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शिवम हार्डवेयर और आलोक अग्रवाल की फर्म में सेंट्रल जीएसटी की रेड


Crime, Raigarh10 August 2024

रायगढ़ और खरसिया में कार्रवाई, एक फर्म जीएसटी बिलों की खरीदी-बिक्री का करती है काम
रायगढ़, 9 अगस्त। सेंट्रल जीएसटी की टीम ने कार्रवाई में तेजी लाते हुए कई फर्मों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। टैक्स चोरी को लेकर रायगढ़ और खरसिया की दो फर्मों पर छापेमारी की है। एक कार्रवाई गुरुवार रात को खत्म हुई। वहीं दूसरी फर्म पर शुक्रवार सुबह से टीम धमक गई। जीएसटी को इतना सख्त बनाने के बावजूद भी कई कारोबारी टैक्स बचाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट में फ्रॉड के तो सैकड़ों मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। राजस्व प्राप्ति के लिए सरकार ने अब सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी को काम पर लगा दिया है। टैक्स चोरी करने वाले फर्मों पर छापेमारी की जा रही है।

गुरुवार को रायगढ़ के बोईरदादर स्थित शिवम हार्डवेयर में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने रेड मारी। देर रात तक अफसर वहीं डटे रहे। बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी और आईटीसी से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके आधार पर फर्म पर आगे की कार्रवाई होगी। शुक्रवार सुबह सेंट्रल जीएसटी की टीम खरसिया के फर्म शंकरलाल जयप्रकाश में छापा मारा। इसके संचालक आलोक अग्रवाल हैं। बताया जा रहा है कि इस फर्म में जीएसटी बिलों की हेराफेरी की जाती थी। बिलों की खरीदी-बिक्री भी होती थी। टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड के कई दस्तावेज मिले हैं। सेंट्रल जीएसटी टीम ने रायगढ़ में अब तक कई फर्मों में छापेमारी की है, लेकिन इसकी जानकारी साझा नहीं की जाती। सीबीडीटी और ईडी की तरह प्रेस नोट जारी करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।



जब ठेलेवाले को मिला था डेढ़ करोड़ का नोटिस
रायगढ़ में सबसे सनसनीखेज मामला 2022 में सामने आया था जब स्टेट जीएसटी विभाग ने एक चाउमीन ठेलेवाले को डेढ़ करोड़ का नोटिस दिया था। बाद में पता चला कि आकाश जोगी पिता राजेश कुमार जोगी निवासी कोतरा रोड के आधार कार्ड का उपयोग कर विशेष अग्रवाल ने आकाश ट्रेडर्स नामक फर्म पंजीयन करवा लिया। फर्म के नाम पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड किया गया था। इसमें पुलिस भी जांच कर रही थी लेकिन मामला दब गया।

यहाँ प्रेस क्लब की  पत्रकारों की क्रमांक सहित सूची दी गई है:

1. नवीन शर्मा


2. अनिल पाण्डेय


3. नरेश शर्मा


4. दिनेश मिश्रा


5. अनिल रतेरिया


6. युवराज सिंह आजाद


7. सुनील नामदेव


8. राजेश जैन


9. विवेक श्रीवास्तव


10. आलोक पाण्डेय
9770712999


11. शेषचरण गुप्ता


12. हरेराम तिवारी


13. संजय बोहिदार


14. अनिल आहूजा


15. पुनीराम रजक


16. हरिशंकर गौराहा


17. विनय पाण्डेय


18. मोहसिन खान


19. शमशाद अहमद


20. अभिषेक उपाध्याय


21. अविनाश पाठक


22. अमित पाण्डेय


23. अखिलेश पुरोहित


24. रिवेश पोडवार



25. अमित शर्मा


26. अरूण डनसेना


27. अर्चना लाल


28. अश्विनी मालाकार


29. बाबा पटवा


30. चितरंजन सिंह


31. विकास पाण्डेय


32. गौतम अग्रवाल


33. कमल शर्मा


34. कृष्णा मिश्रा


35. महेश शर्मा


36. मनीष भट्टाचार्य


37. मंजूल दीक्षित


38. नंदकुमार पटेल


39. नवरतन शर्मा- 7000619122


40. नितिन सिन्हा


41. भूपेंद्र सिंह ठाकुर


42. भूपेंद्र सिंह चौहान


43. हेमसागर श्रीवास


44. जितेंद्र मेहर


45. ज्योति ठाकुर


46. मनीष सिंह


47. नरेंद्र चौबे


48. मनीष अग्रवाल


49. नीरज तिवारी


50. पंकज तिवारी


51. प्रकाश थवाईत


52. प्रशांत तिवारी


53. राजा खान


54. रमेश अग्रवाल


55. साकेत पाण्डेय — 7869475276

रिवेश पोडवार
56. संदीप बेरीवाल


57. संतोष पुरुषवानी


58. दीपक शोभवानी


59. संतोष साव


60. संतोष मेहर


61. संजय सहनी


62. सत्यजीत घोष


63. सुरजीत कौर


64. सुशील पाण्डेय


65. सिमरन पनगरे


66. सुरेंद्र चौहान


67. विजय मौर्या


68. विजयंत खेडुलकर


69. विपिन मिश्रा


70. यशवंत खेडुलकर -9827174110


71. परमेश्वर साहू


72. प्रेम मौर्या


73. भीमसेन तिवारी


74. चूढामणि साहू


75. संदीप सिंह


76. संजय शर्मा  —8319926911


77. अनूप रतेरिया


78. संजय बेरीवाल


79. शेख ताजिम


80. श्रीपाल यादव


81. स्वतंत्र महंत


82. टिंकू देवांगन


83. उपेंद्र डनसेना


84. विकास जायसवाल


85. विपिन सवानी


86. विपिन राय


87. प्रवीण त्रिपाठी


88. अमित गुप्ता


89. जीतू सोनी


90. अमर गुप्ता


91. हीरा मोटवानी



कुल: 91 पत्रकार


अपने अपने नाम के आगे मोबाइल नंबर लिखे।

अडानी के गुर्गों द्वारा पत्रकारों को “गुंडा” कहकर धमकी देना निंदनीयः आम आदमी पार्टी……आदिवासियों के विरोध के बावजूद पेड़ों की जबरन कटाई की कम्पनी ने

रायगढ़ ।अडानी कंपनी के कारिंदों द्वारा पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता, बदसलूकी और खुलेआम जान से मारने की धमकी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह घटना न केवल लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है, बल्कि जिले की शांति व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास भी है।
जिलाध्यक्ष गोपाल बापोड़िया ने कहा कि अडानी कंपनी, महाजेनको खदानों के लिए अवैध तरीके से जनसुनवाई और समर्थन का दिखावा कर रही है, और जब सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकार सवाल पूछते हैं, तो उन्हें “गुंडा” कहकर अपमानित किया जाता है। यह शर्मनाक है कि ये सब कुछ पुलिस की मौजूदगी में, कलेक्टर कार्यालय के सामने हुआ।
रायगढ़ लोकसभा अध्यक्ष राजेंद्र एक्का ने कहा कि चक्रधरनगर थाना में पत्रकारों द्वारा दी गई लिखित शिकायत गंभीर मामला है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि अडानी कंपनी के गुर्गों पर तत्काल बीएनएस की सुसंगत धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।बीते वर्षों में अडानी कंपनी द्वारा पेड़ों की अवैध कटाई, आदिवासी विरोध के बावजूद परियोजनाओं को जबरन लागू करना, और अब पत्रकारों को धमकाना यह दर्शाता है कि कंपनी खुद को कानून से ऊपर मानती है। कार्यकर्ता रुसेन कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी, रायगढ़, पत्रकार बिरादरी के साथ खड़ी है। हमारी पार्टी लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आज़ादी और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर संघर्ष करेंगी। यह केवल पत्रकारों पर नहीं, पूरे समाज पर हमला है।

अडानी कंपनी के गुर्गों ने पत्रकारों की जान से मारने की धमकी
अडानी कंपनी ने शुरू की चलित धनसुनवाई की परंपरा
ग्रामीणों को बहलाफुसलाकर खदान शुरू करने की साजिश हुई विफल


रायगढ़ 06/08/2025 । कोयला खदान खोलने के लिए कोई कंपनी किस हद तक गिर सकती है इसका ताजा उदाहरण बुधवार दोपहर जिलादंडाधिकारी के कार्यालय के बाहर देखने को मिली। जब पत्रकारों को अडानी कंपनी के गुर्गों द्वारा जान से मारने की धमकी तक दी गई। ऐसा रायगढ़ जिले में  पहली बार हुआ है कि एक कंपनी के कारिंदों -गुंडों के द्वारा पत्रकारों को जान से मारने की धमकी दी गई और उन्हें गुंडा कहा गया वह भी जिलाधीश कार्यालय के सामने दिन दहाड़े पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के बीच। पीड़ित पत्रकारों ने इस बाबत चक्रधर नगर थाने में लिखित शिकायत दी है और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है।

महाजेंको के लिए कोयला खोदने का कार्य करने वाली अडानी कंपनी को गारे पेलमा में अपनी खदान शुरू करने की इतनी हड़बड़ी है कि वह किसी भी हद तक जा सकती है। इसी कड़ी में उसने जिले के इतिहास में पहली बार चलित धनसुनवाई का आयोजन किया। यानी ढोलनारा ग्राम के कुछ लोगों को खिलापिलाकर बस-कार में भरकर कलेक्टर से मिलने लाई और खदान शुरू करने का निवेदन किया। मिलने के बाद जब वे कलेक्टोरेट परिसर में फोटो खिंचाने एकत्रित हो रहे थे तभी अडानी कंपनी के एजेंट कई महिलाओं को चाय पीन से रोका तो किसी को इधर उधर जाने से। इन्हीं बातों को देखकर वहां मौजूद पत्रकारों ने जब ग्रामीणों से समर्थन में आने का कारण पूछा तो ग्रामीण जवाब नहीं दे पा रहे थे। माहौल को अपने खिलाफ जाते देख अडानी कंपनी के एजेंटों ने ग्रामीणों को वापस जाने को कहा। इसी दौरान पत्रकारों ने जब एजेंटों से सवाल किया तो अडानी कंपनी के गुर्गे जो पहले से तैनात थे बिदग गए और पत्रकारों को गुंडा कहने लगे। जब इस बात का पत्रकारों ने विरोध किया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी तक दे डाली। आधे घंटे तक कलेक्टर कार्यालय के ठीक बाहर हंगामा होता रहा, पुलिस भी कंपनी के लोगों के साथ तमनार से आई थी। पत्रकारों ने ही पहले शांति रखी और थाना चक्रधर नगर जाकर अडानी कंपनी के गुर्गों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की लिखित शिकायत की। 

थाना प्रभारी बीआर साहू ने दर्जनों पत्रकारों के हस्ताक्षर वाली शिकायत कॉपी ली और विधिवत कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्योंकि वह खुद मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे और उनकी ही टीम ने विवाद को मौके पर शांत कराया।

विदित हो कि तमाम विरोधों के बावजूद बीते महीने मुड़ागांव में हजारों पेड़ों को अडानी कंपनी द्वारा काट दिया गया। खदान की जद में आने वाले 9 ग्राम पंचायतों के 14 गांव कंपनी के विरोध में है। मुडागांव के बाद 9 गांव से सटे जंगलों को चोरी छिपे काटने से अडानी कंपनी के मंसूबे इतने बढ़ गए हैं कि वह किसी को कुछ नहीं समझती। कंपनी के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ अब पत्रकार बिरादरी खड़े हो गई है।


जारी रहेगा पत्रकारों को विरोध

पत्रकारों के सवाल पूछने पर उन्हें गुंडा कहा जाना और फिर विरोध करने पर जान से मारने की धमकी तक देने के मामले में जिले की पत्रकार बिरादरी में रोष व्याप्त है और आनेवाले समय में इसका पुरजोर विरोध करेगी। अडानी कंपनी गुर्गों की करतूत कैमरे में कैद हो गई है और वायरल भी हो रही है। जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर पर कंपनी की इस हरकत की थू-थू हो रही है। थाने में शिकायत के बाद पत्रकार बिरादरी अडानी कंपनी के खिलाफ विभिन्न मोर्चों पर लामबंद रहेगी।

सवालों के “⭕️” में…..जमीनों का फर्जीवाड़ा कर करोडों कमाने वाले चौरसिया बंधुओं पर कब होगी कार्रवाई..?आखिर क्यों व्यवसायिक डायवर्सन कराये जाने की प्रक्रिया में दस्तावेजों में किया गया फर्जीवाड़ा नहीं हुआ उजागर…!

रायगढ़ । रायगढ़ में आबंटित आदिवासी भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे गैर आदिवासी व्यक्तियों चौरसिया बंधुओं के खिलाफ़ पंजीकृत बयनामा किये जाने की हुई है प्रमाणिक शिकायत…चौरसिया बंधुओं सहित राजस्व व पंजीयन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की है संलिप्तता…पंजीयन के बाद डायवर्सन भी अवैधानिक रूप से कराया…उचित और निष्पक्ष कार्यवाही यदि हो तो भारतीय न्याय संहिता की गंभीर एवं गैर ज़मानतीय धाराओं अंतर्गत चौरसिया बन्धुओं को हो सकती है जेल…!

शासकीय आबंटित एवं आदिवासी  की भूमि को तत्कालीन पटवारी एवं उप पंजीयक के अनैतिक गठजोड़ से चौरसिया बन्धुओं ने दस्तावेजों में हेर-फेर कर ग़ैर आदिवासी बना कर कौड़ियों के मोल खरीदा…
यही नहीं अवैधानिक रूप से क्रय  की गई भूमि का डायवर्सन भी कराया जबकि व्यावसायिक डायवर्सन कराये जाने की प्रक्रिया में दस्तावेजों में किया गया फर्जीवाड़ा उजागर किया जाकर उसी समय अपराध दर्ज होना चाहिए था…

रायगढ़  1 अगस्त 2025
आपको बता दें कि पिछले दिनों जिले के ग्राम लाखा, पटवारी हल्का क्रमांक 28, तहसील व जिला रायगढ़ के अंतर्गत आने वाली आदिवासी भूमि खसरा नंबर 13/8, रकबा 0.809 हेक्टेयर की फर्जी खरीदी-बिक्री का मामला उजागर हुआ है।
शिकायतकर्ता कौशल मेहर, ग्राम गेरवानी निवासी ने जिलाधीश रायगढ़ को एक लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि उक्त भूमि जो मूलतः महंगु भुईहर पिता घसिया भुईहर (अनुसूचित जनजाति) के नाम पर दर्ज थी, उसे फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से गैर-आदिवासियों द्वारा खरीदा गया।शिकायत के अनुसार, महंगु भुईहर के आधार कार्ड में से “भुईहर” जाति उपनाम को मिटाकर, सिर्फ “महंगु” पिता “घसिया” लिखा गया और जातिगत रूप से गैर-आदिवासी ‘घसिया’ दिखाया गया, जिससे आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासी क्रेताओं को बेचना वैध प्रतीत हो। इस कूटरचना के आधार पर दिनांक 20.11.2023 को रायगढ़ उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री कराई गई। यह भी आरोप है कि हल्का पटवारी द्वारा खसरा नक्शे में हेरफेर कर भूमि को सड़क से लगाकर दर्शाया गया, जिससे उसकी वाणिज्यिक कीमत बढ़ाई जा सके। आरोपियों को इससे लाभ पहुंचाने की मंशा से यह किया गया। तहसीलदार और उप-पंजीयक की मौन स्वीकृति अथवा लापरवाही भी संदेह के दायरे में है।

दस्तावेजों में कूटरचना कर अनैतिक लाभ लेने वाले व्यक्ति

श्रीराम चौरसिया पिता मोहन भगत, निवासी खैरपुर रोड, पतरापाली
संजु कुमार चौरसिया पिता श्रवण कुमार चौरसिया, निवासी खैरपुर
बिट्टु कुमार चौरसिया पिता सुरेन्द्र प्रसाद, निवासी खैरपुर
मंटु कुमार चौरसिया पिता मोहन भगत, निवासी जमशेदपुर
दविंदर सिंह पिता स्वर्ण सिंह, निवासी जमशेदपुर
यह कार्य न केवल भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120B, 166, 167 के अंतर्गत दंडनीय है, बल्कि यह SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(f), 3(1)(g), 3(1)(q) तथा छ.ग. भू-राजस्व संहिता की धारा 170( ख) का भी गंभीर उल्लंघन है।

यदि हम वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता की बात करें तो भी उक्त अपराध निम्नांकित धाराओं के अंतर्गत गंभीर एवं गैर ज़मानतीय है। विधि विशेषज्ञ के अनुसार इस गंभीर मामले में चौरसिया बन्धुओं एवं संलिप्त अन्य व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की निम्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाकर गिरफ्तार किया जा सकता है तथा दोष सिद्ध होने पर 7 से 10 वर्षों तक अथवा आजीवन जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

क्या हैं भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ एवं सजा का प्रावधान:-

1 धारा 316(1)
छल या धोखे से संपत्ति प्राप्त करना संज्ञेय, गैर-जमानती 7 वर्ष तक कारावास + जुर्माना FIR दर्ज → गिरफ्तारी → विवेचना → न्यायालय में मामला
2 धारा 335
जालसाजी करना (संपत्ति दस्तावेज) संज्ञेय, गैर-जमानती 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास + जुर्माना दस्तावेज जब्त → फोरेंसिक जांच → अभियोजन
3 धारा 336
जाली दस्तावेज का प्रयोग संज्ञेय, गैर-जमानती 10 वर्ष तक कारावास + जुर्माना उपयोगकर्ता को जालसाज की तरह दंडित किया जाएगा
4 धारा 173
आपराधिक षड्यंत्र संज्ञेय (सह-अपराध संज्ञेय हो तो), जमानती/गैर-जमानती संबंधित अपराध के अनुसार सह-साजिशकर्ता पर मुख्य अपराध के समान मुकदमा
5 धारा 269
लोक सेवक द्वारा विश्वासघात संज्ञेय, गैर-जमानती 10 वर्ष या आजीवन कारावास + जुर्माना दोषी सरकारी कर्मचारी पर विभागीय जांच, निलंबन व अभियोजन
6 धारा 111
अनुसूचित जनजाति की भूमि से संबंधित अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती 5 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास + अर्थदंड विशेष SC/ST न्यायालय में सुनवाई, अग्रिम जमानत नहीं

कलेक्टर के संज्ञान में इतना गंभीर मामला आने के बावजूद भी प्रशासनिक चुप्पी समझ से परे है जबकि होना तो य़ह चाहिए था कि कलेक्टर कार्यालय से संबंधित विभागों से जानकारी मंगाई जाकर पुलिस को जाँच हेतु पत्र प्रेषित किया जाना था।इसी लचर कार्यशैली एवं व्यवस्था के कारण रायगढ़ जिला आज माफियाओं के लिए स्वर्ग बन चुका है चाहे वह क्षेत्र कोई सा भी क्यूँ न हो।

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तेज रफ्तार कार ढिमरापुर में हादसे का शिकार, अडानी कंपनी के अफसर की मौत

रायगढ़   ढिमरापुर के जिंदल रोड पर शनिवार देर रात एक कार हादसे में अडानी कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) की मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक रात करीब 1 बजे फोर्ड फिगो (CG 13 CA 0416) कार मोड़ पर बेकाबू होकर सड़क किनारे जा टकराई। कार चला रहे सत्यनारायण सिंह (46) गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की गश्ती टीम ने उन्हें ओपी जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सत्यनारायण सिंह उत्तर प्रदेश के बनारस के रहने वाले थे और रायगढ़ के बड़े भंडार में स्थित अडानी कंपनी में DGM पद पर कार्यरत थे। पुलिस को हादसे का सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें कार को सड़क किनारे टकराते हुए देखा जा सकता है। कोतरा रोड पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।शव को जिला अस्पताल के मर्च्यूरी में रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

बरकसपाली पंचायत में पदस्थ सचिव ने अपने ही फर्म से पंचायत को लगाया लाखों रुपए का चुना

रायगढ़ । जिले के जनपद पंचायत तमनार के बरकसपाली पंचायत में पदस्थ सचिव ने अपने ही फर्म से पंचायत को लाखों रुपए की सामान सप्लाई की है साथ ही पीडीएस की कमीशन और अन्य कार्यों का भुगतान भी अपने परिजनों को कर दी है मामले का खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी से हुआ, दरअसल सूचना के अधिकार के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से दिसंबर 2024 तक की जानकारी आवेदक ने मांगी थी, जिसमें सचिव ने 315 पेज की जानकारी दी, जिसमें से 47 बिल बेहरा ट्रेडर्स के नाम से ही प्राप्त हुआ ,पतरापाली गांव के रहने वाले समीर बेहरा बरकसपाली पंचायत में पदस्त हैं, और उन्होंने 2021 से दिसंबर 2024 तक अपने फर्म बेहरा ट्रेडर्स से ग्राम पंचायत बरकसपाली में 19 लाख 48 हजार 246 रुपए भुगतान किए हैं, जिसमे से 11 लाख 48 हजार 894 रुपए भुगतान किए गए बिल में GST का सिल लगा हुवा है, साथ ही 7 लाख 99 हज़ार 352 रुपया सामान्य बिल हैं, साथ ही सचिव समीर बेहरा ने अपने पिता जी को भी पंचायत से विभिन कार्यों के बदले 87 हजार रुपए का भुगतान किया है और खुद ही 4 लाख 69 हजार रूपये PDS की कमीशन राशि ली हैं, सचिव ने पंचायत राज अधिनियम को दरकिनार करते हुए बड़ा भ्रष्टाचार किया है, जिसके बाद आवेदक ने जिम्मेदार अधिकारियों पे पास शिकायत भी की है, लेकिन लम्बे समय बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कि जारी है, अब देखने वाली बात होगी कब जिम्मेदार कार्रवाई करते हैं या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


दिसंबर 2024 तक की पंचायत से जुड़ी वित्तीय जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में सचिव ने 315 पृष्ठों की जानकारी प्रदान की। इन दस्तावेजों में से 47 बिल सिर्फ “बेहरा ट्रेडर्स” नामक फर्म के नाम पर पाए गए।

पंचायत राज अधिनियम का खुला उल्लंघन…

यह पूरा मामला पंचायत राज अधिनियम और शासन के तय नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है, जिसमें किसी भी पंचायत पदाधिकारी को स्वयं या परिजनों से संबंधित संस्था से लेन-देन की मनाही है।

खुद की फर्म से सप्लाई, पिता को भुगतान
समीर बेहरा, जो पतरापाली गांव के निवासी हैं, वर्तमान में बरकसपाली पंचायत में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने “बेहरा ट्रेडर्स” नाम की फर्म से पंचायत को कुल ₹19,48,246 का भुगतान करवाया।
इसमें ₹11,48,894 के बिल GST युक्त हैं।
जबकि ₹7,99,352 के बिल सामान्य (नॉन-GST) हैं।
इसके अलावा, सचिव ने अपने पिता को भी पंचायत कार्यों के एवज में ₹87,000 का भुगतान करवाया है।
वहीं खुद सचिव समीर बेहरा ने ₹4,69,000 की PDS कमीशन राशि भी अपने नाम से प्राप्त की है।


शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं…

सूचना के बाद आवेदक ने इस मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की थी। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

सेना भर्ती परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित परीक्षार्थी भारतीय सेना की वेबसाइट पर देख सकते है परीक्षा परिणाम

रायगढ़, 30 जुलाई 2025 ।  सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के अंतर्गत अग्निवीर एवं नियमित कैडर की विभिन्न श्रेणियों के लिए आयोजित ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह परीक्षा जून और जुलाई 2025 में छत्तीसगढ़ के विभिन्न ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क, अग्निवीर ट्रेडमैन, अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस तथा नियमित कैडर के अंतर्गत धर्म गुरु, नर्सिंग सहायक एवं सिपाही फार्मा जैसी श्रेणियों के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा परिणाम 26 जुलाई 2025 को घोषित किया गया है। परीक्षार्थी परिणाम भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट  www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर देख सकते हैं। साथ ही यह परिणाम सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (छ.ग.) के सूचना पटल पर भी प्रदर्शित किया गया है। परिणाम या भर्ती से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर जो कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के समीप स्थित है, के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 तथा 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं।

आईटीआई रायगढ़ में स्क्रेप सामग्रियों के लिए 14 अगस्त तक मंगाए गए निविदा

रायगढ़, 30 जुलाई । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण आईटीआई रायगढ़ में स्क्रेप सामग्रियों के लिए 14 अगस्त तक मंगाए गए निविदासंस्था, रायगढ़ में उपलब्ध आयरन तथा अन्य स्क्रेप सामग्री की नीलामी के लिए 14 अगस्त को अपरान्ह 3 बजे तक निविदा आमंत्रित किया गया है। निविदा उसी दिन शाम 4 बजे निविदाकर्ताओं की उपस्थिति में खोला जाएगा। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रायगढ़ में संपर्क कर सकते है।

जलजीवन मिशन के 9 ठेकेदार होंगे टर्मिनेट और ब्लैकलिस्ट कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने दिखाई सख्ती

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा- जल जीवन मिशन में नहीं चलेगी ढिलाई, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

हर महीने होगी समीक्षा, सभी प्रोजेक्ट्स के कामों पर रहेगी नजर

रायगढ़, 30 जुलाई 2025। जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा और काम में कसावट लाने के लिए आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने लचर काम-काज के चलते 9 ठेकेदारों के टेंडर निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस भी ठेकेदार ने उसके हिस्से का काम अधूरे में ही रोक दिया है, या काम अत्यंत धीमा उसका टेंडर तत्काल निरस्त करते हुए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। जल जीवन मिशन में ढिलाई वाला रवैय्या कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों सहित जिले में कार्यरत सभी ठेकदारों की बैठक ली। सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी को स्पष्ट करते हुए कहा कि हर महीने बैठक लेकर अधूरे प्रोजेक्ट्स के हर काम की समीक्षा की जाएगी, जहां लापरवाही मिली वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
     

      जल जीवन मिशन के कार्यों में प्रोजेक्ट्स की पूर्णता और हैंडओवर को लेकर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी पूरी बैठक के दौरान सख्त दिखे। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को सिविल वर्क के साथ नल कनेक्शन विस्तार का काम जल्द से जल्द पूरा करना है। जहां टंकियां अधूरी हैं वे भी बिना देरी किए पूरे करने हैं। यह मिशन मोड में किया जाने वाला काम है। आज ठेकेदार कार्य पूर्णता की जो तारीख बताएंगे उसके अनुसार उनके कामों का भौतिक सत्यापन होगा और हर महीने बैठक में वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने ठेकेदारों के साथ पीएचई के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि काम में ढिलाई और लापरवाही नहीं चलेगी। 
           बैठक में ठेकदारों से एक एक कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति के साथ कार्य पूर्णता के बारे में जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारियों से भी ठेकेदारों के फील्ड पर चल रहे कामकाज के बारे में फीडबैक लिया गया। कुछ स्थानों पर मल्टी विलेज स्कीम के काम की धीमी प्रगति पर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित फर्म से कहा कि समय से काम पूरा करने की कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल करते हुए दिखें। अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से इसका निरीक्षण किया जाएगा।
           बैठक में ईई पीएचई श्री कमल प्रसाद कंवर, ईई सीएसपीडीसीएल श्री बी.के.साहू व श्री नरेंद्र नायक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी एसडीओ और सब इंजीनियर्स और जिले में काम कर रहे ठेकेदार उपस्थित रहे।


इन ठेकेदारों के खिलाफ लिया गया एक्शन

समीक्षा बैठक के दौरान कमजोर प्रगति और फील्ड पर काम बंद पाए जाने को कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने ऐसे सभी ठेकेदारों के टेंडर तत्काल निरस्त करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के लिए पत्र राज्य शासन को भेजने के निर्देश दिए। इनमें मे.गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी, में. जितेश्वर साहू, में. अजय सेल्स, में. मुकुल मन्नत कंस्ट्रक्शन, में. आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन रायगढ़, दुर्गेश चंद्रा, में. हरिकृष्णा कंस्ट्रक्शन, में हीरादेवी जांजगीर चांपा, में. के. पी. राठौर जांजगीर-चांपा के नाम शामिल हैं।

भौतिक सत्यापन में यदि काम पूरा तो करवाएं हैंडओवर

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कई स्थानों पर काम पूरा होने के बाद हैंडओवर नहीं होने के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीईओ जनपद और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम कार्यस्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन करें। टेंडर के अनुसार यदि काम पूरा कर लिया गया है तो पंचायतों को हैंडओवर की प्रक्रिया अविलंब पूरी की जाए, इसमें अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

फील्ड पर आ रही समस्याओं पर लिया संज्ञान, अधिकारियों से कहा दूर करें दिक्कत

फील्ड पर आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की गई। कुछ जगहों पर स्त्रोत की समस्या सामने आने पर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि विभाग वहां बोर के माध्यम से जलापूर्ति के लिए स्त्रोत की व्यवस्था की जाए। सोलर विलेज स्कीम योजनाओं में क्रेडा के हिस्से का काम जल्द पूरा करने के लिए कहा गया। ताकि फंक्शनल नल कनेक्शन विस्तार का काम पूरा कर हैंडओवर किया जा सके। वहीं एक ही स्थान पर सिंगल और मल्टी विलेज स्कीम में पाइप लाइन बिछाने के लिए दो बार खुदाई की नौबत बिल्कुल नहीं आए इसके लिए दोनों योजनाओं के ठेकेदारों को आपसी समन्वय के साथ एक बार में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। कई स्थानों पर बिजली कनेक्शन नहीं लग पाने की बात सामने आई, इस पर सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों को तत्काल इस पर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।