
विशेष सम्मेलन में कांग्रेसियों की आपत्ति के साथ 5 एजेंडों को मिली स्वीकृति
रायगढ़। नगर निगम ने बुधवार को विशेष सम्मेलन में कांग्रेसी पार्षदों की आपत्ति के साथ 5 प्रस्तावों को बहुमत से स्वीकृत कर दिया है। साढे 22 करोड से बनने वाली केवडाबाड़ी चौक मरीन ड्राइव सड़क के लिए होने वाले विस्थापन और ढिमरापुर रोड को जिंदल द्वारा बनाए जाने के प्रस्ताव पर सदन में काफी हंगामा मचा और आखिरकार महापौर के आश्वासन और वादों के बाद इसे मंजूरी मिली सकी।
नगर निगम के साधारण सम्मेलन की बैठक में केवड़ाबाडी चौक से मरीन ड्राईव तक केनाल लिंक रोड निर्माण हेतु 22.55 करोड़ की स्वीकृति हेतु जैसे ही प्रस्ताव आया विपक्ष के पार्षदों जयंत ठेठवार और नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने इसका विरोध किया और कहा कि इसमें होने वाले विस्थापन के लिए कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। शहर सरकार वहां पर भी प्रगति नगर की तरह तबाही मचाने वाली है। जिस पर महापौर ने जवाबी हमला बोला और वहां पर सभी विस्थापितों को हमारे द्वारा बसाया गया है। आप लोग फोटो खींचवाकर राजनीति कर रहे हो। आज तक वहां के किसी निवासी ने इस पर शिकायत नहीं की है। कांग्रेसी पार्षदों के आरोपों के बाद महापौर ने वादा किया कि केनाल लिंक रोड के लिए अगर कोई विस्थापित हुआ तो सबको बसाया जाएगा।
वहीं बैठक में एजेंडा क्रमांक 3 में शहर सरकार पर जिंदल के नामकरण के लिये चुपके से दबाव में स्वीकृति देने का आरोप लगाते हुए इस प्रस्ताव का विरोध किया। वरिष्ठ पार्षद जयंत ठेठवार व सलीम नियारिया का आरोप था कि परिषद को नामकरण को निरस्त करके शासन को स्मरण पत्र फिर से भेजना चाहिए था। जिंदल ने एक पाई खर्च नहीं की तो आप वहां पर करोड़ों रूपए खर्च कर नाली बना रहे हैं। अक्टूबर महीने में जिंदल का नाम शहर से हटाने का प्रस्ताव जाने के बाद कंपनी के अफसर जागे और अब निर्माण व मरम्मत की बात कह रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सड़क व डिवाइडर की मरम्मत करवा दी तो आपके द्वारा भविष्य में उनका नामकरण फिर से कर दिया जाएगा और सदन चुपचाप देखती रहेगी। जिसके बाद महापौर ने वादा किया कि इस संबंध में उनके द्वारा नामकरण किए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा।
महिला आरक्षण बिल याद दिला भाजपाईयों ने बांधी काली पट्टी
बैठक के दौरान पांचवें प्रस्ताव में महिला सशक्तिकरण के लिए जनजागरूकता अभियान शुरू करने पर चर्चा हुई। इसमें तय किया गया कि सामान्य सभा में संकल्प पारित कर राज्य सरकार को पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान महिला आरक्षण बिल के विरोध को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बहस हो गई। भाजपा के पार्षदों ने काली पट्टी लगाकर अपना विरोध जताया। सम्मेलन में भाजपा की महिला पार्षदों ने भी अपनी बात रखी। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चलाई गई हैं, उनकी जानकारी दी जाए। विपक्षी पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताई और हंगामा हुआ।
आयुक्त ने महापौर व नेता प्रतिपक्ष से की गुफ्तगू
सदस्य एजेंडें में मटन मार्केट को शिफ्ट किए जाने पर चर्चा शुरू हुई। केवड़ाबाड़ी चौक पर संचालित मटन मार्केट को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए कोतरा रोड आरओबी के नीचे, भगवानपुर एसएलआरएम के पास और बड़े रामपुर आशीर्वादपुरम एसएलआरएम के पास और उर्दना विकल्प सुझाए गए। तो यहां पर भी कांग्रेसी पार्षदों ने नई चिन्हित जगहों पर आपत्ति जताई। इसके बाद आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने मोर्चा संभाला और सदन की कार्यवाही के दौरान ही वे अपनी कुर्सी से नीचे उतरकर पहले महापौर जीवर्धन से गुफ्तगू करने लगे और फिर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया के पास आकर भी गुफ्तगू की। इसके बाद दोनों खेमों से इस एजेंडे पर आम सहमति बनी और एक टीम बनाकर मटन मार्केट के लिए शहर में नई जगह खोजने का एलान किया गया।
जयंत के सवालों की गुगली से निरूत्तर हुआ निगम प्रशासन
बैठक के दौरान पूर्व सभापति जयंत ठेठवार ने अपने अनुभव और कायदे कानून का जिक्र करते हुए सवालों की ऐसी गुगली फेकी कि उसका जवाब आयुक्त, महापौर या ईई भी नहीं दे सके। जयंत ने कहा कि पूर्व में सदन से जिंदल को नामकरण की अनुमति ढिमरापुर रोड के लिए आवश्यक मरम्मत, निर्माण, सौंदीरण नियमित रूप से करने की शर्तों के साथ दी गई थी। अब कई सालों से कंपनी ने एक पाई खर्च नहीं की। ऐसे में अब नगर निगम वहां पर करीब 3 करोड़ खर्च कर नाला बना रहा है। ऐसे में जब सरकार ने वहां पर पैसे खर्च कर दिए हैं तो जिंदल का नामकरण स्वयमेव ही निरस्त कर दिया जाना चाहिए। उसके लिए शासन से अनुमति की आवश्यकता नहीं है। जयंत के इन तकों का कोई जवाब नहीं दे सका।