रायगढ़। रायगढ़ नगर निगम में एक कांग्रेसी पार्षद और एमआईसी सदस्य की नाराज़गी ज़ाहिर होते ही भाजपा ने महापौर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का बिगुल फूंक दिया।बैठक हुई चर्चा की गई और कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा को विधिवत पत्र भी सौंपा गया।जहां कलेक्टर ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 15 सितंबर को नगर निगम में सम्मेलन की तिथि तय कर दी हालांकि संख्याबल के आधार पर यह प्रस्ताव विफलता के द्वार पर पहले ही खड़ा था लेकिन भाजपा द्वारा कोरम पूरा करने कुछ कांग्रेस पार्षदों के समर्थन की बात प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई थी। जहां तय समय और तिथि के अनुसार 15 सितंबर को भाजपा को अपने प्रस्ताव पर 11 बजे से 11:15 तक चर्चा करनी थी लेकिन 15 कांग्रेसी पार्षदी का दल तो पहले ही महापौर और सभापति के साथ रवाना हो चुका था इसके अलावा अन्य कोई कांग्रेसी पार्षद भी भाजपा के इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने नहीं पहुंचा यहां तक कि भाजपा के 18 पार्षद पहुंचे और बाकी तीन पार्षद नहीं पहुंचे,जिससे महापौर के विरुद्ध लाया जाने वाला अविश्वास प्रस्ताव कोरम पूरा ना होने की स्थिति में स्वतः ही ध्वस्त हो गया उल्टा कांग्रेस ने भाजपा खेमे से एक विकेट गिराते हुए वार्ड नं 34 की पार्षद पुष्पा निरंजन साहू को अपने खेमे में शामिल कर लिया।
क्या कहती हैं महापौर जानकी काटजू:- हमने पहले ही कहा था कि संगठन में थोड़े बहुत मन मुटाव होते ही रहते हैं लेकिन हमारी पार्टी के कोई भी पार्षद पार्टी के विरुद्ध नहीं जायेंगे।संगठन में पहले भी एकता थी और आज भी यह एकता बरकरार है।साथ ही मैं सहयोग करने के लिए अपने संगठन के सभी पार्षदों का धन्यवाद देना चाहूंगी।
