Home रायगढ़ जल जीवन मिशन का ऑडिट जारी, जल्द आएगी जांच टीम

जल जीवन मिशन का ऑडिट जारी, जल्द आएगी जांच टीम

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347 गांवों में काम पूरा, लेकिन 166 को ही मिला सर्टिफिकेट, नौसिखिए ठेकेदारों ने डुबोया योजना को
  रायगढ़। हर घर तक नल के जरिए साफ पानी पहुंचाने की योजना रायगढ़ में बेपटरी हो गई है। प्रदेश के तीन जिलों में केंद्र की टीम जांच करने आने वाली है। उससे पहले ही एक टीम ऑडिट कर रही है। जिले कुल 1345 गांवों में से 347 ही पूरे हो सके हैं। इनमें से 166 को ही हर घर जल सर्टिपिॅकेट मिल पाया है। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में टंकी से प्रत्येक घर तक नल से पानी आपूर्ति की जानी है। गांव में ही उपयुक्त जमीन पर टंकी निर्माण और बोरवेल खनन होना था। वहां से प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के जरिए पानी सप्लाई होनी है। लापरवाह मॉनिटरिंग, ठेकेदारों की मनमानी, गुणवत्ताहीन काम की वजह से रायगढ़ जिले में योजना पिछड़ गई है। सिंगल विलेज के 1345 और मल्टीविलेज के तीन कुल 1348 प्रोजेक्ट शुरू किए गए थे।

सिंगल विलेज के 347 कार्य पूर्ण बताए जा रहे हैं। जबकि मल्टीविलेज योजनाएं अभी 50 प्रश लक्ष्य हासिल कर सकी हैं। सिंगल विलेज प्रोजेक्ट में 1345 गांवों में से 998 में काम अधूरा है। इसे रिकॉर्ड में पूरा तभी माना जाता है जब विभाग इसे हर घर जल सर्टिफिकेट देता है। इस मामले में 166 को ही हर घर जल प्रमाण पत्र मिल पाया है। बाकी का परीक्षण जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने सौ टीमें गठित कर देश के चुनिंदा जिलों में जांच के आदेश दिए हैं। अफसोस की बात है कि रायगढ़ जिला भी इसमें शुमार है। केंद्र की एक टीम सोमवार से रायगढ़ पहुंचकर योजना का ऑडिट कर रही है। दस्तावेजी पड़ताल कर यह देखा जा रहा है कि फंड का इस्तेमाल सही तरीके से किया गया या नहीं। इसके बाद एक टीम स्थल निरीक्षण करने आएगी। जो जिले में कम से कम दो प्रोजेक्ट का निरीक्षण करेगी।

      गलत ठेकेदारों का चयन
जल जीवन मिशन की शुरुआत जब छग में हुई तो टेंडर प्रक्रिया में ही विवाद हो गया। कई ठेकेदारों ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार से कहा कि लोकल ठेकेदारों के बजाय बाहरियों को महत्व दिया जा रहा है। कई टेंडर रद्द हो गए। जब दोबारा टेंडर हुए तो कई नौसिखिए ठेकेदारों को काम मिल गया। इनकी वजह से गुणवत्ताहीन काम होने लगे। निविदा होने में देरी, मानव संसाधन की कमी, सामग्री की अनुपलब्धता, टंकी निर्माण के लिए स्थल चयन में देरी, स्रोत असफल होना आदि के कारण भी योजना पिछड़ गई।
    मल्टी विलेज प्रोजेक्ट देर से प्रारंभ
रायगढ़ जिले में तीन समूह जल प्रदाय योजना हैं। भेलवाटिकरा-संबलपुरी योजना में 29 गांव, कलमा-कोंड़ातराई योजना में 48 गांव और तमनार समूह में 54 गांवों को रखा गया है। तीनों को मिलाकर 37616 घरों में नल कनेक्शन दिए जाने हैं। तीनों की डेडलाइन दिसंबर 2025 है। कोंड़ातराई योजना को 65 प्रश पूरा बताया जा रहा है जबकि बाकी दोनों 50 प्रश से कम हैं।

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