
रायगढ़। जिले के प्रशासनिक हलके में तहसीलदारों की पोस्टिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। किसी को एक साथ तीन-तीन प्रभार मिल रहे हैं तो कोई चंद घंटों में अपनी पोस्टिंग में बदलाव करवा रहा है। रायगढ़ में तहसीलदारों का जमावड़ा हो गया है तो खरसिया में नियमित तहसीलदार ही नहीं है। वहीं धरमजयगढ़ में एक नए अधिकारी को उप पंजीयक और नायब तहसीलदार मिलाकर तीन प्रभार मिल गए हैं। रायगढ़ जिले में अचानक से तहसीलों की पदस्थापनाओं में भगदड़ जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसा लगने लगा है कि पोस्टिंग में तहसीलदार अपने हिसाब से बदलाव कराने लगे हैं।
कापू तहसील को ही लें तो यहां भाजपा नेताओं की शिकायत और स्थानीय लोगों में नाराजगी के कारण नायब तहसीलदार उज्जवल पांडे को हटाकर भू-अभिलेख शाखा रायगढ़ में पोस्टिंग दी गई। शुक्रवार को यह आदेश जारी हुआ। इसके पहले वे रायगढ़ ज्वाइन करते, सोमवार को उनकी पदस्थापना नायब तहसीलदार लैलूंगा कर दी गई। रायगढ़ में भी जबर्दस्त घमासान मचा हुआ है। आंगनबाड़ी भवन तुड़वाने के मामले में निलंबित तहसीलदार नेहा उपाध्याय और संदीप राजपूत को बहाल कर दिया गया है। दोनों की पोस्टिंग रायगढ़ तहसील में कर दी गई है, जहां इतनी सीटें या न्यायालय ही नहीं हैं। संदीप राजपूत की पदस्थापना खरसिया में थी।
अब देखिए कि खरसिया तहसील कार्यालय में वेतन निकालने का काम कोई नियमित तहसीलदार ही कर सकता है। अभी नायब तहसीलदार को प्रभार दिया गया गया है लेकिन आहरण एवं संवितरण का अधिकार धरमजयगढ़ अनुविभाग के छाल तहसील के तहसीलदार लोमस मिरी को दिया गया है। मतलब खरसिया का वेतन छाल का अधिकारी निकालेगा। संदीप राजपूत रायगढ़ पदस्थ हैं, लेकिन उनका वेतन खरसिया तहसीलदार के नाम से निकल रहा है जो रिक्त है। इसे छाल तहसीलदार जारी कर रहे हैं।
उप पंजीयक भी मैं और नायब तहसीलदार भी!
पोस्टिंग के इस उलझे जाल में धरमजयगढ़ और कापू की कहानी गजब है। धरमजयगढ़ में नायब तहसीलदार उन्मेश पटेल सबसे काबिल अधिकारी हैं। उनको नायब तहसीलदार धरमजयगढ़ के साथ उप पंजीयक का भी प्रभार दिया गया है। इन दिनों वे रजिस्ट्रियां भी कर रहे हैं। उज्ज्वल पांडे के हटने के बाद उनको कापू नायब तहसीलदार का भी प्रभार दिया गया है।
