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सुदूर वनांचल कापू में प्रशासन पहुंचा जनता के द्वार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का अवलोकन

जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण, कई समस्याओं का मौके पर हुआ निराकरण

विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल, योजनाओं की दी जानकारी और हितग्राहियों को किया लाभान्वित

रायगढ़ ।  सुदूर वनांचल क्षेत्र के नागरिकों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के तहत विकासखंड धरमजयगढ़ के तहसील मुख्यालय कापू स्थित मिडिल स्कूल प्रांगण में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी मांग एवं शिकायतें दर्ज कराई, जिनमें से कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर का अवलोकन कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्रतानुसार अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
   

          कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने तत्काल निराकरण नहीं होने वाले आवेदनों की जांच कर नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण करने तथा आवेदकों को इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकाधिक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आमजनों से विभागीय स्टॉलों का भ्रमण कर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा पात्रतानुसार लाभ उठाने का आग्रह किया।
    

        शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, चिप्स, शिक्षा, आदिवासी विकास, वन, समाज कल्याण, श्रम, मछली पालन एवं पशुधन विकास सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्रतानुसार लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
            स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में 170 जरूरतमंद लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई तथा दवाइयों का वितरण किया गया। इसके अलावा 07 से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 35 लोगों की टीबी जांच की गई, 100 महिलाओं की एनसीडी जांच की गई तथा 83 लोगों को दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में 40 से अधिक आधार कार्ड भी बनाए गए। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई। शिविर में अलग-अलग विभागों के लिए पंजीयन काउंटर बनाए गए थे, जिससे लोगों को आसानी से अपनी समस्याएं दर्ज कराने में सुविधा हुई। साथ ही शिविर स्थल पर पेयजल, छाया सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई थीं।

हितग्राहियों को योजनाओं से किया गया लाभान्वित
शिविर के दौरान कई हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया। इनमें 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की गई। महिला स्व-सहायता समूह कुमरता को खेती कार्य के लिए 02 लाख रुपये तथा जय भीम समूह कापू को आजीविका गतिविधियों के लिए 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही 10 बच्चों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र, 15 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा 20 से अधिक हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। मत्स्य विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को मछली जाल एवं दो हितग्राही को आईस बाक्स प्रदाय किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा मोतीराम को छड़ी उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। योजनाओं का लाभ प्राप्त होने पर हितग्राहियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में आवास, शौचालय, पेयजल, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल तक सड़क निर्माण, आधार पंजीयन तथा राजस्व प्रकरणों सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति

शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री पुरस्कार राठिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीनव राठिया, श्री नीरज शर्मा, श्री भारत साहू, श्री विदेशी, श्री विनय शर्मा, श्रीमती दुर्गावती सिंह, श्रीमती अशांति टंडन, श्री मदन राठिया, श्री जनक राठिया, कापू सरपंच श्रीमती सुमित्रा सर्पराज, श्री संतोष गुप्ता, सरपंच श्रीमती शोभनी बाई मोदी, श्री धरमपाल गुप्ता, श्री निधीश्वर प्रधान, श्री मनीष राठौर सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ श्री प्रवीण भगत सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

एनटीपीसी लारा द्वारा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरण किया गया

रायगढ़। दिव्यांग लोगों को समाज के मुख्य धारा में शामिल करने  तथा उनकी जीवन  को बेहतर बनाने के मकसद से एक अच्छी पहल के जरिये, आस-पास के गांवों के दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग बांटे गए। इस पहल का मकसद चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाना, आत्मविश्वास वापस लाना और एक आज़ाद और इज्ज़तदार ज़िंदगी जीने में मदद करना था।

इस कार्यक्रम में श्री नीरज जलोटा, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (WR-II एवं USSC) के साथ श्री सुभाष ठाकुर परियोजना प्रमुख (लारा), श्रीमती रेखा ठाकुर (अध्यक्षा, प्रेरिता महिला समिति), श्री केशव चंद्र सिंह रॉय (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण), श्री अशोक मिश्रा (GM-ऑपरेशंस और फ्यूल मैनेजमेंट), श्री हेमंत पावगी (GM–प्रोजेक्ट्स) और श्री जाकिर खान (AGM–HR) भी मौजूद थे। इस इवेंट में प्रेरिता महिला समिति के सीनियर सदस्य, कर्मचारी और गांव वाले शामिल हुए, जिससे इनक्लूसिव कम्युनिटी डेवलपमेंट के मकसद को मज़बूत सपोर्ट मिला।

इस मौके पर बोलते हुए, श्री नीरज जलोटा ने इस पहल की तारीफ की और समावेशी विकास के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह की कोशिशें दिव्यांग लोगों को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, जिससे वे फिर से चलने-फिरने में सक्षम हो पाते हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़्यादा एक्टिव रूप से हिस्सा ले पाते हैं।

इस वितरण कार्यक्रम से कई फ़ायदों में नई उम्मीद जगी, जिनमें से कई ने दिल से शुक्रिया अदा किया क्योंकि असिस्टिव डिवाइस उन्हें रोज़ाना के काम ज़्यादा आसानी और कॉन्फिडेंस के साथ करने में मदद करेंगे।

ऐसी पहल सोशल इन्क्लूजन, सम्मान और कम्युनिटी वेलफेयर पर बढ़ते ज़ोर को दिखाती हैं, जिससे यह पक्का होता है कि मदद उन लोगों तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है और एक ज़्यादा इनक्लूसिव और दयालु समाज बनाने में मदद मिलती है।

प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वारः 6 मार्च से कापू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर की शुरुआत

कलेक्टर के निर्देश पर मार्च-अप्रैल में विभिन्न तहसीलों में होंगे शिविर, त्वरित निराकरण पर विशेष जोर

दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगा शिविर

रायगढ़, 5 मार्च 2026 । आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरुआत 6 मार्च को विकासखंड धरमजयगढ़ के तहसील मुख्यालय प्रांगण कापू से होगी। शिविर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें आमजन अपनी मांग, शिकायत, आवेदन एवं अन्य आवश्यक प्रकरण सीधे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा 12 मार्च को मुकडेगा (लैलूंगा), 13 मार्च को तमनार, 19 मार्च को पुसौर, 20 मार्च को छाल (धरमजयगढ़), 27 मार्च को लैलूंगा, 2 अप्रैल को घरघोड़ा तथा 4 अप्रैल को खरसिया तहसील मुख्यालय में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक शिविर में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई है, ताकि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण स्थल पर ही किया जा सके।
           शिविर में प्राप्त आवेदनों को मांग एवं शिकायत श्रेणी में वर्गीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिन प्रकरणों का समाधान शिविर दिवस पर संभव होगा, उनका निराकरण तत्काल कर आवेदक को जानकारी दी जाएगी। शेष प्रकरणों के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर संबंधित आवेदकों को सूचित किया जाएगा। शिविर की तिथि से एक सप्ताह के भीतर श्रेणीवार निराकरण रिपोर्ट संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग जिला स्तर पर की जाएगी, ताकि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारियों तथा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकाधिक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। इससे आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होगा।

रायगढ़ पुलिस का सख्त एक्शन — अड्डेबाजों पर शिकंजा, 31 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, 3 जेल, 268 वाहन चालकों पर जुर्माना

होली से पहले रायगढ़ पुलिस का पैदल मार्च और ताबड़तोड़ कार्रवाई — उपद्रवियों पर कड़ी नजर, शहर में बढ़ी विजिबल पुलिसिंग

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सख्त अभियान — मार्केट, चौक-चौराहों और बस्तियों में पैदल मार्च, असामाजिक तत्व पुलिस रडार पर

         रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में होली पर्व के मद्देनजर जिलेभर में व्यापक स्तर पर विजिबल पुलिसिंग और सघन पेट्रोलिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल के साथ मार्केट एरिया, प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और अंदरूनी बस्तियों में पैदल मार्च कर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की इस सक्रिय मौजूदगी से आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं उत्पात मचाने वालों में स्पष्ट रूप से भय का माहौल देखा जा रहा है।



       शहर में सीएसपी रायगढ़ श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में अड्डेबाजी और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 24 घंटे के भीतर सिटी कोतवाली, जूटमिल और भूपदेवपुर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए 3 व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वहीं विवाद और शांति भंग की आशंका वाले मामलों में 28 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाकर 268 वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ₹1,22,200 का समन शुल्क वसूला गया है।

क्रेटा कार में युवती को जबरदस्ती बिठाकर ले जाने की घटना, होली की चौक चौबंद व्यवस्था में चंद घंटे में पकड़ी गई क्रेटा कार

युवती-युवक के बीच पारिवारिक विवाद का मामला आया सामने, जूटमिल पुलिस कर रही वैधानिक कार्रवाई
रायगढ़ । सोशल मीडिया पर प्रसारित एक युवती का कार में अपहरण की खबर से सनसनी फैल गई थी। मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आते ही कंट्रोल रूम से सभी नाकेबंदी और चेक पोस्टों को संदिग्ध काले रंग की क्रेटा कार की तलाश के निर्देश जारी किए गए। संदिग्ध वाहन की तस्वीर विभिन्न पुलिस ग्रुप में साझा की गई।

  शीघ्र इंदिरा विहार नो-एंट्री चेकप्वाइंट पर तैनात यातायात आरक्षक सुनील मिश्रा की नजर संदिग्ध वाहन पर पड़ी। वाहन रायगढ़ शहर की ओर जा रहा था। आरक्षक मिश्रा ने स्टॉपर लगाकर वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार आगे बढ़ने लगी। इस पर उन्होंने बाइक से पीछा करते हुए कार के सामने अपनी बाइक लगाकर वाहन को रुकवाया। वाहन सवार युवकों ने कार में बैठी युवती की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया, किंतु आरक्षक ने परिस्थिति भांपते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।

   सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चक्रधरनगर राकेश मिश्रा, थाना प्रभारी जूटमिल अभिनव कांत सिंह एवं चक्रधरनगर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचे और वाहन को युवती व युवक सहित थाना लाया गया। पूछताछ में युवक-युवती का पारिवारिक और आपसी विवाद का मामला सामने आ रहा है, युवती कार्यवाही नहीं चाहती, इनके बीच झगड़ा विवाद को देखते हुए जूटमिल पुलिस अनावेदक युवक पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है ।
यातायात जवान सुनील मिश्रा द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा आरक्षक के उत्साहवर्धन हेतु नगद ईनाम दिए जाने की घोषणा की गई है ।

अवैध उत्खनन व परिवहन पर खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई

एक सप्ताह में 27 वाहन जब्त, विभिन्न थानों में सुपुर्द

कलेक्टर के निर्देश पर सतत कार्रवाई, दोषियों पर विधिसम्मत प्रकरण दर्ज

रायगढ़। जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने  के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विगत एक सप्ताह के भीतर जिला रायगढ़ के खनिज अमले ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 27 वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों में हड़कंप की स्थिति है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध परिवहन के अंतर्गत खनिज रेत के 20 ट्रैक्टर एवं 02 हाईवा, खनिज मिट्टी/मुरूम के 03 ट्रैक्टर तथा खनिज चूनापत्थर के 02 हाईवा को जब्त किया गया है। जब्त किए गए कुल 27 वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर सहित थाना कोतरा रोड, भूपदेवपुर, पूंजीपथरा एवं पुसौर में सुरक्षार्थ रखा गया है।


खनिज विभाग द्वारा संबंधित परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत विधिसम्मत प्रकरण दर्ज किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उक्त कार्यवाही में  खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज अमला सक्रिय रूप से शामिल रहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए सतत निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए।
खनिज विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अवैध खनिज गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा एवं राजस्व की हानि को रोका जा सके।

जिंदल फाउण्डेशन जेपीएल तमनार द्वारा ’विशाल नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर’ का आयोजन

परियोजना ’दृष्टि’ से 101 दृष्टिबाधितों को नवदृष्टि का समर्पित प्रयास

रायगढ़ । तमनार -जिंदल फाउण्डेशन जेपीएल तमनार अपने सामाजिक सरोकार निर्वहन अंतर्गत क्षेत्र में बेहतर वातावरण निर्माण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। इसी क्रम में क्षेत्र में निवासरत वृद्धजनों, जो अपने आॅखों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिबाधित हैं। जिन्हें देख न पाने के कारण विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे जरूरतमंद वृद्धजनों के लिए जिंदल फाउण्डेशन जेपीएल तमनार अपने अनूठी परियोजना ’’दृष्टि’’ के अंतर्गत ’विशाल नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर’ का आयोजन फोर्टिंस ओ.पी. जिंदल हाॅस्पिटल तमनार में किया गया। जिसमें क्षेत्र के 280 हितग्राहियों का स्क्रीनिंग कर 101 वृद्धों का सफलता पूर्वक मोतियाबिंद आपरेशन कर उनके दृष्टिबाधिता को दूर किया गया। और आज वे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आने वाले सप्ताह में 70 अन्य दृष्टिबाधितों का शल्य चिकित्सा किया जाना शेष है।
    प्रायः देखा गया है कि नेत्रहीनता का प्रमुख कारण मोतियाबिंद है। प्रतिवर्ष मोतियाबिंद के लाखों नए मामले सामने आते हैं। लेकिन अत्याधुनिक तकनीकों ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन को बहुत आसान और प्रभावी बना दिया है। इसका कारण है मोतियाबिंद सर्जरी के प्रति लोगों में विश्वास व जागरूकता के कारण भारत में मोतियाबिंद के कारण होने वाली नेत्रहीनता में भारी मात्रा में कमी आई है।
इस अवसर पर श्री ऋषिकेष शर्मा, विभागाध्यक्ष सीएसआर विभाग ने बताया कि जिंदल फाउण्डेशन का उद्देश्य क्षेत्र के गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर के माध्यम से अनेक परिवारों को राहत मिली है और कई मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। शल्य चिकित्सा शिविर के दौरान मरीजों से मुखातिब होते हुए संस्थान के कार्यपालन निदेशक एवं यूनिट हेड श्री जी. वेंकट रेड्डी ने आश्वस्त किया कि जेपीएल तमनार, जिंदल फाउण्डेशन के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित है। संस्थान का लक्ष्य निकटस्थ ग्रामों के जरूरतमंदों, जो मोतियाबिंद, दृष्टिबाधित की समस्या परेशान हैंए उन्हें सहुलियत पहुॅचा कर उन्हें  नवदृष्टि प्रदान करना है। 
वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने जिंदल फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और उपचार सुविधा को बढ़ावा देते हैं।
    ज्ञातव्य हो कि यदि आपको दूर या पास का कोई भी वस्तु कम दिखाई दे, गाड़ी ड्राइव करने में समस्या हो या आप दूसरे व्यक्ति के चेहरे के भावों को न पढ़ पाएं तो समझिए की आप की आंखों में मोतियाबिंद विकसित हो रहा है। जब लेंस क्लाउडी हो जाता है तो लाइट लेंसों से स्पष्ट रूप से गुजर नहीं पाती, जिससे जो इमेज आप देखते हैं वो धुंधली हो जाती है। इसके कारण दृष्टि के बाधित होने को मोतियाबिंद या सफेद मोतिया भी कहते हैं। दरअसल उम्र का बढ़ने, डायबिटीज, अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक एक्सपोजर, उच्च रक्तदाब, मोटापा, आंखों में चोट लगना और पारिवारिक इतिहास के कारण मोतियाबिंद होता है। डॉक्टरों के अनुसार चालीस वर्ष के पश्चात नियमित रूप से आंखों की जांच कराकर, सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों  आंखों को बचाकर, रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों का सेवन, शराब व धुम्रपान छोड़ एवं डायबिटीज नियंत्रण कर मोतियाबिंद से बचा जा सकता है।
नेत्र शल्य चिकित्सा, रायगढ़ के सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. हिमांशु कश्यप, सर्जन, फोर्टिंस ओ.पी. जिंदल हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, रायगढ़ के द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. एस.के. पुजारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ओ.पी. जिंदल हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, तमनार, डाॅ.यू.के.पति, डाॅ.अश्विनी पटेल, श्री राजेश रावत, डाॅ. हेमेन्द्र साहू, सुश्री नीतू सारस्वत एवं समस्त स्वास्थ्य टीम जेपीएल तमनार की उपस्थित में सम्पन्न हुआ। इस सम्पूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में फोर्टिंस ओ.पी.जिंदल हाॅस्पिटल तमनार एवं टीम सीएसआर, जेपीएल के समस्त सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।

वन विभाग रायगढ़ ने अवैध तस्करी का किया भंडाफोड़, भारी मात्रा में खैर लकड़ी बरामद

चांपा में गुप्त गोदाम पर छापा, पंजाब-हरियाणा तक फैला था तस्करी का नेटवर्क

रायगढ़, 17 फरवरी 2026 ।  जिला प्रशासन के निर्देश पर रायगढ़ वन विभाग ने खैर लकड़ी की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 16 फरवरी को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद रायगढ़ वन मंडलाधिकारी के मार्गदर्शन पर उप वनमण्डलाधिकारी और उड़नदस्ते की टीम ने दबिश दी, तस्करों में हड़कंप मच गया और वे लकड़ी से लदा ट्रक लेकर भागने लगे। वन विभाग की सतर्कता के चलते चंद्रपुर मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक क्रमांक सीजी-06 2022 को पकड़ लिया गया। गिरोह के सदस्यों की मदद से चालक एक बार फरार होने में सफल रहा, लेकिन बाद में छानबीन के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
     

     पूछताछ में तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी चालक और उसके साथी मेलाराम ने बताया कि गिरोह आसपास के जंगलों से खैर की बेशकीमती लकड़ी काटकर सहसपुरी में डंप करता था। इसके बाद लकड़ी को चांपा स्थित मनीष अग्रवाल के एक गुप्त गोदाम में भेजा जाता था। रात लगभग एक बजे रायगढ़ की टीम ने तस्करों का पीछा करते हुए चांपा के अकलतरा भांटा क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की। चांपा वन विभाग के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। रायगढ़ और चांपा को केंद्र बनाकर तस्कर लकड़ी को ऊंचे दामों पर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में खपाते थे। इस पूरे ऑपरेशन में उप वनमण्डलाधिकारी श्री तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्राधिकारी श्री संजय लकड़ा और उड़नदस्ता प्रभारी श्री संदीप नामदेव की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि जिले में कहीं अवैध वन अपराध की घटना हो तो मोबा. नंबर 99263-21401 एवं टोल फ्री नंबर 1800-233-2631 पर संपर्क कर अवश्य जानकारी दें।

चोरी पर अंकुश लगाने रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई, पुलिस ने दो कबाड़ चोरों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

तमनार पुलिस की कार्रवाई में लोहे के शेड से पाइप एवं आलवेस्टर सीट चोरी करने वाले आरोपियों से चोरी का माल बरामद

कबाड़ खरीदी की आड़ में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों की त्वरित गिरफ्तार

एसएसपी शशि मोहन सिंह —“चोरी और कबाड़ के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर रायगढ़ पुलिस की सतत निगरानी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

     रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने मोटर सायकल चोरों, कबाड़ चोरों एवं अवैध रूप से कबाड़ खरीदी करने वालों पर सतत निगरानी रखकर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल थाना तमनार पुलिस द्वारा लोहा चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

            जानकारी के अनुसार दिनांक 15 फरवरी 2026 को प्रार्थी विनोद राठिया उम्र 44 वर्ष निवासी ग्राम गारे थाना तमनार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके ग्राम गारे स्थित भूमि पर बने लोहे के शेड से अज्ञात व्यक्ति द्वारा आलवेस्टर सीट एवं उसमें लगे लोहे के पाइप चोरी कर लिए गए हैं। रिपोर्ट पर थाना तमनार में *अपराध क्रमांक 35/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

          मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तमनार पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में कबाड़ का कार्य करने वाले व्यक्तियों से पूछताछ एवं पतासाजी शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वशीकूल इस्लाम एवं जयराम बेहरा कबाड़ खरीदने-बेचने की आड़ में चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने ग्राम गारे माइंस क्षेत्र के पास स्थित शेड से आलवेस्टर सीट एवं लोहे के पाइप चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर चोरी गया आलवेस्टर सीट एवं लोहे का पाइप, *कुल कीमत लगभग 30,000 रुपये, बरामद कर जप्त* किया गया। इसके पश्चात दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

*गिरफ्तार आरोपी* —

01. वशीकूल इस्लाम पिता असरफ अली उम्र 46 वर्ष, निवासी वाउसीपुकुर थाना लालगोला जिला मुर्शीदाबाद (पश्चिम बंगाल), वर्तमान निवासी तमनार थाना तमनार जिला रायगढ़
02. जयराम बेहरा पिता विश्वनाथ बेहरा उम्र 45 वर्ष, निवासी खम्हरिया थाना तमनार जिला रायगढ़

             उक्त कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर, एएसआई शशिदेव भोय, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, हेम प्रकाश सोन, पुष्पेन्द्र सिदार एवं थाना स्टाफ की टीम द्वारा की गई है ।

👉 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

  *“जिले में कबाड़ की आड़ में चोरी करने वाले तथा अवैध रूप से चोरी का माल खरीदने-बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

अदाणी फाउंडेशन द्वारा सड़क सुरक्षा माह पर हेलमेट वितरण कार्यक्रम

ग्रामीण समुदाय में सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने की पहल

रायगढ़ ।  सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर अदाणी फाउंडेशन द्वारा GPII-ढोलनारा में ग्रामीण समुदाय के लिए हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों में सुरक्षित वाहन संचालन की आदत विकसित करना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम का आयोजन प्रोग्राम मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और कम्युनिटी मोबिलाइज़र की उपस्थिति में किया गया। साइट हेड ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और युवाओं को हेलमेट प्रदान किए गए, जिनका उद्देश्य उन्हें दोपहिया वाहन चलाते समय सुरक्षा के प्रति अधिक सजग बनाना था।

प्रतिनिधियों ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हेलमेट पहनना केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि परिवार और समाज की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का नियमित उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

ग्रामीणों ने अदाणी फाउंडेशन के इस प्रयास का स्वागत करते हुए इसे जीवन रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने साझा किया कि वे सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत हैं, लेकिन हेलमेट उपयोग उनकी नियमित आदत नहीं बन पाया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और इस पहल को सराहा।

यह आयोजन सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित गतिविधियों का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुदाय में सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटना‑रहित समाज की दिशा में योगदान देना है।

छत्तीसगढ़ में अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं और बच्चों को करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और विज़न केयर कार्यक्रम के माध्यम से नेत्र जाँच और नि:शुल्क चश्मा वितरण जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। आजीविका और कौशल विकास के तहत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास के अंतर्गत पेयजल, स्वच्छता और सामुदायिक अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है, जबकि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम भी निरंतर रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। इन सभी पहलों का लक्ष्य समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाना है।