वाली घटना घटी। सुबह करीब 4 बजे आरपीएफ कार्यालय के भीतर अचानक गोलियों की तेज आवाज गूंज उठी, जिससे आसपास के लोग सहम गए। जब तक अन्य सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुँचते, तब तक एक आरक्षक की गोली लगने से मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे शहर में शोक और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

घटना कैसे हुई

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरक्षक कुमार सिंह ने अपने ही साथी आरक्षक पी.के. मिश्रा पर सरकारी राइफल से लगातार चार राउंड फायर किया। गोलियां सीधे सिर पर लगने के कारण मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी पोस्ट के अंदर ड्यूटी ऑफिस कक्ष में हुई, जहाँ उस समय कुछ ही लोग मौजूद थे। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी के पास प्रतिक्रिया देने का समय नहीं था।

गोलियों की आवाज़ सुनते ही आसपास के कर्मचारी और स्थानीय लोग पोस्ट के बाहर जुटने लगे। तुरंत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में लिया।

आरोपी आरक्षक गिरफ्तार
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने आरोपी आरक्षक कुमार सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। हथियार भी उसके कब्जे से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और इसे विभाग के लिए अत्यंत दुखद बताया।

संभावित कारण
शुरुआती जांच और बयान के अनुसार, यह मामला व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों आरक्षकों के बीच पिछले कुछ समय से तनाव होने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने कहा है कि:

घटना का वास्तविक कारण सीसीटीवी, कॉल रेकॉर्ड और विभागीय बैठकों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

मामले की जांच और आगे की कार्रवाई
घटनास्थल की फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए।

पोस्ट के कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं।


आरोपी से पूछताछ जारी है कि गोली चलाने की प्रेरणा क्या थी, क्या कोई उकसावे की स्थिति थी।

पुलिस विभाग ने आरपीएफ पोस्ट में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और ड्यूटी सिस्टम में सुधार के संकेत दिए हैं।

शहर में आक्रोश और दुख
यह घटना रायगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि:

प्रशिक्षित सुरक्षा बलों के बीच इतना बड़ा विवाद कैसे बढ़ा?

क्या मानसिक तनाव या ड्यूटी प्रेशर इसका कारण हो सकता है?

क्या RPF में काउंसलिंग या वेलनेस सिस्टम की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है?

मृतक आरक्षक पी.के. मिश्रा के परिवार की स्थिति बेहद दुखद है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, परिवार को तुरंत सूचना देकर सहायता के उपाय किए जा रहे हैं।

विवाद और सस्पेंस के मुद्दे जिन पर जांच होगी
संभावित सवाल जांच फोकस
गोली चलाने की वजह क्या थी? व्यक्तिगत विवाद या मानसिक तनाव?
क्या पहले भी दोनों में विवाद हुआ था? विभागीय रिकॉर्ड की जांच
क्या घटना से पहले कोई विवादित बातचीत या झगड़ा हुआ? कॉल डेटा व बयान
हथियार का उपयोग नियमों के विपरीत तो नहीं हुआ? SOP जांच
क्या पोस्ट में सुरक्षा मानकों का पालन होता है? सुरक्षा ऑडिट

घटना का असर
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल में स्टाफ वेलनेस, ड्यूटी तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर नए सिरे से विचार की मांग उठी है। विशेषज्ञ इसे ड्यूटी तनाव से जुड़ी संभावित चेतावनी मान रहे हैं।
आम जनता व अधिकारियों की प्रतिक्रिया
कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा बलों को मनोवैज्ञानिक परामर्श और तनाव प्रबंधन की आवश्यकता है।

निष्कर्ष
रायगढ़ RPF पोस्ट में हुई यह गोलीबारी सिर्फ एक हत्या का मामला भर नहीं है। यह सुरक्षा बलों की कार्य-प्रणाली, तनाव प्रबंधन, और संगठनात्मक वातावरण से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच पूरी होने पर सामने आने वाले तथ्य कई चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर कर सकते हैं।

फिलहाल शहर के लोग शोक में हैं और पुलिस व प्रशासन पर साफ व निष्पक्ष जांच का भरोसा बनाए हुए हैं।

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