
रायगढ़। सरकारी गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का विवाह करने के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रम करती है। जोड़ों को कई उपहार भी मिलते हैं। दो सालों में रायगढ़ जिले में कन्या विवाह योजना में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल जोड़ों की संख्या कम हुई है। कोई भी सरकार हो, कन्या विवाह योजना उनकी प्राथमिकता सूची में रहता है। पिछले दो सालों में रायगढ़ जिले में 675 कन्याओं का विवाह किया जा चुका है।
इस दौरान अलग-अलग मदों में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें प्रति दंपत्ति 50 हजार रुपए अधिकतम खर्च करने का प्रावधान है। इसमें 7 हजार रुपए के उपहार, 35 हजार रुपए खाते में नकद और 8 हजार रुपए व्यवस्था में खर्च होते हैं। वर्ष 24-25 में 375 जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत किया गया। इसमें करीब 1.88 करोड़ रुपए व्यय किए गए। वर्ष 25-26 में अब तक 300 जोड़ों का विवाह हो चुका है, जिसमें डेढ़ करोड़ रुपए व्यय हुए हैं। पिछले साल की तुलना में 75 जोड़े कम हुए हैं।
उपहार सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
महिला एवं बाल विकास विभाग की इस योजना में उपहार सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। पहले भी दी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता खराब मिली थी तो अब विवाहिता के खाते में 35 हजार रुपए नकद भेजे जाने लगे हैं। केवल 7 हजार रुपए में सामग्री क्रय किया जा रहा है।
