
बिना पहुंच मार्ग के खेत में कॉम्प्लेक्स बनाने की अनुमति
रायगढ़। मेन रोड से जमीन तक जाने का कोई पहुंच मार्ग राजस्व अभिलेखों में नहीं है। डायवर्सन हुआ नहीं था। इसके बावजूद उप संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने कमर्शियल निर्माण की अनुमति दे दी। जो शर्तें रखी गई थी, वे भी पूरी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि नगर तथा ग्राम निवेश रायगढ़ कार्यालय में सांठगांठ करके अनुमति ली गई। कृषि भूमि पर कमर्शियल निर्माण करने के लिए नियम तय किए गए हैं। जमीन का डायवर्सन होना चाहिए, भूमि का पहुंच मार्ग होना चाहिए। इसके बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अनुमति नहीं देता, लेकिन पंचधार में रुपेश मेहर की भूमि खनं 1038/5 रकबा 0.1980 हे और खनं 1038/6 रकबा 0.1330 हे. पर कमर्शियल
निर्माण की अनुमति उप संचालक केएस कंवर ने 4 जून 2025 को दी थी। भूमि की चतुर्सीमा से स्पष्ट है कि दो दिशाओं में दूसरे की भूमि, एक ओर शासकीय कोटवारी भूमि और एक ओर गांव की सीमा है। मजे की बात यह है कि नगर तथा ग्राम निवेश रायगढ़ से कमर्शियल निर्माण की अनुमति के बाद 28 जुलाई 2025 को एसडीएम सारंगढ़ ने डायवर्सन आवेदन खारिज कर दिया था। कोटवारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले रुपेश मेहर ने एसडीएम के समक्ष खनं 1038/5 रकबा 0.1980 हे और खनं 1038/6 रकबा 0.1330 हे. के डायवर्सन के लिए आवेदन किया था। पटवारी प्रतिवेदन में बताया गया था कि उक्त भूमि तक पहुंचने के लिए कोई मार्ग राजस्व अभिलेखों में नहीं है।
कैसे दी विकास अनुज्ञा
उप संचालक केएस कंवर ने उक्त भूमि पर व्यावसायिक निर्माण करने की अनुमति दी थी। इसमें कहा गया है कि आवश्यक हो तो राजस्व विभाग से व्यपवर्तन कराएं। प्रति सौ वर्गमीटर में एक वृक्ष की दर से वृक्षारोपण करना होगा। सीमांकन करवाकर अभिन्यास का सत्यापन कराना होगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी करना होगा। बिंदु क्रमांक 17 में कहा गया है कि निजी भूमि स्वामित्व के बाहर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए, लेकिन अनुमति मिलने के बाद डायवर्सन खारिज हो गया और इधर निर्माण कर लिया गया। रुपेश मेहर ने कोटवारी जमीन पर कब्जा करके रोड बना ली है। अपनी जमीन पर लंबा-चौड़ा गोदाम का निर्माण किया है। इसमें आरआर स्टील के नाम से फर्म भी खोली है।
