फ्लाइंग स्क्वाड को इन वाहनों के जांच के दिए गए निर्देश
ओ.पी. जिंदल स्कूल की 11 बसों की हुई जांच, खामियां मिलने पर लगा 55 हजार जुर्माना
रायगढ़ ।रायगढ़ में जिला परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 106 स्कूल वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ये वाहन परिवहन विभाग द्वारा लगाए गए कैंप में जांच के लिए नहीं पहुंचे थे। बार बार की सूचना और नोटिस के बाद भी वाहन संचालकों द्वारा जांच नहीं कराए जाने पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला परिवहन अधिकारी श्री अमित प्रकाश कश्यप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कमिटी द्वारा निर्धारित स्कूल बस के लिए 16 बिंदुओं के अंतर्गत जांच होती है। इसके लिए जिला परिवहन विभाग द्वारा 21 और 22 जून और 29 जून को शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में कैम्प का आयोजन किया गया था। जिसमे अनुपस्थित स्कूल बसों को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन उसके बाद भी ये वाहन जांच के लिए नहीं पहुंचे। इसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए सभी अनुपस्थित 106 स्कूल बस को वाहन परिवहन पोर्टल में ब्लैकलिस्ट किया गया है और उडऩदस्ता को इनकी सूची देते हुए जांच के लिए निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार सभी स्कूल बसों की नियमित जांच की जा रही है। 26 जुलाई को ओ.पी.जिंदल स्कूल और जिंदल यूनिवर्सिटी की बसो की जाँच की गई। जिनमें 11 बसों में मानकों के हिसाब से खामियां मिली। जिस पर 55 हजार रूपये का जुर्माना लगाते हुए स्कूल प्रबंधन को वाहनों के अपेक्षित सुधार के लिए निर्देशित किया गया है। गौरतलब है कि स्कूली बसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 16 बिंदुओं में सख्त दिशा-निर्देश दिए हुए हैं। जिनमें बस का रख-रखाव, आवश्यक सुविधाएं ड्राइवर की योग्यता जैसे महत्वपूर्ण पक्ष हैं, जिनका उद्देश्य बस से सफर करने वाले स्कूली छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रायगढ़। मंगलवार की सुबह महापौर श्री जीवर्धन चौहान की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में शहर के 11 करोड़ 41 लख रुपए से ज्यादा के विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। सबसे पहले राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना अंतर्गत आए आवेदनों पर चर्चा करते हुए 13 पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की स्वीकृति दी गई।इसी तरह इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा पेंशन योजना के 19 पात्र हितग्राहियों के पेंशन की स्वीकृति दी गई। जल एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत 102 प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए प्राप्त निविदा पर चर्चा की गई। इसमें न्यूनतम दर को स्वीकृत किया गया। कार्य की लागत एक करोड़ 65 लाख 10 हजार रुपए है, जिसमें 3.75 एबो दर को स्वीकृति दी गई। इसी तरह लोक निर्माण विभाग उप संभाग रायगढ़ द्वारा ढिमरापुर चौक से कोतरा रोड थाना तक सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली है, जिसमें जल आपूर्ति के लिए बिछाए गए पाइपलाइन का विस्थापन, फीडर एवं डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 5 करोड़ 66 लाख रुपए के स्टीमेट को स्वीकृत किया गया। इसी तरह ढिमरापुर चौक से पतरापाली जिंदल मार्ग, उर्दना चौक से सर्किट हाउस चौक तक, रायगढ़ कोतरा नंदेली मार्ग, रायगढ़ लाइंग महापल्ली मार्ग, टीवी टावर से मेडिकल कॉलेज सड़क का लोक निर्माण विभाग रायगढ़ संभाग द्वारा चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसमें जल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन विस्थापन के कार्यों के स्टीमेट को स्वीकृत किया गया।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 19 में 20 लाख लीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक एवं फीडर लाइन डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने के लिए 86 लाख 28 हजार रुपए के स्टीमेट को स्वीकृत किया गया। नगर पालिका निगम अंतर्गत स्ट्रीट लाइट मरम्मत संधारण के लिए विभिन्न वाट के एलईडी लाइट, एल्युमिनियम वायर, एक एवं तीन फेस टाइमर आदि के लिए एक करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रिक्त 2 गोदाम एवं चार दुकानों का आवंटन हेतु ऑफर दर आमंत्रण को स्वीकृत किया गया। निगम क्षेत्र के अंतर्गत आवश्यकता को देखते हुए विभिन्न मरम्मत, संधारण, सौंदर्यीकरण कार्य, उद्यान विकास कार्य, आदर्श मुक्तिधाम निर्माण कार्य, शहर के कुओं का जीणोद्धार, पाइपलाइन, सीवर लाइन शिफ्टिंग, ऑक्सीजोन निर्माण जैसे 12 कार्यों को स्वीकृति दी गई। इसी तरह निगम के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम में टेंट, कुर्सी, माइक, लाइट आदि को स्वीकृत दर पर कार्य कराए जाने की सहमति दी गई। केलो विहार कयाघाट मार्ग के केलो नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एक करोड़ 27 लाख से होगा। इसके रेखण में वाटर सप्लाई, सीवरेज पाइप लाइन, विद्युत पोल शिफ्टिंग एवं अन्य संरचना को विस्थापित करने संबंधित एजेंडा को स्वीकृत किया गया। इसी तरह आर्किटेक्ट, इंजीनियरिंग, स्ट्रक्चर और इससे रिलेटेड सर्विस संबंधित कार्य को स्वीकृत किया गया। 48 लाख की लागत से छाता मुड़ा में रोड से बस्ती तक सड़क निर्माण को की स्वीकृति दी गई। इसी तरह विभिन्न स्थल परिवर्तन कर 23 लाख रुपए से ज्यादा के सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई। बैठक में एजेंडा से संबंधित पूर्ण जानकारी कमिश्नर श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने दिए। बैठक में एमआईसी सदस्य श्री पंकज कंकरवाल, श्री अशोक यादव, श्री मुक्तिनाथ बबुआ, श्रीमती पूनम सोलंकी, श्रीमती त्रिवेणी डहरे, श्री अमित शर्मा, श्री आनंद भगत, उपायुक्त श्री सुतीक्षण यादव, कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया सहित विभाग प्रमुख अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
सफल होने के लिए चढ़ना पड़ेगा परिश्रम की सीढ़ी : रामचंद्र शर्मा
रायगढ़ । शहर के प्रसिद्ध शिक्षाविद और समाजसेवी रामचंद्र शर्मा द्वारा सरकारी स्कूल के बच्चों को मोटिवेट कर ड्रेस वितरण किया गया |ज्ञात हो कि गेजामुडा पूर्व माध्यमिक शाला के बाद जोरापाली प्राथमिक शाला के छात्रों को रायगढ़ के शिक्षाविद समाजसेवी रामचंद्र शर्मा के द्वारा स्कूल यूनिफार्म वितरण किया गया है। गणवेश वितरण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार 29 जुलाई के दोपहर को किया गया। इस अवसर पर छात्रों को मोटिवेट करते हुए रामचंद्र शर्मा ने बताया कि आपको जीवन में सफल होने के लिए परिश्रम की सीढ़ी चढ़ना पड़ेगा तभी आप अपने जीवन में सफल हो पाएंगे। सामाजिक सशक्तिकरण के लिए शिक्षा जरूरी है इसीलिए सभी बच्चे अपने पढ़ाई पर ध्यान दें, और गुरु आज्ञा का पालन करें। शिक्षा से ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन तथा समाज में बदलाव लाया जा सकता है। विदित हो कि इससे पहले गेजामुडा पूर्व माध्यमिक शाला के लगभग 100 बच्चों को रामचंद्र शर्मा के द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म वितरण किया जा चुका है अब मंगलवार को जोरापाली प्राथमिक शाला के छात्रों को लगभग 50 स्कूल ड्रेस वितरण किया गया। जोरापाली में आयोजित इस गणवेश वितरण कार्यक्रम में शिक्षक आशीष रंगारी, श्रीमती शबाना खातून, श्री नायक सर , नवनिर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल, सदस्य अनिल प्रधान, संस्कार पब्लिक स्कूल के स्टोर इंचार्ज रमेश यादव सहित अन्य सहयोगी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं ने किया गुलाब भेंट जोरापाली प्राथमिक शाला के छात्र छात्राएं नए गणवेश मिलने की खबर से ही उत्साहित थे। छोटे-छोटे छात्रों और शिक्षकों ने स्कूल परिसर में समाजसेवी शिक्षाविद रामचंद्र शर्मा और अन्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर स्कूल के छात्राओं ने रामचंद्र शर्मा को गुलाब भेंट कर उनका सम्मान किया है।
सतत विकास और संसाधनों का ज़िम्मेदाराना उपयोग, वैश्विक स्तर पर तेज़ी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है, जब से जल उपलब्धता स्थिरता पहलों में एक प्रमुख चिंता का विषय बन गई है। उत्पादों और सेवाओं के निर्माण, वितरण और उपभोग के जल पदचिह्न उनके विशिष्ट जल उपभोग के आधार पर होते हैं। जल उपयोग के जोखिम और मुद्दे वैश्विक स्तर पर लगभग हर व्यक्ति और उद्यम को प्रभावित करते हैं। यदि जल अनुप्रयोग, संरक्षण और प्रबंधन में सुधार नहीं हुआ तो 2030 तक पीने योग्य पानी की 40% कमी हो सकती है
[1]। भारतीय कंपनियों ने अपने स्थिरता पहलों में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। परिचालन क्षेत्रों में जल संसाधनों के महत्व और उनके द्वारा प्रभावित हितधारकों की विस्तृत श्रृंखला को देखते हुए, आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार की पहलों को शामिल करने वाले सतत हस्तक्षेप वर्तमान जल संकट परिदृश्य में उपयुक्त उपकरण बन गए हैं। वर्षा जल संचयन, जल निकायों का पुनर्वास और पुनर्स्थापन, कम पानी की खपत वाले कार्यों को प्रोत्साहित करना और स्मार्ट सिंचाई तकनीकों (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई आदि) को कंपनियों द्वारा अपने परिचालन क्षेत्र में और उसके आसपास स्थानीय समुदायों द्वारा प्रोत्साहित किया जाना [2]। इन व्यापक समाधानों का उद्देश्य उद्योगों के जल पदचिह्न को कम करना और जल सकारात्मकता को बढ़ावा देना है।
रायगढ़। एनटीपीसी के पास एक समर्पित जल नीति 2017 है, जो अत्याधुनिक जल प्रबंधन पद्धतियों को अपनाकर जल संरक्षण को सक्रिय रूप से बढ़ाने और जल स्थिरता की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक दिशानिर्देश के रूप में कार्य करती है। वर्षा जल संचयन के लिए प्राथमिक दिशानिर्देश के रूप में, एनटीपीसी ने एनटीपीसी सुविधाओं में और उसके आसपास वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना और नियमित रखरखाव को प्रोत्साहित करने हेतु वर्षा जल संचयन नीति 2018 भी बनाई। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के निकट लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन, जो एनटीपीसी लिमिटेड का एक प्रमुख स्टेशन है, इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे औद्योगिक संचालन पर्यावरण के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहकर जल की उपलब्धता को सकारात्मक रूप से सुनिश्चित कर सकते हैं। यह लेख एनटीपीसी लारा के पहलों का वर्णन करता है, जो जल उपलब्धता को सकारात्मक रूप से प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और अन्य उद्योगों के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करता है।
एनटीपीसी लारा के जल संरक्षण प्रयास
एनटीपीसी लारा, कंपनी की जल नीति के अनुरूप, कम पानी से अधिक बिजली उत्पन्न करने के लिए विभिन्न जल-बचत तकनीकों का उपयोग करती है। यह नीति, अर्थात, “प्रति बूंद अधिक बिजली उत्पन्न करके विश्व स्तर पर सबसे अधिक जल-कुशल बिजली कंपनियों में से एक बनने के लिए प्रतिबद्ध” है। जल संरक्षण तकनीकों में निवेश के परिणामस्वरूप जल संकट की संभावना कम हुई है और जल सकारात्मकता बढ़ी है। उनके द्वारा निर्मित जल निकायों ने स्थानीय जल स्तर को ऊपर उठाया है और भूजल आपूर्ति को पुनः भर दिया है। एनटीपीसी लारा द्वारा जल सकारात्मकता संबंधी कुछ पहलों में स्मार्ट सिंचाई प्रणालियाँ स्थापित करना, टाउनशिप और संयंत्र के अपशिष्ट जल में उपचारित घरेलू अपशिष्ट का पुन: उपयोग, वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करने के लिए व्यवहार में बदलाव शामिल हैं।
जल स्थिरता में सुधार हेतु एनटीपीसी लारा टाउनशिप (मैत्री नगर) की वर्षा जल संग्रहण क्षमता का पूर्ण उपयोग करने हेतु एक पहल की गई है। टाउनशिप के संपूर्ण जलग्रहण क्षेत्र का वर्षा जल एक सामान्य वर्षा जल निकासी अपवाहिका, जिसे मुख्य ट्रंक अपवाहिका भी कहा जाता है, द्वारा निस्तारित किया जाता है। लारा आवासीय समुदाय के एक छोटे, निचले क्षेत्र का संरक्षण, पुनर्वास और नवीनीकरण किया गया है और इसे लगभग 90,000 घन मीटर (चित्र 1 a और b) की कुल मात्रा वाले एक सुंदर जलाशय में परिवर्तित किया गया है।
परिचालन आवश्यकताओं हेतु जल संग्रहण के लिए स्टेशन में दो जलाशय हैं। यह जल साराडीह जल बैराज से, जो संयंत्र स्थल से लगभग 37.5 किलोमीटर दूर है, दो भूमिगत मेकअप जल पाइपों के माध्यम से, जो टाउनशिप जलाशय से होकर गुजरते हैं, पंप किया जाता है। जलाशय से पानी मेकअप पाइपलाइन में पंप किया जाता है, जो जलाशय में स्थापित पंपों द्वारा मेकअप पाइपलाइन के माध्यम से बनाए गए कनेक्शन के माध्यम से इसे जलाशय तक पहुँचाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पानी विपरीत दिशा में तो नहीं बह रहा है, पाइपलाइन कनेक्शन पर एक नॉन-रिटर्न वाल्व (NRV) लगाया गया है।
2024 में मानसून शुरू होने से पहले, जल निकाय में उपलब्ध सारा पानी जलाशय में पंप कर दिया गया था। बरसात के दिनों में, तूफानी पानी को ले जाने वाले मुख्य ट्रंक अपवाहिका से पूरे वर्षा जल को संदर्भित जल निकाय में मोड़ दिया जाता था और लेवल स्विच से लैस पंपों द्वारा मुख्य जलाशय में पंप किया जाता था। इसके अतिरिक्त, टाउनशिप क्षेत्र में अब 24 वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच) गड्ढे हैं (चित्र 1 c), जबकि प्लांट संचालन क्षेत्र में 17 वर्षा जल संचयन गड्ढे हैं। 2024 के सबसे हालिया मानसून में, वर्षा जल संचयन संरचनाओं से सामूहिक रूप से 2.93 लाख घन मीटर पानी एकत्र किया गया और पंप किया गया। मैत्री नगर ने पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) में सालाना 2.26 लाख घन मीटर पानी का उपयोग किया।
चित्र 1. (a) नवीनीकरण से पहले जल निकाय (b) नवीनीकरण के बाद जल निकाय और (c) वर्षा जल संचयन गड्ढे की स्थापना
अपने संयंत्र और टाउनशिप की सीमाओं से परे, एनटीपीसी लारा ने आसपास के गाँवों में जल संरक्षण कार्यक्रम अपनाया है। इसने आस-पास के गाँवों के 36 तालाबों को पुनर्जीवित और पुनर्निर्मित करने के लिए तटबंधों को गहरा और विकसित करने के प्रयास भी शुरू किए हैं। इन जलाशयों के आसपास की जैव विविधता में वृद्धि हुई है, जिससे जलाशयों की क्षमता में भी वृद्धि हुई है और इन तालाबों में दस लाख घन मीटर से अधिक पानी जमा है।
जल-सकारात्मक गतिविधियों के कारण विशिष्ट जल खपत (विद्युत उत्पादन के घन मीटर/MWh में जल खपत) लगातार सीमित रही है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए एनटीपीसी लारा की जल खपत (2.4 m3/MWh) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशानिर्देशों (3.0 m3/MWh) से काफी कम है।
अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग
प्रणाली के भीतर अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग तथा पानी की निकासी को सीमित करने के लिए हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि संपूर्ण जल आपूर्ति का केवल 2.5 प्रतिशत ही मानव के लिए पानी के रूप में उपलब्ध है। अपशिष्ट जल के प्रभावी उपचार और पुन: उपयोग के लिए, एनटीपीसी लारा ने अत्याधुनिक तकनीक आधारित अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी), कोल स्लरी सेटलिंग पॉन्ड (सीएसएसपी), राख जल पुनर्चक्रण प्रणाली (एडब्ल्यूआरएस) और सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किए हैं (चित्र 2 a)। लारा स्टेशन संपूर्ण अपशिष्ट जल का उपचार कर रहा है और इसके उपरांत उसका पुन: उपयोग कर रहा है ताकि स्थायी आधार पर “शून्य द्रव निर्वहन” प्राप्त किया जा सके। इन पुनर्चक्रण हस्तक्षेपों से उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लागत बचत हो सकती है, भले ही इसके लिए प्रारंभिक निवेश और निरंतर परिचालन लागत की आवश्यकता हो। इसके अतिरिक्त, जल और संसाधनों का संरक्षण करके, ये पहल समय के साथ स्थिरता और समग्र लागत दक्षता प्राप्त करने में मदद करती हैं
जल दक्षता के लिए तकनीकी नवाचार
उद्योग में जल संरक्षण, कुल जल उपयोग को कम करके और आंतरिक पुन: उपयोग को बढ़ाकर, व्यवहार परिवर्तन, उपकरण संशोधन और/या जल-बचत उपकरणों के साथ प्रतिस्थापन के संयोजन द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। नियमित नली और पाइप निरीक्षण कार्यक्रम विकसित करना, रिसाव रोकना और जल उपयोग को कम करने के लिए तकनीकी प्रगति का उपयोग करना, परिचालन स्तर पर जल खपत को कम करने के लिए कुछ सामान्य परिचालन समायोजन हैं [3]। तकनीकी प्रगति के संदर्भ में, एनटीपीसी लारा जल उपयोग को कम करने के लिए अपनी संपत्ति पर दो प्रकार की सिंचाई प्रणालियों का उपयोग करता है।
ड्रिप सिंचाई एनटीपीसी लारा में, मियावाकी बागानों और अन्य स्थानों (चित्र 2 b) में ड्रिप सिंचाई का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। ये प्रणालियाँ पौधों के पास और ज़मीन के नीचे लगाए गए छिद्रकों के माध्यम से सीधे पौधों की जड़ों तक पानी पहुँचाकर अपवाह और वाष्पीकरण से होने वाले जल हानि को कम करती हैं। एनटीपीसी लारा जल संरक्षण के साथ-साथ पैसे की भी बचत करता है।
स्प्रिंकलर सिंचाई: जहाँ खुली जगह है, वहाँ एनटीपीसी लारा उत्कृष्ट कवरेज प्रदान करने के लिए स्प्रिंकलर प्रणाली का उपयोग करता है (चित्र 2 c)। एनटीपीसी लारा और उसके आसपास के बागानों के लिए, पारंपरिक सिंचाई योजना की तुलना में 20-30% तक पानी की बचत संभव है।
(a) मैत्री नगर टाउनशिप में सीवेज उपचार संयंत्र (b) ड्रिप सिंचाई प्रणाली की छवि और (c) वृक्षारोपण के आसपास स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली की छवि
निष्कर्ष
एनटीपीसी लारा ने जल-सकारात्मक टाउनशिप की उपलब्धि हासिल करके औद्योगिक क्षेत्र में एक उल्लेखनीय मिसाल कायम की है। जल प्रबंधन के प्रति अपने व्यापक दृष्टिकोण, जिसमें वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल उपचार सुविधाएँ और अत्याधुनिक तकनीक-आधारित सिंचाई विधियाँ शामिल हैं, के साथ कंपनी ने यह सिद्ध किया है कि उद्यम अपनी परिचालन आवश्यकताओं और पर्यावरणीय देखभाल के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं। एनटीपीसी लारा की पहल और प्रयास इस बारे में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं कि कंपनियाँ जल संरक्षण में कैसे योगदान दे सकती हैं और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्थायी प्रतिमान कैसे बना सकती हैं। चूँकि दुनिया भर की कंपनियाँ जल की कमी से जूझ रही हैं, इसलिए एनटीपीसी लारा की रणनीति एक व्यावहारिक और मापनीय मॉडल प्रस्तुत करके उद्योग और समाज के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करती है जो अन्य उद्यमों को भी इसी तरह की जल-सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
रायगढ़ । लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत एक किशोरी द्वारा दिनांक 25/07/2025 को थाना लैलूंगा में आवेदन प्रस्तुत कर आरोपी अक्षय सिदार (उम्र 20 वर्ष) के विरुद्ध शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पीड़िता द्वारा बताया गया कि आरोपी ने दिसंबर 2024 में मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर प्रेम संबंध बनाया, तथा मार्च 2025 में अपने घर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए। तबीयत बिगड़ने पर आरोपी द्वारा पीड़िता को उसके घर छोड़कर संपर्क बंद कर दिया गया।
आवेदन के आधार पर थाना लैलूंगा में अपराध रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 197/ 2025 धारा 137(2),351(2), 64(2)(m), 87 बीएनएस 6 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी अक्षय सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में अग्रिम विवेचना जारी है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शिक्षक प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर किया सम्मानित
रायगढ़। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तत्वावधान में माण देसी ट्रैवल चैंपियन द्वारा संचालित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण में जिले के सातों विकासखंडों के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से चयनित कुल 115 शिक्षक प्रतिभागियों ने भाग लिया, प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रभावी हस्तक्षेप करना रहा। प्रतिदिन प्रशिक्षण के सैद्धांतिक सत्र रायगढ़ के सृजन सभा कक्ष में आयोजित हुए, जबकि प्रायोगिक सत्र रायगढ़ स्टेडियम बोइरदादर में संपन्न हुए। जहां शिक्षकों को स्वयं खेल मैदान तैयार करने, खेल तकनीक, व्यायाम, नींद, पोषण और मांसपेशियों की मजबूती से संबंधित गहन जानकारी दी गई। कार्यक्रम की रूपरेखा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.वी.राव, डीएमसी श्री नरेंद्र चौधरी तथा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं एपीसी भुवनेश्वर पटेल के नेतृत्व में तैयार की गई।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य जिसमें एथलेटिक्स, खो-खो, कबड्डी, गोला फेक, भाला फेक, लम्बी कूद, ऊंची कूद आदि खेलों की तकनीक का प्रशिक्षण मांसपेशियों को मजबूत करने के व्यायाम, नींद और संतुलित पोषण के प्रति जागरूकता, खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना,स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की प्रेरणा देना सामान्य जीवन कौशल जैसे संवाद कौशल, आत्म-सम्मान, साहस और व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाना, खेल के इतिहास पर व्याख्यानों के माध्यम से बौद्धिक दृष्टिकोण का विस्तार करना रहा। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के स्वास्थ्य और खेल शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में कारगर साबित हुआ, बल्कि इससे वे अपने विद्यालयों में बच्चों को एक जागरूक, स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने में और अधिक सक्षम बन सकेंगे। माण देशी चैंपियन ट्रैवल कोच प्रोग्राम के माध्यम से खेल माध्यम से रायगढ़ जिले में सरकारी स्कूलों की शारीरिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त पहल की गई है। जिसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और उनके जीवन कौशल पर दिखाई देगा। माण देशी फाउंडेशन एवं जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के संयुक्त प्रयास से फाउंडेशन के प्रमुख प्रभात सिंह, संस्थापक, ओंकार गुंजारी, निदेशक, प्रवीण फोगरे, मुख्य कोच, हनुमंत घोरपडे, सीनियर कोच, सनिका, कोच, सुशांत आवले, सहायक कोच, अनुराग शिंदे इतिहासकार एवं अमीन अमरी इंटर्न, इन्हीं विशेषज्ञों द्वारा सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ साल एवं मोमेंटो से सम्मानित करते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी और नोडल अधिकारी भुवनेश्वर पटेल के नेतृत्व में रायगढ़ डीएसओ जीवनलाल नायक, बीआरसी मनोज अग्रवाल, व्याख्याता बीर सिंह, सीएससी राजकमल पटेल, सुशील चौहान, विकाश पटेल, श्रीमति आशा यादव, धर्मेंद्र कोर्चे, निवास साव, गेंद कुमार पटेल, पीटीआई प्रभुदत्त पाढ़ी, प्रधान पाठक का विशेष योगदान रहा।
रायगढ़। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी पुसौर में उप पंजीयक कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) का लोकार्पण करेंगे। यह कार्यक्रम 27 जुलाई रविवार को सायं 6 बजे से जनपद पंचायत परिसर, पुसौर में आयोजित होगा।
रायगढ़ । थाना कोतरारोड़ क्षेत्र में मारपीट और लूट की गंभीर वारदात में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने कल ग्राम रक्सापाली से धरदबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में पारस सोनी और कौशल चौहान शामिल हैं, जिन्हें घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल व मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 1 मई को रानीगुड़ा निवासी समीर दास महंत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दो दोस्तों के साथ खरसिया बारात से लौटते वक्त पथरी नाला पुल, ग्राम नंदेली के पास कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी मोटर सायकल रोककर मां-बहन की अश्लील गालियां देते हुए हाथ-मुक्के व बेल्ट से मारपीट की और तीनों युवकों से तीन मोबाइल फोन व 3000 रुपये लूट लिए। इस घटना पर कोतरारोड़ थाना में अपराध क्रमांक 244/2024 धारा 296, 351(2), 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। मामले की तहकीकात में अब तक पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार दो आरोपियों दीपक सिदार और नैमीश मांझी समेत दो विधि से संघर्षरत बालकों से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, 2 मोबाइल और 1300 रुपये बरामद कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपियों के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में धारा 310(2) बीएनएस भी जोड़ी गई। वहीं, कल इस प्रकरण में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम रक्सापाली में दबिश दी और उन्हें रायगढ़ की ओर जाते वक्त मोटर सायकल समेत पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पारस सोनी पिता निश्जन सोनी (19 वर्ष) निवासी रक्सापाली एवं कौशल चौहान पिता बद्रिका चौहान (20 वर्ष) निवासी सलिहाभांठा थाना भूपदेवपुर के रूप में हुई है। इनके पास से घटना के दौरान प्रयुक्त लाल रंग की TVS स्टार मोटर सायकल (क्रमांक CG 11 PC 2316) और एक टच स्क्रीन मोबाइल जप्त किया गया है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक डी.पी. चौहान, प्रधान आरक्षक करुणेश राय, जय प्रकाश सूर्यवंशी और आरक्षक संजय केरकेट्टा, चन्द्रेश पाण्डेय की भूमिका उल्लेखनीय रही।
रायगढ़ । जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंचनपुर में बीती रात मवेशी तस्करी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो पशु तस्करों को 52 मवेशियों के साथ धर दबोचा। गौ-सेवा में लगे संगठन की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई की रात्रि घरघोड़ा डॉयल 112 को मवेशी तस्करी संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। डॉयल 112 स्टाफ ने तत्काल थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव को अवगत कर ग्राम कंचनपुर मेन रोड पर दबिश दी। मौके पर गौ-पुत्र सेना के सदस्यों द्वारा दो पशु तस्करों को पकड़ा गया था, जो 52 मवेशियों को भूखे-प्यासे, मारते-पीटते, क्रूरतापूर्वक बूचड़खाने ले जाने के लिए तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से आरोपी रामसिंह सिदार (52) और सुखसाय सिदार (26) को हिरासत में लेकर सभी मवेशियों को सुरक्षित थाने लाया। इस संबंध में गौ-पुत्र सेना के घुदास महंत द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत करने पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 190/2025 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामसिंह सिदार पिता स्व. घासीराम सिदार एवं सुखसाय सिदार पिता कार्तिक राम सिदार, दोनों निवासी ग्राम कटघरा बैस्कीमुडा, थाना लैलूंगा के रूप में हुई है। दोनों को आज न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई से गौ-तस्करी पर नकेल कसने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जिससे क्षेत्र में गौ-संवर्धन और पशु संरक्षण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता एक बार फिर उजागर हुई है।
रायगढ़ ।शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे *“सुरक्षित सुबह”* अभियान के अंतर्गत नागरिक अब स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की निगरानी में भी भागीदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में मरिन ड्राइव रोड स्थित CS ट्रेडर्स के संचालक श्री भूपेन्द्र साहू ने अपने संस्थान के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं।
श्री भूपेन्द्र साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि मरिन ड्राइव क्षेत्र शाम के समय अपेक्षाकृत सुनसान रहता है, ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने अपनी दुकान में कैमरे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि रायगढ़ पुलिस के आग्रह पर एक कैमरे का फोकस रोड की ओर किया गया है, जिससे किसी आपराधिक वारदात, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधियों की जांच में पुलिस को मदद मिल सके। उन्होंने *“सुरक्षित सुबह”* को पुलिस की एक सराहनीय पहल बताते हुए शहरवासियों से भी अपील की कि वे अपने दुकानों और संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं और उनमें से कम से कम एक कैमरे का फोकस सार्वजनिक मार्ग या स्थान की ओर रखें, जिससे सामुदायिक सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत हो सके। रायगढ़ पुलिस का यह अभियान न केवल अपराध नियंत्रण बल्कि समाज में सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है।