Sunday, January 18, 2026
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छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा

पति-पत्नी को एक साथ बैठाकर कराई परीक्षा, फेल पटवारी को दिखा दिया पास, प्रमोशन घोटाले में 10 पर FIR, 2 गिरफ्तार, 18 से अधिक आरोपी रडार पर

छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने प्रमोशन परीक्षा में हुई अनियमितताओं और नकल सिंडिकेट के चलते 10 अधिकारी-कर्मचारियों पर FIR दर्ज कर ली है। इनमें से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि शेष 8 की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आई है और आगे और बड़ी कार्रवाई संभव है।

कैसे हुआ घोटाला?

जांच में सामने आया कि प्रमोशन परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनुचित और आपराधिक तरीके अपनाए गए। कई परीक्षा केंद्रों पर:

पति-पत्नी और भाई-भाई को पास-पास बैठाया गया, ताकि नकल कराई जा सके।

फेल हुए उम्मीदवार को बाद में मार्क्स बदलकर पास दिखाया गया।

चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने डाटा में हेरफेर और रिजल्ट में बदलाव किया गया।

EOW की मानें तो एक बड़े नेटवर्क ने पटवारियों को राजस्व निरीक्षक पद पर प्रमोशन दिलाने के लिए साजिश कर परीक्षा परिणाम में हेराफेरी की। यह खेल पिछले कई महीनों से चल रहा था और शिकायत होने के बाद जांच को तेज किया गया।

EOW की बड़ी कार्रवाई
19 नवंबर को EOW की टीम ने 7 जिलों में 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें:

सरकारी दफ्तर,

अधिकारियों के निवास,

कंप्यूटर सिस्टम,

मोबाइल व डिजिटल डाटा


की गहन जांच की गई। छापे के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल चैट, डिजिटल रिकॉर्ड, हस्तलिखित पर्चियां और प्रश्न-उत्तर की कॉपियां बरामद की गईं। इन्हीं सबूतों के आधार पर एजेंसी ने एफआईआर दर्ज की।

इन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपियों पर रिजल्ट में हेराफेरी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्‍यंत्र, पद का दुरुपयोग व फर्जी तरीके अपनाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

मामले में शामिल अधिकारी-कर्मचारी
नाम पद स्थिति
प्रेमलता पद्माकर तत्कालीन आयुक्त (सांख्यिकी) आरोपी
हरमन टोप्पो सहायक आयुक्त आरोपी
वीरेंद्र जाटव सहायक अधिकारी गिरफ्तार
हेमंत कौशिक कर्मचारी गिरफ्तार
आशीष प्रकाश ब्रजपाल क्लर्क आरोपी
रामाज्ञा यादव मानचित्रकार आरोपी
लीला देवांगन राजस्व निरीक्षक आरोपी
ईश्वर लाल ठाकुर बाबू आरोपी
जयंत यादव कर्मचारी आरोपी
राकेश डड़सेना प्यून आरोपी
सूत्रों का कहना है कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अभी भी जांच में है और जल्द ही दूसरा चरण की कार्रवाई हो सकती है।

सबसे चौंकाने वाले तथ्य
पति-पत्नी व रिश्तेदारों को एक ही हॉल में बैठाकर नकल कराई गई।


फेल उम्मीदवार को सिस्टम बदलकर पास दिखाया गया।

मार्क्स दर्ज करने वाली टीम और रिजल्ट तैयार करने वाले अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई।

एक संगठित नेटवर्क द्वारा पैसे के बदले प्रमोशन दिलाने की आशंका भी जताई जा रही है।

पटवारी संघ भी आया सामने
पटवारी संघ के नेतृत्व में घोटाले की शिकायत सरकार तक पहुंचाई गई थी। उसके बाद ही:

शासन ने जांच के आदेश दिए

EOW ने कार्रवाई शुरू की

सबूतों के आधार पर FIR दर्ज की गई

क्या बोले EOW अधिकारी?

EOW प्रभारी ने बताया:

“यह गंभीर स्तर पर हुई परीक्षा में गड़बड़ी का मामला है। दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

अगली कार्रवाई
आरोपियों की आर्थिक संपत्ति की भी जांच होगी,

मोबाइल-लैपटॉप डेटा रिकवरी की प्रक्रिया जारी,

परीक्षा नियंत्रक और तकनीकी टीम की भूमिका की भी समीक्षा।

इस घोटाले के प्रभाव
प्रमोशन का इंतजार कर रहे ईमानदार कर्मचारियों में रोष।


परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल।

भविष्य में ऑनलाइन-सीसीटीवी आधारित परीक्षा लागू करने की मांग।

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