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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु अदाणी फाउंडेशन की पहल

रायगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों एवं मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से 212 लाभार्थियों को निःशुल्क परामर्श और दवा वितरण

रायगढ़, 22 नवंबर 2025 । अदाणी पावर लिमिटेड, रायगढ़ की सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा अदाणी फाउंडेशन ने ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से छह स्वास्थ्य शिविरों की योजना बनाई है, जिनमें से दो शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करना तथा निःशुल्क परामर्श एवं दवा वितरण के माध्यम से समुदाय को सशक्त बनाना है।

पहला शिविर ग्राम कोटमारा में आयोजित हुआ, जिसमें 119 लाभार्थियों ने निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श का लाभ लिया। इस शिविर में डॉ. काकोली (स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज) और डॉ. चंद्रशेखर सिदार (एपेक्स हॉस्पिटल) ने सेवाएँ प्रदान कीं। शिविर में ग्राम सरपंच श्री अमीन पटेल, फाउंडेशन की टीम और ग्राम के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

दूसरा शिविर ग्राम बड़े भण्डार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें 93 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क दवा वितरण का लाभ उठाया। इस शिविर में डॉ. संगीता पांडे (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. विकास कुमार (जनरल फिजिशियन) उपस्थित रहे। इन शिविरों को सफल बनाने में ग्रामीण प्रतिनिधियों और विद्यालय प्रशासन का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। अदाणी फाउंडेशन की टीम—पूर्णेन्दु कुमार, परमेश्वर गुप्ता, सोमप्रभा गोस्वामी, कौशल विशाल (फार्मा.) और अरुण कुमार (वॉलंटियर)—ने सक्रिय योगदान दिया।

इसके अतिरिक्त, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में दो मोबाइल हेल्थ वैन संचालित कर रहा है, जो 42 गाँवों और रेलवे साइडिंग क्षेत्र के गाँवों को कवर कर रही हैं। इन वैन के माध्यम से भी ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श और दवा वितरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।

अदाणी फाउंडेशन, अदाणी समूह की सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में कार्यरत है। देशभर में फैले अपने कार्यक्रमों के माध्यम से फाउंडेशन का उद्देश्य सतत विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना है। खेल-कूद के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करना, नेतृत्व कौशल विकसित करना और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना फाउंडेशन की प्राथमिकताओं में शामिल है। फाउंडेशन आगे भी इसी तरह के जनहितकारी कार्य जारी रखेगा।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकार को विद्या विकास कॉन्सेप्ट स्कूल में सम्मान समारोह आयोजित

रायगढ़। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर विद्या विकास कॉन्सेप्ट स्कूल, अतरमुड़ा द्वारा शहर के पत्रकारों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, विद्यालय प्रबंधन ने प्रेस एवं मीडिया जगत के अमूल्य योगदान को नमन करते हुए पत्रकार साथियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्कूल के मुख्य प्रशासन अधिकारी संजीव कुमार बाबू ने प्रेस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “प्रेस दिवस केवल एक दिवस नहीं बल्कि लोकतंत्र की सच्ची शक्ति—मीडिया—का सम्मान है,मीडिया समाज का दर्पण है, और शिक्षा, जागरूकता तथा सकारात्मक बदलाव लाने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है,” उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ जनमानस तक सही जानकारी पहुँचाने में अहम योगदान देते हैं।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रेस क्लब रायगढ़ के सचिव नवीन शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार पुनीराम रजक ने विद्यालय द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल पत्रकारों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में मीडिया की आवश्यकता और महत्ता को भी रेखांकित करते हैं।

कार्यक्रम का समापन विद्यालय की प्राचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, विद्यालय प्रबंधन ने आगे भी इसी प्रकार सामाजिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न आयोजन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई,समारोह में प्रेस क्लब रायगढ़ के सदस्य, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं स्टाफ विशेष रूप से उपस्थित रहे।

आर.एल. हॉस्पिटल में 23 नवंबर को पेट एंव लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रवाल रहेंगे उपलब्ध

रायगढ़ । गौशाला रोड स्थित डॉ आर. एल. हॉस्पिटल में मरीजों की जाँच एवं परामर्श के लिए पेट व लिवर रोग विशेषज्ञ 23 नवंबर रविवार को रायगढ़ आएंगे। डॉक्टर अग्रवाल यहाँ दोपहर 11 बजे से शाम 3 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान वे पंजीकृत मरीजों का जाँच व इलाज करेंगे। डॉ आर. एल. हॉस्पिटल में इसके लिए पूरी तैयारी की गयी है।

अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. संजय पित्त की थैली, पेट मे गैस और ऐसीडीटी की समस्या सीने मे जलन खाना और पानी का अटकना, पीलिया और हेपेटाइटिस की समस्या, शराब जनित, रोग पेट मे भरिपन, जी मचलना, पित्तशय और पित्तनली की पथरी खुनी उलटी, पेट मे पानी भरना पेट के छाले, पेट और आंत में कैंसर फंगल इन्फेक्शन, पित्त की नलिका के कैंसर की जाँच, लिवर से संबंधित बिमारियों का जाँच एंव उपचार करेंगे। इसके लिए अस्पताल के मो न. 9179618171 में अग्रिम  पंजीयन किया जावेगा। असुविधा के बचने के लिए अग्रिम पंजीयन करने की अस्पताल ने अपील की है।

रायगढ़ यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रोड़ रोलर से नष्ट कराया 200 मॉडिफाई साइलेंसर

रायगढ़, 21 नवंबर। रायगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर शहर में यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर चल रही सख्त मुहिम के बीच शुक्रवार को यातायात पुलिस ने मॉडिफाई साइलेंसरों पर की गई कार्रवाई का नष्टीकरण कार्यक्रम आयोजित किया। गत माह एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम और डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर उन बाइक चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई थी, जिन्होंने मानक साइलेंसर हटाकर तेज और कर्कश ध्वनि वाले मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर वाहन चलाए। नियम उल्लंघन करने वालों से समन शुल्क वसूलते हुए उनके वाहनों में लगे गैर-मानक साइलेंसर हटवाकर पुनः मानक साइलेंसर लगवाए गए थे। इसी कार्रवाई में जब्त किए गए करीब 200 मॉडिफाई साइलेंसरों को आज पुलिस सामुदायिक भवन के सामने सीसी रोड पर पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल की मौजूदगी में रोड़ रोलर चलवाकर नष्ट किया गया।


       मीडिया से चर्चा में पुलिस अधीक्षक श्री पटेल ने बताया कि इस वर्ष अब तक मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत 35 हजार वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है, जिससे लगभग 3.45 करोड़ रुपये समन शुल्क शासन के खाते में जमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना पुलिस की प्राथमिकता है और मॉडिफाई साइलेंसरों के विरुद्ध यह कदम सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एसपी ने शहरवासियों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एएसआई राजेन्द्र पटेल, हेड कांस्टेबल मुकेश चौहान, जितेन्द्र जोशी, शीतल पाण्डेय, कांस्टेबल दिनेश डनसेना, बलवंत राठिया, जक्शन बघेल, संतोष पाण्डेय, विजय सिदार, प्रमोद सागर, सैनिक धनेश सिदार एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

युवा सर्जन डॉ. राज कृष्ण शर्मा उत्तर प्रदेश सर्जन्स एसोसिएशन मीट 2025 में ‘यंग अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित

रायगढ़। कानपुर में आयोजित उत्तर प्रदेश सर्जन्स एसोसिएशन मीट 2025 इस वर्ष एक विशेष उपलब्धि का साक्षी बना, जहाँ डॉ. राज कृष्ण शर्मा को सामान्य एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए यंग अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके उत्कृष्ट कार्यों का प्रमाण है, बल्कि उनके अथक परिश्रम और समाजसेवा की भावना का भी प्रतीक है।

कार्यक्रम जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अलुमनी मीट के साथ आयोजित किया गया, जहाँ देशभर से वरिष्ठ एवं युवा सर्जन उपस्थित रहे। गौरतलब है कि डॉ. शर्मा ने इसी प्रतिष्ठित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से एम.एस. जनरल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की थी। विशेष बात यह है कि उन्होंने ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम में प्रथम प्रयास में चयन पाकर अपनी प्रतिभा और लगन का परिचय पहले ही दे दिया था।

डॉ. राज कृष्ण शर्मा पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में सक्रिय रूप से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने वहाँ न केवल उन्नत और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को शुरू किया, बल्कि अनेक युवा चिकित्सकों को इन नई प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित भी किया। शहर में उन्नत सर्जिकल सुविधाओं की कमी को देखते हुए उन्होंने इसे अपना कर्तव्य समझते हुए नई तकनीकों को सरल और सुलभ बनाया। उनके प्रयासों से आज रायगढ़ में कई जटिल सर्जिकल प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

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डॉ. राज कृष्ण शर्मा की सफलता कहानी इसलिए भी प्रेरणादायी है क्योंकि वे एक बेहद साधारण और विनम्र पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर चिकित्सा क्षेत्र में उच्च स्थान बनाया। समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा, मरीजों के प्रति करुणा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हमेशा उपलब्ध रहने की उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलाई है।

समारोह में उपस्थित वरिष्ठ सर्जनों ने डॉ. शर्मा की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे युवा चिकित्सक चिकित्सा जगत का भविष्य सुरक्षित करते हैं। वहीं डॉ. शर्मा ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि समाज और चिकित्सा क्षेत्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ाने वाला प्रेरणास्रोत है।

निस्संदेह, डॉ. राज कृष्ण शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और चिकित्सा जगत में उनके योगदान को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाएगा।

60 करोड़ की जमीन हथियाने के लिए फर्जी नामांतरण, कोतरा रोड चूना भट्ठा की जमीन हासिल करने के लिए जोड़तोड़

एसडीएम न्यायालय से हो चुका है वास्तविक भूमिस्वामी का नाम दर्ज करने का आदेश
रायगढ़। पिछले कुछ सालों में रायगढ़ में जमीन की भूख सबसे ज्यादा बढ़ी है। कोई सरकारी जमीन को निजी बताकर बेच रहा है तो कोई दूसरे की जमीन पर दावा ठोक रहा है। राजस्व विभाग भी इस गुंताड़े को देखकर हैरान है क्योंकि इतना तेज दिमाग तो पटवारी-आरआई के पास भी नहीं है। कोतरा रोड चूना भट्ठे की करीब साढ़े चार एकड़ जमीन को हासिल करने के लिए एक परिवार ने फर्जी नामांतरण करवा लिया जबकि एसडीएम न्यायालय से वास्तविक भूमिस्वामी के पक्ष में आदेश हो चुका है। रायगढ़ में 60 करोड़ के जमीन घोटाले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूरा मामला शहर के कोतरा रोड चूना भट्ठा की जमीन खसरा नपंबर 127/2 का है, जहां नटवर बेरीवाल और उनके परिवार ने फर्जी नामांतरण के जरिए सिंघानिया परिवार के नाम से दर्ज जमीन को अपने नाम कर लिया था। जबकि इस मामले में नजूल अधिकारी से लेकर एसडीएम और तहसील न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि बेरीवाल परिवार द्वारा कराया गया नामांतरण पूरी तरह से फर्जी है।
न्यायालय ने भी जमीन के अभिलेखों से बेरीवाल परिवार का नाम काटकर सिंघानिया परिवार का नाम 1995-96 की स्थिति में दर्ज करने का आदेश पारित कर चुका है। यह मामला करीब 20 साल पुराना है। शहर के सिंघानिया परिवार की कोतरा रोड में खनं 127/2 रकबा 4.62 एकड़ पुस्तैनी जमीन है। उन्होंने मार्च 2012 में उक्त जमीन को रेड कारपेट बिल्डर को बेचने का सौदा किया लेकिन बिक्री नकल निकालते समय उनको पता चला कि 1995-96 की स्थिति में उनके खाते में कुल 3.32 एकड़ जमीन ही दर्ज है। 0.597 हे. जमीन नटवर बेरीवाल और उनके परिवार के नाम से दर्ज पाई गई। जबकि सिंघानिया परिवार का कहना है कि उनका बेरीवाल परिवार से कभी कोई किरायानामा या बिक्रीनामा हुआ ही नहीं है। तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने तत्कालीन नजूल अधिकारी एके धृतलहरे को जांच के आदेश दिए। नजूल अधिकारी, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिंघानिया परिवार और बेरीवाल परिवार को जमीन संबंधी अपने-अपने दस्तावेज के साथ प्रस्तुत होने का नोटिस जारी किया। तहसीलदार ने जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट लिखा है कि सिंघानिया परिवार की जमीन के नामांतरण का कोई भी केस या रिकॉर्ड तहसील कार्यालय में नहीं है।एसडीएम ने भी तहसीलदार के आदेश को माना
एसडीएम ने भी तहसीलदार के प्रतिवेदन को उचित ठहराया। इस प्रकरण में सिंघानिया परिवार ने अपने संपूर्ण दस्तावेज समय से पहले ही नजूल अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिए थे। जबकि नटवर बेरीवाल परिवार ने जमीन का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। वे किसी पेशी में भी उपस्थित नहीं हुए। तत्कालीन नजूल अधिकारी ने भी कि नटवर बेरीवाल एंड परिवार द्वारा लगातार पेशी में बुलाए जाने पर भी उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई कागजात प्रस्तुत किए। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा नामांतरण फर्जी रूप से दर्ज कराया गया है। नजूल अधिकारी ने नटवर बेरीवाल परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए थे।

न्यायालय में लगाएं अर्जी
तहसीलदार, एसडीएम और नजूल अधिकारी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने आदेश दिया कि उक्त जमीन के नामांतरण का कोई रिकॉर्ड शासकीय दस्तावेजों में नहीं है। अत: भूमि स्वामी सिंघानिया परिवार उचित न्यायालय में आवेदन कर अपनी जमीन को वापस पा सकता है। सिंघानिया परिवार ने एसडीएम न्यायालय में अपील की और जमीन अपने नाम दर्ज करने की मांग की, लेकिन दूसरे पक्ष ने केस को लंबित रखने और न्यायालय को गुमराह करने के लिए अनेक हथकंडे अपनाए। तत्कालीन एसडीएम भागवत जायसवाल ने अपने आदेश में बेरीवाल परिवार का नाम काटकर सिंघानिया परिवार का नाम जोडऩे के आदेश दिए और जमीन का रिकॉर्ड 1995-96 की स्थिति में करने के आदेश दिए। अब नटवर बेरीवाल एवं उनका परिवार इस मामले को राजस्व मंडल लेकर चला गया है। वहां भी अब तक वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। सिर्फ प्रकरण को लंबा खींचने की कोशिश की जा रही है।

शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा कर्नल विप्लव त्रिपाठी का बलिदान दिवस
पत्नी अनुजा, पुत्र अबीर समेत हुए थे मणिपुर में शहीद

रायगढ़ जिले के शहीद परिवारों का सम्मान, चित्रकला प्रतियोगिता, श्रद्धांजलि सभा का होगा आयोजन

रायगढ़ ।देश के लिये परिवार समेत अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले रायगढ़ के सपूत बलिदानी कर्नल विप्लव त्रिपाठी का बलिदान दिवस गुरुवार 13 नवंबर को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वीर शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी, वीर नारी अनुजा त्रिपाठी और बालवीर अबीर त्रिपाठी के बलिदान दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रातः शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में स्थापित उनकी प्रतिमा में पुष्पांजलि का कार्यक्रम होगा। इसके बाद बालवीर अबीर उद्यान में स्थापित शहीद अबीर त्रिपाठी की प्रतिमा पर और उद्यान के समीप उनकी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।

इसके पश्चात कमला नेहरू पार्क में 9 बजे से बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। अंत में शाम के सत्र में रायगढ़ जिले के 12 शहीद परिवारों का सम्मान किया जायेगा। इस आयोजन में शामिल होने के लिए शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मेमोरियल ट्रस्ट की तरफ़ से शहरवासियों को आमंत्रित भी किया गया है। इस आयोजन में दिव्य शक्ति, अग्रसेन सेवा संघ, जेसीआई,मॉर्निंग वॉकर सोसायटी, बजरंग दल, अमेचर कबड्डी संघ, संस्कार पब्लिक स्कूल, प्रेस क्लब, इप्टा, प्रगतिशील लेखक संघ, बैंकर्स एसोसिएशन (रिटा.), कहानीबाज़ थियेटर सोसायटी, गुड़ी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान जैसी संस्थाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। चित्रकला उत्सव के लिए स्कूलों से इच्छुक प्रतिभागियों (10 से 16 वर्ष उम्र समूह) की सहभागिता के लिए शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आग्रह किया गया है।

कर्नल विप्लव त्रिपाठी ने परिवार समेत दिया बलिदान
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य पंडित किशोरी मोहन त्रिपाठी के पौत्र कर्नल विप्लव 12 नवंबर 2021 को अपनी पत्नी अनुजा और बेटे अबीर के साथ मणिपुर के चूड़ाचांदपुर में सिंघट पोस्ट पर सीमा निरीक्षण के लिए गए थे। आर्मी विमेन वेलफेयर एसोसिएशन की प्रमुख होने के नाते उनकी पत्नी अनुजा अपने पुत्र अबीर के साथ वहां गई थी। जानकारी के मुताबिक उसी शाम उन्हें वापस बेस लौटना था। लेकिन किसी कारणवश उन्हें अगले दिन तक रुकना पड़ा। अगले दिन यानी 13 नवंबर को कर्नल विप्लव बेस कैंप के लिए जब लौट रहे थे इस दौरान घात लगाए उग्रवादी उनके काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में कर्नल विप्लव सहित पांच जवान शहीद हो गए। उनकी पत्नी अनुजा और बेटे की भी मौत हो गई। देश के सैन्य इतिहास में यह अपने आप में पहली घटना है जब उग्रवादियों ने एक कर्नल की उसके परिवार समेत हत्या कर दी हो। शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी आज देश के हर एक घर की शान है और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत भी।

रायगढ़ नहीं पूरे देश के गौरव शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी
शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी का जन्म 20 मई 1981 को रायगढ़ के जिला चिकित्सालय में हुआ। उनकी माता श्रीमती आशा त्रिपाठी और पिता श्री सुभाष चंद्र त्रिपाठी हैं। उनके छोटे भाई कर्नल अनय त्रिपाठी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्राथमिक शिक्षा कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में हुई इसके बाद वह उन्होंने सैनिक स्कूल में रीवा से  हायर सेकेंडरी की शिक्षा पूरी की। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पुणे में तीन वर्ष शिक्षा प्राप्त करने के बाद भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से 2003 में पास आउट होने के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय सैन्य सेवा में कमीशन प्राप्त हुआ वह कुमाऊँ रेजिमेंट के ऑफिसर बने। उनकी पहली पोस्टिंग सियाचिन में हुई। कुपवाड़ा में  विप्लव के मार्गदर्शन में भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करने वाले 6 आतंकवादियों को मार गिराया था। मेजर के पद पर पदोन्नत होने के बाद आईएमए देहरादून में इंस्ट्रक्टर के पद पर पदस्थना हुई। वहीं पदस्थ रहते हुए उनका विवाह बिलासपुर की अनुजा शुक्ला से हुई। आईएमए में पदस्थ रहते हुए ही उनकी यूनिट को संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना के लिए दक्षिण अफ्रीका के कांगों में भेजा गया जहां वे एक साल तक रहे। लौटने के बाद उनकी पदस्थापना लखनऊ में हुई। जहां  उन्हें 5 फरवरी 2015 को पुत्ररत्न अबीर त्रिपाठी के रूप में प्राप्त हुआ।  2016 में कर्नल विप्लव त्रिपाठी और उनके छोटे भाई कर्नल अनय त्रिपाठी दोनों का चयन एक साथ आर्मी स्टॉफ कॉलेज  वेलिंगटन के लिए हुआ था। वेलिंगटन में रहते हुए ही उन्हें कर्नल के पद पर पदोन्नत कर दिया गया था।  इनको मथुरा स्ट्राइक कोर 1 में जनरल स्टाफ ऑफिसर 1 के रूप में पदस्थ किया गया। जुलाई 2019 में उनका चयन कमांड ऑफिसर के पद पर 46 असम राईफल्स आइजोल(मिजोरम) में हुआ। यहां उन्होंने तस्करों के खिलाफ धड़ाधड़ कार्रवाई शुरू कर दी। कर्नल विप्लव की इस उपलब्धि पर वहां के राज्यपाल ने कर्नल विप्लव को न केवल पुरस्कृत और सम्मानित किया था बल्कि एक एन्टी ड्रग स्कॉड के गठन के लिए भी उन्हें जिम्मेदारी दी थी। आइजोल से जून 2021 में  इनकी पूरी बटालियन को आतंकवाद प्रभावित इलाका मणिपुर के खुगा में भेजा गया।
उनकी टीम ने 40 करोड़ रूपये से अधिक कीमत के हेरोइन से लदे एक ट्रक को पकड़ लिया था। 12 नवंबर 2021 को कर्नल विप्लव अपनी पत्नी अनुजा और पुत्र अबीर के साथ म्यांमार सीमा से लगे बेहांग बॉर्डर पर स्थित भारतीय पोस्ट के निरीक्षण के लिए गए हुए थे।  13 नवंबर को जब कर्नल विप्लव त्रिपाठी अपने काफिले के साथ वापस अपने मुख्यालय लौट रहे थे तब बेहांग पोस्ट और दूसरी पोस्ट के बीच आतंवादी संगठन द्वारा लगाए गए एंबुश में फंस गए। अलगाववादियों ने आईडी लगाकर उनके पायलट वाहन को उड़ा दिया और उसके बाद दोनों तरफ से कर्नल विप्लव जिस वाहन में थे उसमें गोलियों की बौछार कर दी। तब भी कर्नल विप्लव त्रिपाठी अपनी कारबाइन और सर्विस रिवाल्वर की आखिरी गोली तक अलगवावादियों का मुकाबला करते रहे लेकिन अंतत: अपनी पत्नी अनुजा और पुत्र अबीर के साथ वीरगति को प्राप्त हो गए।

तालाब मूल्यांकन के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते आरईएस का एसडीओ गिरफ्तार

तालाब मूल्यांकन के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते आरईएस का एसडीओ गिरफ्तार
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर जनपद क्षेत्र के ग्राम नवापाराखुर्द निवासी कृषक डिसम्बर सिंह की जमीन पर मत्स्य योजना के तहत तालाब निर्माण का कार्य कराया गया था। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की देखरेख में निर्मित तालाब का मूल्यांकन होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती। मूल्यांकन के लिए कृषक डिसम्बर सिंह लगातार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के प्रेमनगर स्थित कार्यालय का चक्कर लगा रहा था।

15 हजार रुपए बतौर घूस मांग रहा था।

कृषक के घर जाकर ले रहा था रिश्वत।

एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पकड़ा।

अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर में पदस्थ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) ऋषिकांत तिवारी को 15000 रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शासन की योजना के तहत निर्मित तालाब के मूल्यांकन के बदले में एसडीओ कृषक से रिश्वत ले रहा था ।इस दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे पकड़ लिया।

सूरजपुर जिले के प्रेमनगर जनपद क्षेत्र के ग्राम नवापाराखुर्द निवासी कृषक डिसम्बर सिंह की जमीन पर मत्स्य योजना के तहत तालाब निर्माण का कार्य कराया गया था। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की देखरेख में निर्मित तालाब का मूल्यांकन होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती।

मूल्यांकन के लिए कृषक डिसम्बर सिंह लगातार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के प्रेमनगर स्थित कार्यालय का चक्कर लगा रहा था लेकिन अधिकारी टालमटोल कर रहे थे। आखिरकार एसडीओ ऋषिकांत तिवारी द्वारा तालाब के मूल्यांकन के बदले 15000 रिश्वत की मांग की गई।

कृषक यह राशि देना नहीं चाहता था बल्कि एसडीओ को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था। उसने एसडीओ द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के अंबिकापुर स्थित कार्यालय में की थी। शिकायत की जांच करने पर एसडीओ द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई तब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एसडीओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई।

योजना के तहत कृषक को बुधवार को प्रेमनगर स्थित कार्यालय में ही एसडीओ को रिश्वत देना था। जब कृषक रिश्वत की राशि लेकर वहां पहुंचा तो पता चला कि बैठक हो रही है। यहां एसडीओ ने कृषक से कहा कि अभी बैठक चल रही है। इसलिए वह घर चला जाए।जब वह शाम को कार्यालय से लौटेंगे तो कृषक से उसके घर से ही राशि ले लेंगे। इस पर कृषक अपने नवापारा खुर्द स्थित घर लौट आया था।

देर शाम प्रेमनगर मुख्यालय से एसडीओ रिश्वत की रकम लेने किसान के घर पहुंचा। उस दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी- कर्मचारी आसपास की मौजूद थे।जैसे ही एसडीओ ने रिश्वत की रकम ली, तत्काल उसे पकड़ लिया गया। आगे की कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा की जा रही है। एंटी करप्शन के अधिकारियों ने बताया कि एसडीओ के संपत्ति की भी जांच की जाएगी।

भूमिगत कोयला खनन: भारत में पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक प्रगति की ओर निर्णायक कदम

रायगढ़ । जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट और संसाधनों की कमी से जूझ रही है, तब भारत जैसे विकासशील देश के लिए अपने खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण और पर्यावरण-संवेदनशील दोहन एक रणनीतिक आवश्यकता बन गया है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-समृद्ध राज्य में, जहां देश का लगभग 20% कोयला उत्पादन होता है, भूमिगत खनन तकनीक ने एक नई दिशा दिखाई है। यह तकनीक न केवल खनिजों के कुशल दोहन की सुविधा देती है, बल्कि पर्यावरणीय क्षति, सामाजिक असंतुलन और जनविस्थापन को भी न्यूनतम करती है।

भारत सरकार द्वारा 6 अगस्त 2025 को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में भूमिगत कोयला खनन को पर्यावरणीय, सामाजिक और भूमि उपयोग के दृष्टिकोण से अत्यधिक लाभकारी बताया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, भूमिगत खनन से सतही संरचनाओं को न्यूनतम क्षति होती है, जिससे कृषि भूमि, वन क्षेत्र और आवासीय इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यह तकनीक धूल और ध्वनि प्रदूषण को भी काफी हद तक कम करती है, जिससे स्थानीय पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, भूमिगत खनन का सतही प्रभाव सीमित होता है, जिससे अप्रत्यक्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन भी घटता है।

इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है आगामी पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान, जो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रस्तावित है। यह परियोजना 2.25 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ विकसित की जा रही है |

यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी। विरोध की वर्तमान लहर, जो भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर फैलाई जा रही है, वस्तुतः तथ्यों से परे है। भूमिगत खनन परियोजनाएं सतही खनन की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण-अनुकूल और सामाजिक रूप से स्वीकार्य हैं।

इसलिए, यह आवश्यक है कि निर्णय केवल भावनाओं या राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लिए जाएं। पुरुंगा खदान जैसी परियोजनाएं भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक समृद्धि की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।

दिव्य शक्ति की असली दिवाली हर घर दिवाली ,घर घर दिवाली- 2025

रायगढ़। एक ऐसा बस्ती जहाँ सात आठ साल पहले दिवाली में दिया भी नहीं चसा पाते थे ,न ही पटाखे फोड़ते थे , दिव्य शक्ति वालों को जब ये बात पता चली तब से हर साल बस्ती के हर घर में दिया ,तेल ,बाती, रंगोली ,फटाका ,कपड़े ,मिठाई और भी बोहोत सामान दिया जाता है जिससे उनके घर भी दिवाली में रोशन हो

दिवाली के एक महीना पहले से ही लोगों के फ़ोन आने लग जाते हैं आप लोग इस साल भी आएंगे न ? बड़े ही नहीं बच्चे भी इंतज़ार करते हैं उस एक दिन का , यह ओ दिन है जो इनके ही नहीं दिव्य शक्ति के भी हर सदस्यों के चेहरे पे मुस्कान लाता है