रायगढ़। एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए पालकों को बाध्य करने के मामले में कार्मेल स्कूल की मुश्किलें बढ़ सकती है। इस बात की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन से शिक्षा विभाग ने जवाब-तलब किया था, वहीं विभागीय जांच भी कराई गई है। जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को शाला अनुश्रवण समिति के समक्ष रखा था। बैठक में समिति के सदस्यों के अलावा स्कूल प्रबंधन व शिकायतकर्ता भी उपस्थित थे। वहीं प्रबंधन के गोलमोल जवाब व जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति मान्यता रद्द करने की अनुशंसा करने की अनुशंसा करने की बात सामने आ रही है। हर वर्ष नया सिलेबस लाने व एक ही दुकान से किताब खरीदने के लिए पालकों को बाध्य करने का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व युवा नेता अंशु टुटेजा ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच की मांग की थी। वहीं इस शिकायत पर शिक्षा विभाग की ओर से कार्मेल स्कूल के विरूद्ध मिली शिकायत की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान सिंधु बुक डिपो से ही किताब खरीदने का निर्देश स्कूल की ओर से पालकों को दिया गया है और किताबों की सूची पर भी दुकान का नाम अंकित है। इस प्रकार शिकायत सही पाये जाने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया गया था।बताया जा रहा है कि पहले तो प्रबंधन ने किसी एक दुकान से किताब खरीदने की शिकायत को गलत बताया था और कहा था कि हमने स्कूल के सूचना पटल पर भी नोटिस चस्पा भी किया है कि पालक किसी भी दुकान से किताब खरीद सकते हैं। वहीं जांच रिपोर्ट व स्कूल प्रबंधन के बयान में विरोधाभास होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला अनुश्रवण समिति की बैठक बुलवाकर मामले को समिति के समक्ष रखा था। हालांकि बैठक में क्या निर्णय हुआ इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो अनुश्रवण समिति की बैठक में समिति के सदस्यों के अलावा स्कूल प्रबंधन व शिकायतकर्ता को भी बुलवाया गया था।वहीं बैठक के दौरान स्कूल प्रबंधन ने पालकों को मौखिक रूप से उक्त दुकान से किताब लेने सुझाव मात्र देने की बात स्वीकार की परंतु प्रबंधन का कहना था कि हमने केवल सुझाव मात्र दिया था। किसी एक ही दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया है। वहीं उभय पक्षों की सुनवाई और जांच रिपोर्ट में एक ही दुकान से शिक्षण सामग्री लेने के लिए बाध्य करने की बात सामने आने पर समिति के सदस्यों ने कहा कि सिलेबस बदलने व एक ही दुकान से किताब खरीदने के लिए मजबुर करने पर क्यों न स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की जाए। शिक्षा विभाग जारी करेगा नोटिसएक ही दुकान से किताब लेने के लिए बाध्य करने के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर सकता है। वहीं दूसरी ओर विभाग की ओर से दुकानदार को भी नोटिस देकर विस्तृत जानकारी लेने की बात सामने आ रही है। दुकानदार से नोटिस देकर जवाब तलब किया जायेगा । अब तक कितने विद्यार्थियों को उसने किताबें बेची है और उस पर कितनी छुट दी गई है। वहीं बेची गई किताबों का पक्का बिल दिया गया है अथवा नहीं, सहित अन्य बातों को जवाब भी दुकानदार से लिया जायेगा। निजी स्कूलों की जांच के लिए नहीं हो पाया टीम का गठन केवल कार्मेल स्कूल ही नहीं कमोबेश सभी निजी स्कूल में एक बुक डिपो से कमीशन तय कर पालकों को उससे किताब लेने के लिए बाध्य करने का खेल चल रहा है। ऐसा नहीं है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी होने के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई निजी स्कूलों पर नहीं की जाती है। पिछले दिनों कार्मेल स्कूल में पालकों को दिये गये सिलेबस की सूची में ही किताब दुकान का नाम प्रिंट कर पालकों को थमा दिया गया था। इस मुद्दे के तूल पकडऩे के बाद शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों की जांच के लिए टीम गठित करने की बात कही थी, लेकिन आज पर्यंत टीम का गठन नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि टीम गठन करने जांच कराने अनुमति के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है जैसे ही अनुमति मिलती है टीम गठित कर जांच करवाई जावेगी।
