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जेसी सीए गुलशन अग्रवाल बने JCI रायगढ़ सिटी के 2026 के अध्यक्ष

रायगढ़। सामाजिक नेतृत्व, सामुदायिक विकास और युवा सशक्तिकरण के लिए कार्यरत जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (JCI) रायगढ़ सिटी ने वर्ष 2026 के लिए अपने नए अध्यक्ष के रूप में जेसी सीए गुलशन अग्रवाल को चुना है। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार यह चयन नामांकन समिति 2025 की सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न हुआ।

नामांकन समिति 2025 के चेयरमैन जेसी सीए विकास अग्रवाल ने बताया कि समिति के सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने सभी सदस्यों तथा संगठन के सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से नामांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण रूप से पूर्ण हो सकी।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष जेसी सीए गुलशन अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और लंबे समय से JCI से जुड़े हुए हैं। वे वर्ष 2024 में कोषाध्यक्ष (Treasurer) तथा 2025 में सचिव (Secretary) के रूप में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और पारदर्शी प्रबंधन का परिचय दे चुके हैं। संगठन के भीतर उनके अनुभव और सक्रियता ने उन्हें सदस्यों के बीच एक प्रभावी और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित किया है।

अपने चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए गुलशन अग्रवाल ने कहा कि वे JCI के मूल सिद्धांत — नेतृत्व विकास, सामुदायिक सेवा और भाईचारा — को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में संगठन युवाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभावकारी परियोजनाएँ संचालित करेगा।

नामांकन समिति के चेयरमैन जेसी सीए विकास अग्रवाल ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में JCI रायगढ़ सिटी नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और शहर में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देगा।उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संस्था के पीआरओ जेसी सीए अमन मित्तल ने दी।

अंबुजा अडानी कोल माइंस जनसुनवाई का जबरदस्त विरोध
महिला-बच्चे संग रातभर धरने पर बैठे रहे 300 ग्रामीण, जनसुनवाई रद्द करने की मांग

रायगढ़। जिले के छाल क्षेत्र में कोल माइंस का विरोध हो रहा है। दरअसल, 3 गांव पुरूंगा, साम्हरसिंघा और तेंदूमुड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जल, जंगल और जमीन कोयला खदान के लिए नहीं देना चाहते। 6 नवंबर को ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। कोयला खदान के लिए 11 नवंबर को जनसुनवाई होगी। ग्रामीण इसे रद्द कराना चाहते हैं। गुरुवार को 300 ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन कलेक्टर ग्रामीणों से मिलने नहीं आए। इसके बाद ग्रामीण रातभर कलेक्ट्रेट के सामने बैठकर अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और लड़कियां भी धरने पर बैठी रहीं।
पिछले 24 घंटे तक प्रदर्शन के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे तक आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से मिलने कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे थे। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को जानकारी मिली कि गांव में जनसुनवाई को लेकर जल्द तैयारी की जाने वाली है, तो ग्रामीण कलेक्ट्रेट के सामने अपना आंदोलन समाप्त कर वापस गांव चले गए। ग्रामीण अब गांव में जनसुनवाई का विरोध करने की बात कह रहे हैं। कोल माइंस से छाल क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुरूंगा, साम्हरसिंघा और तेंदूमुड़ी का एरिया प्रभावित हो रहा है। 6 नवंबर की दोपहर में 3 ग्राम पंचायत के करीब 300 से ज्यादा ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके समर्थन में धरमजयगढ़ से कांग्रेस विधायक लालजीत राठिया और खरसिया से विधायक उमेश पटेल भी आए थे। मांग देर शाम तक पूरी नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, वे अपना धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे और कलेक्ट्रेट के सामने ही दरी बिछाकर बैठ गए। ठंड बढ़ते गई, लेकिन वे नहीं उठे और रात भर अपनी मांगों को लेकर यहीं डटे रहे। इस दौरान प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के सामने बैरिकेड लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी और बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।

जनसुनवाई निरस्त करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में जनसुनवाई निरस्त होना चाहिए। इसका प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके बाद भी जब प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लिया तो ग्रामीणों ने अपना आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन में तीनों गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं-बच्चे और युवतियां भी शामिल हुई। धरमजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया ने बताया कि यहां माताएं और छोटे-छोटे बच्चे बैठे हुए हैं। अभी तक जनसुनवाई निरस्त करने का आदेश रायपुर से भेज देना चाहिए। छत्तीसगढ़ की जनता जल, जंगल के मालिक हैं। सिर्फ एक ही बात को जानते हैं, छत्तीसगढ़ की हरियाली की सुरक्षा करना है। अभी तक विष्णुदेव साय की सरकार को जनसुनवाई निरस्त करने का आदेश भेज देना चाहिए।

बड़े-बड़े लोगों के काम करने के लिए बैठे कलेक्टर- राठिया
कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात नहीं की। इस पर लालजीत राठिया ने कहा कि पहले किताब में पढ़ते थे कलेक्टर जिले का न्यायधीश होता है, जिले की जनता का काम करने के लिए चुना जाता है, लेकिन यह सब किताबी बाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर जनहित का काम करने नहीं आए हैं, बल्कि बड़े-बड़े लोगों के काम करने के लिए बैठे हुए हैं।

अंबूजा कोयला खदान जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन तेज, कलेक्टर कार्यालय के सामने दिया धरना

रायगढ़। अंबूजा कोल माइंस की प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द करने की मांग को लेकर रायगढ़ जिले के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए ग्रामीणों ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया। इस आंदोलन को खरसिया विधायक उमेश पटेल तथा धरमजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया का समर्थन भी मिला।

गौरतलब है कि 11 नवंबर को अंबूजा कोयला खदान परियोजना से संबंधित जनसुनवाई प्रस्तावित है। प्रभावित गांव पुरूंगा, सांभरसिंघा, तेंदूमूड़ी, कोकदार सहित अन्य पंचायतों के ग्रामीणों ने कहा कि यह क्षेत्र पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहाँ पेसा कानून लागू है। ऐसे में किसी भी परियोजना पर अंतिम निर्णय ग्रामसभा की अनुमति से ही संभव है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मौखिक तौर पर जनसुनवाई के लिए ग्रामसभा की सहमति मिलने की बात कह रहा है, जबकि ग्रामसभाओं ने सर्वसम्मति से इस जनसुनवाई को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर पहले ही प्रशासन को भेज दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई लिखित जवाब नहीं दिया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ गई है।

धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि यह परियोजना अडाणी समूह से जुड़ी है और वे अपने जल, जंगल और ज़मीन को किसी भी कंपनी के हवाले नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक जनसुनवाई रद्द करने की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। कई ग्रामीणों ने वहीं पर भोजन बनाने और रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी कर ली है।

विधायक उमेश पटेल ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि ग्रामसभा की सहमति के बिना जनसुनवाई करना नियमों के खिलाफ है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन पर कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव दिखाने का आरोप लगाया।

इधर इस विषय पर रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य ही ग्रामीणों की बात सुनना है। प्रशासन संवाद के माध्यम से स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास कर रहा है। जनसुनवाई रद्द न करने को उन्होंने उचित बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

स्थापना दिवस के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया एनटीपीसी का स्वर्ण जयंती समारोह

एनटीपीसी का स्थापना दिवस एवं स्वर्ण जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ एनटीपीसी लारा परियोजना में 7 नवम्बर 2025 को मनाया गया। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार द्वारा प्रशासनिक भवन परिसर में एनटीपीसी ध्वजारोहण किया गया।

रायगढ़। इस मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री कुमार ने एनटीपीसी एवं लारा स्टेशन की उपलब्धियों को याद करते हुए दिनो दिन लारा परियोजना की बेहतर होती हुई मानदंडों के लिए सभी कर्मचारियों को बधाई दी एवं इस को आगे बरकरार रखते हुए और वेहतर कार्य कुशलताओं को हासिल करने के लिए आग्रह किया। इस वित्त वर्ष में आजतक लारा स्टेशन द्वारा प्लांट लोड के मामलों में एनटीपीसी में 4थी  नंबर पर है। पर श्री अनिल कुमार ने यह भरोसा दिलाया की वित्त वर्ष की अंत तक लारा परियोजना नंबर 1 स्थान हासिल करेगी। साथ ही लारा की इकाई 2, 800 मेगावाट सुपर क्रिटिकल इकाई श्रेणी में लगातार 488 दिनोतक प्रचालन पर रहते हुए अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड बनाया है। श्री कुमार ने लारा परियोजना द्वारा बिजली उत्पादन के अतिरिक्त नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत किए जा रहे सामाजिक कार्यो का भी जिक्र किया।

इस अवसर को यादगार करने के लिए सभी महाप्रबंधक, विभागाध्यक्षों, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, कर्मचारियों एवं सीआईएसएफ के उप कमांडेंट एवं जवानों की उपस्थिति में केक काटा गया। इसके उपरांत सभी कर्मचारियों द्वारा नैगम कार्यालय से श्री गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी लिमिटेड का संबोधन का सीधा प्रसारण को देखा गया और वर्तमान में एनटीपीसी समूह की कार्यप्रणाली एवं भविष्य की रूपरेखा तथा देश की ऊर्जा जरूरत को ध्यान में रखते हुए एनटीपीसी की भविष्य कार्यप्रणाली पर सभी कर्मचारियों को संबोधित किया।

अंडर 14 क्रिकेट में रायगढ़ पहुंची सेमीफाईनल
सरगुजा को हराया, दुर्ग से होगी भिड़ंत

रायगढ़। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा भिलाई में करवाए जा रहे अंडर 14 क्रिकेट प्लेट गु्रप प्रतियोगिता में रायगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरगुजा को 55 रनों से हराकर सेमीफाईनल में प्रवेश कर लिया। जिला क्रिकेट संघ के सचिव रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ ने 10 विकेट खोकर 182 रन बनाए। जिसमें सौर्य पाण्डे ने 41 आरव शर्मा ने 30 लोकेश सिदार ने 22 व अनमोल भारती ने 21 रन बनाकर बड़ी भूमिका निभाई। वहीं जवाब में सरगुजा ने बैटिंग करते हुए केसरी की 57 रन की बल्लेबाजी करते हुए मुकाबला किया। लेकिन बाकी सभी बल्लेबाज लगातार आउट होते गए। अंत में रायगढ़ ने 55 रनों से मुकाबला जीत लिया। कोच चंद्रेश साहू के मार्गदर्शन में रायगढ़ की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए लोकेश सिदार ने 4 विकेट अनमोल भारती ने 2 व चंद्रप्रकाश साहू तथा धनंजय बैरागी ने 1-1 विकेट लिया। रायगढ़ की इस बड़ी जीत पर अध्यक्ष संतोष पाण्डेय सचिव रामचन्द्र शर्मा, किशोर पटनायक, पंकज बोहिदार, संतोष मिश्रा, महेश्वर मिश्रा, जफर उल्लाह सिद्धीकी, वरिष्ठ अम्पायर विशाल सिंघानिया, महेश वर्मा, कोषाध्यक्ष आशीष शर्मा, महेन्द्र साव, राजा गोरख, अभिषेक गुप्ता, शानू भयानी, हिमांशु चावड़ा, महेश दधिची, चंद्रेश यादव, संतोष गुप्ता, मैनेजर रोहित नामदेव आदि ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए आने वाले मैचों हेतु शुभकामनाएं दी है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में एनटीपीसी लारा रामानुजम श्रम यशस्वी पुरस्कार 2025 से सम्मानित

रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती समारोह 2025 में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए  रामानुजम श्रम यशस्वी पुरस्कार 2025 पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार माननीय उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन जी,  महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ श्री रेमन डेका जी,माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ श्री विष्णुदेव साय जी, माननीय विधानसभा अध्यक्ष,डॉ रमन सिंह जी तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में एनटीपीसी लारा की कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार को छत्तीसगढ़ राज्योसचव अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया। यहां यह बताना उचित होगा यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ की सभी उद्योगों में से जिस उद्योगों में बीते 3 सालों में किसीभी दुर्घटना घटित न हुआ हो और श्रमिकों को सभी प्रकार के सुविधा तथा उनका कल्याण सुनिश्चित करते है। छत्तीसगढ़ का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार से यह प्रमाणित होता है कि एनटीपीसी लारा की औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा श्रमिक कल्याण  नीतियो राज्य में श्रेष्ठ है।

4 नवंबर को सर्व अग्रवाल समाज श्याम टाकीज के सामने करेगा विशाल धरना प्रदर्शन, सुबह से शाम 5:00 बजे तक अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को करेंगे बंद

रायगढ़। अग्रवाल समाज के शिरोमणि महाराज अग्रसेन पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एक कुंठित मानसिकता के व्यक्ति की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से अग्र समाज में काफी आक्रोश है। समाज के गणमान्य नागरिकों ने रविवार को अग्रसेन भवन में बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की गई थी। वहीं समाज ने अब सड़क पर उतर कर आंदोलन को और तेज करने तथा मंगलवार 4 नवंबर को सुबह 11 बजे श्याम टॉकीज के सामने अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस धरने में सैकड़ों की संख्या में अग्रवाल समाज के महिला और पुरुष इकट्ठे होने की संभावना है।

इस बारे में अग्रवाल समाज के वरिष्ठों द्वारा बताया गया कि अमित बघेल के द्वारा हमारे आराध्य के बारे में की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर पांच दिन पहले ही समाज के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा रायगढ़ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी और मामले में एफआईआर दर्ज करने और अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग की की गई थी। इसके अलावा 30 अक्टूबर को रायगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा अग्रवाल समाज, सिंधी समाज और सतनामी समाज की बैठक ली गई थी। जिसमें समाज के लोगों ने मौखिक रूप से अमित बघेल पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसके लिए रविवार को समाज की बैठक में फैसला लिया गया कि 4 नवंबर को सुबह 11:00 बजे श्याम टॉकीज के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं इसमें अग्रवाल समाज के लोगों से आग्रह किया गया है कि शाम 5:00 बजे तक अपनी प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद करें और धरने पर उपस्थित होकर समाज के हित और सम्मान के लिए अपना सहयोग दें।

रविवार को हुई बैठक में समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि अमित बघेल द्वारा अग्रसेन महाराज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने पूरे समाज की भावनाओं को आहत किया है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में रोष और बढ़ गया है। यही वजह है कि अब सडक़ पर उतर कर आंदोलन को तेज किया जावेगा। सर्व अग्रवाल समाज ने सभी अग्र भाई माताओं बहनों वरिष्ठजनों से आग्रह किया है कि मंगलवार 4 नवंबर के धरना प्रदर्शन में प्रत्येक घर से सभी की उपस्थिति हो और इस कुंठित मानसिकता के आदमी के ऊपर कार्यवाही को लेकर हम अपना प्रखर विरोध दर्ज करा सके।

किस अधिकारी के संरक्षण में पटवारी अनिल….

रायगढ़ ।  रायगढ़ जिला मुख्यालय के रायगढ़ तहसील अंतर्गत अनेक हल्का में पदस्थ रहने वाले पटवारी अनिल के कारनामो के कारण कई परिवार आज भी पटवारी एवं कालोनाइजरों को बददुआ देते होंगे। क्योंकि पटवारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए किसी दूसरे की जमीन को किसी और के नाम पर चढ़ाने जैसे कई गलत कामों को अंजाम दिया है।

सूत्रों की माने तो रायगढ़ तहसील के हल्का में रहने के दौरान पटवारी अनिल ने बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है नाम न बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि जहां ईमानदारी से अगर कोई पटवारी काम करे तो उसके परिवार का भरण पोषण ही बड़े मुश्किल से हो पाता है लेकिन अनिल के पास तो करोड़ों की बेनामी संपत्ति की जानकारी मिल रही है।

अधिकारियों का संरक्षण….

नियमों पर अगर ध्यान दे तो कोई भी पटवारी जब किसी काम को अंजाम देता है तो उसके उच्च अधिकारी इस पर निगरानी बनाए रखते है जिससे किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो लेकिन अगर पटवारी अनिल को इतनी छूट दी गई कि वह कोटवारी भूमि का बिक्री नकल जारी कर दिया और उनके उच्च अधिकारियों को जानकारी न हो ऐसा शायद हो ही नहीं सकता इसलिए हम यह कह सकते है कि अनिल तो सिर्फ एक माध्यम है उच्च अधिकारियों तक कुछ दक्षिणा पहुंचाने का….

अधिकारी अपनी कलम बचाने में जुटे….

सूत्रों की माने तो राजस्व विभाग के अधिकारी अगर पटवारी अनिल पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करते है तो कही ऐसा न हो कि जांच की आंच अधिकारियों तक भी पहुंचे और उसमें उनके हाथ जल जाए इसलिए इन मामलों में जब तक अति आवश्यक न हो तब तक टालने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों की सहमति से होता है अवैध काम

किसी भी पटवारी में इतना दम नहीं की वह बिना अधिकारी को अपने पक्ष में किए कोई भी अवैध काम को कर दे इसका मतलब साफ है कि अगर अनिल राम ने कोटवारी भूमि का बिक्री नकल जारी किया होगा तो इसकी सूचना अपने अधिकारियों को जरूर दिया होगा और अगर नहीं दिया गया है तो फिर जब कोटवारी भूमि का नामांतरण हुआ तो उस पर रोक क्यों नहीं लगी।

एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अनिल जिस हल्के में रहता है तो वहां उसके कालोनाइजर सहयोगी भी भारी मात्रा में जमीन की खरीदी कर लेते है और अनिल इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि कौन सी जमीन कोटवारी है और सड़क से लगी है जिसमें हेरफेर किया जा सकता है और फिर उसे अपने सहयोगियों के नाम पर कर दिया जाता है।

6 महीने के अंदर 28 उद्योगों पर 54.33 लाख का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना

जिंदल स्टील, जेपीएल सहित एनटीपीसी लारा, बीएस स्पंज, सालासर, वेदांता एवं अन्य पर आरोपित हुई पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि


रायगढ़ ।उद्योगों के कच्चे माल, उत्पाद, अपशिष्ट और फ्लाई एश परिवहन के परिवहन में नियमों का उल्लंघन करने और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले औद्योगिक इकाईयों के खिलाफ जिले में पर्यावरण विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. पिछले छह महीने के ही आंकड़ों पर गौर करें तो अक्टूबर तक ही स्थिति में दो दर्जन से अधिक उद्योगों पर 54 लाख 33 हजार रूपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित किया जा चुका है. जबकि यह कार्रवाई लगातार जारी है.
औद्योगिक जिला रायगढ़ में प्रदूषण की समस्या गंभीर होते जा रही है, औद्योगिक प्रदूषण पर लगाम लगाने में प्रशासन काफ़ी हद तक कामयाबी हासिल कर चुका है मगर सड़क पर दौड़ते औद्योगिक वाहनों के चलते न सिर्फ वायु प्रदूषण हो रहा है साथ ही इससे पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है. यही कारण है छत्तीसगढ़ सरकार में पर्यावरण मंत्री की जिम्मेदारी सम्हालते ही रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने इसे काफ़ी गंभीरता से लिया और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई कड़े कदम उठाते हुए सख्त नियम भी बनाये हैं. जिसके बाद प्रदेश में रायगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है जहां प्रदूषण को लेकर लगातार कार्रवाई हो रही है। पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पहले से जो मानक संचालन प्रक्रिया जारी किये गए थे उसका उल्लंघन करने पर वाहनों से अब क्षतिपूर्ति वसूली जा रही है। पर्यावरण विभाग ने जुलाई 2024 में एक एसओपी जारी की थी जिसके अनुसार उद्योगों के कच्चे माल, उत्पाद, अपशिष्ट और फ्लाई एश परिवहन में नियम लागू किए गए थे। तारपोलिन कवर ठीक से नहीं होने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें भी बदलाव किए गए और यह नियम बनाया गया कि किसी उद्योग द्वारा बार-बार उल्लंघन करने पर उसको सील तक किया जा सकता है। इस एसओपी के जारी होने के बाद पर्यावरण विभाग रायगढ़ की टीम लगातार इन नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है और उनपर भारी भरकम जुर्माना भी वसूल कर रही है. पिछले छह महीने के ही आंकड़ों को नजर डाले तो पता चलता है कि मई 2025 से लेकर अक्टूबर 2025 तक रॉ मटेरियल और सम्मति शर्तों के उल्लंघन और समय समय पर उद्योगों के निरीक्षण के दौरान दो दर्जन से अधिक उद्योगों पर 54 लाख 33 हजार रूपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है, इसमें 14 उद्योगों पर निरीक्षण के दौरान जहां 39 लाख 30 हजार रूपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की राशि वसूल की गई है तो वहीं रॉ मटेरियल और सम्मति शर्तों के उल्लंघन पर भी दर्जनभर से अधिक उद्योगों पर 15 लाख से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है. पिछले छह महीने के अंदर अब तक की हुई जांच और निरीक्षण सबसे ज्यादा जिंदल ग्रुप के जेएसपीएल पतरापाली, जेपीएल तमनार, गारे पेलमा 6, केराझर, डोंगामहुआ प्लांट के साथ गारे पेलमा 4 पर पांच बार कार्रवाई हो चुकी है तो वहीं मेसर्स सिंघल इंटरप्राइजेज, सालासर, सुनील इस्पात, वेदांता वासरी, संजय इंगार्ड, बीएस स्पंज, श्याम इस्पात, एनटीपीसी लारा, सारडा एनर्जी, मां मनी आयरन को भी पर्यावरण को भी क्षति पहुंचाने का दोषी पाया जा चुका है. विभाग की यह कार्रवाई लगातार जारी है,। जो भी वाहन एसओपी के विरुद्ध परिवहन करता पाया जाता है उस पर तुरंत पेनाल्टी लगाई जा रही है। वहीं अगर पूरे वित्तीय वर्ष में अब तक हुई कार्रवाई पर नजर डालें तो जिले भर में अब तक हुई जांच में बतौर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति उद्योगों पर 2 करोड़ 25 लाख से अधिक की राशि का जुर्माना किया जा चुका है.

यूनिटी मार्च: लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने प्रेस-वार्ता लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में दी जानकारी

12 नवम्बर को जिले में होगा भव्य आयोजन

घरघोड़ा से प्रारंभ होकर तमनार में संपन्न होगी पदयात्रा

रायगढ़ ।  लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के 150 जयंती के उपलक्ष्य में आगामी 12 नवम्बर को यूनिटी मार्च का आयोजन किया जाएगा। लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रेस-वार्ता लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी। लोकसभा सांसद श्री राठिया ने बताया कि यूनिटी मार्च का उद्देश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को नमन करने के साथ उनकी एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि रायगढ़ जिले में यूनिटी मार्च का आयोजन 12 नवम्बर को सुबह 9.30 बजे घरघोड़ा से प्रारंभ होेगी और विभिन्न मार्गों से होते हुए तमनार में संपन्न होगी। यह पदयात्रा लगभग 12 कि.मी. की होगी। प्रत्येक दो से ढ़ाई किलोमीटर में पड़ाव होगा। जहां सरदार वल्लभ भाई पटेल की छायाचित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया जाएगा और देश के प्रति उनके योगदानों को याद किया जाएगा। युवाओं में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सेवा भावना के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
            इस अवसर पर विविध कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। यह पदयात्रा घरघोड़ा के गायत्री मंदिर से शुरू होकर हाईस्कूल मैदान घरघोड़ा, घरघोड़ा से झरियापाली, झरियापाली से देवगढ़, देवगढ़ से जरेकेला, जरेकेला से बासनपाली एवं बासनपाली से तमनार में संपन्न होगी। इसमें स्कूल, कालेज के छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, एनएसएस, एनसीसी, माय भारत वॉलियेन्टर भाग लेंगे। लोकसभा सांसद श्री राठिया ने कहा कि हम सबकी सामूहिक सहभागिता से यह कार्यक्रम भव्य रूप लेगा और रायगढ़ जिले को एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कार्यक्रम में युवाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह आयोजन पूरे क्षेत्र की पहचान बन सके।
              उल्लेखनीय है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के 150 जयंती के उपलक्ष्य में यूनिटी मार्च से पूर्व अलग-अलग दिवसों में वाद-विवाद, निबंध, कला एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएँगी, जिनमें मुख्य रूप से बारडोली सत्याग्रह, ‘सरदार’ की उपाधि की पृष्ठभूमि, 565 रियासतों का विलय, ऑल इंडिया सर्विसेज की स्थापना तथा सरदार पटेल के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को विषय बनाया जाएगा। साथ ही योग एवं फिटनेस शिविर, नुक्कड़ नाटक, और नशा मुक्ति के लिए युवा शपथ कार्यक्रम भी होंगे। कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप परीक्षण, डायबिटीज टेस्ट और टीकाकरण जैसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी। इसके अतिरिक्त, पदयात्रा मार्ग एवं स्थानीय सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया जा सके। इस अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।