जल संसाधन विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर दी वस्तुस्थिति की जानकारी
रायगढ़, 4 सितंबर। यंगटी इंटरप्राइजेस के क्वार्ट्जाइट खदान की वजह से टीपाखोल डैम को खतरा हो गया है। डुबान क्षेत्र के नजदीक खनन क्रिया की जा रही है। इस संबंध में विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति की जानकारी दी है। रायगढ़ जिले में लाइमस्टोन, कोयला के अलावा क्वाट्र्जाइट की भी खदानें हैं। रायगढ़ तहसील के टीपाखोल में यंगटी इंटरप्राइजेस को 50 साल के लिए खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है। खसरा नंबर 108/1 रकबा 6.175 हे. भूमि पर लीज स्वीकृत की गई है। यह भूमि जल संसाधन विभाग के टीपाखोल डैम के पास ही है।डैम का डुबान क्षेत्र खदान से सटा हुआ है। ऐसे में खनन की वजह से डैम को नुकसान होने की आशंका है। बीते दिनों जल संसाधन विभाग की टीम ने टीपाखोल डैम का निरीक्षण किया था।मौके पर डुबान क्षेत्र के समीप ही खनन करना पाया गया। यंगटी इंटरप्राइजेस को 2003 से 2053 तक लीज मिली है। इसके बाद एसडीओ ने ईई जल संसाधन सुशील गुप्ता को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस विषय पर जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि यंगटी इंटरप्राइजेस ने अगर पूरे क्षेत्र में खनन किया तो डैम का पानी उधर भी बह सकता है। डैम को नुकसान भी पहुंच सकता है। पत्र में कहा गया है कि खनन की वजह से डैम में सीपेज और क्षति पहुंचने की संभावना है। इसलिए डैम के पास खनन रोकने कार्रवाई की जाए।कैचमेंट एरिया से कम आता है पानीटीपाखोल डैम में पानी जिस कैचमेंट एरिया से आता है, उसी तरफ खनन हो रहा है। क्वाट्र्जाइट खनन के कारण वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। डैम में पानी इसलिए भी कम आता है क्योंकि यह खदान के गड्ढों में रुक जाता है। डैम के इतने पास खनन के लिए अनुमति देने पर भी सवाल उठ रहे हैं।