Home Blog Page 9

किसी को तीन प्रभार, कोई चंद घंटे में बदलवा रहा पोस्टिंग, तहसीलदारों की पोस्टिंग में उलझन, रायगढ़ में रहने को सभी आतुर

रायगढ़। जिले के प्रशासनिक हलके में तहसीलदारों की पोस्टिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। किसी को एक साथ तीन-तीन प्रभार मिल रहे हैं तो कोई चंद घंटों में अपनी पोस्टिंग में बदलाव करवा रहा है। रायगढ़ में तहसीलदारों का जमावड़ा हो गया है तो खरसिया में नियमित तहसीलदार ही नहीं है। वहीं धरमजयगढ़ में एक नए अधिकारी को उप पंजीयक और नायब तहसीलदार मिलाकर तीन प्रभार मिल गए हैं। रायगढ़ जिले में अचानक से तहसीलों की पदस्थापनाओं में भगदड़ जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसा लगने लगा है कि पोस्टिंग में तहसीलदार अपने हिसाब से बदलाव कराने लगे हैं।
कापू तहसील को ही लें तो यहां भाजपा नेताओं की शिकायत और स्थानीय लोगों में नाराजगी के कारण नायब तहसीलदार उज्जवल पांडे को हटाकर भू-अभिलेख शाखा रायगढ़ में पोस्टिंग दी गई। शुक्रवार को यह आदेश जारी हुआ। इसके पहले वे रायगढ़ ज्वाइन करते, सोमवार को उनकी पदस्थापना नायब तहसीलदार लैलूंगा कर दी गई। रायगढ़ में भी जबर्दस्त घमासान मचा हुआ है। आंगनबाड़ी भवन तुड़वाने के मामले में निलंबित तहसीलदार नेहा उपाध्याय और संदीप राजपूत को बहाल कर दिया गया है। दोनों की पोस्टिंग रायगढ़ तहसील में कर दी गई है, जहां इतनी सीटें या न्यायालय ही नहीं हैं। संदीप राजपूत की पदस्थापना खरसिया में थी।
अब देखिए कि खरसिया तहसील कार्यालय में वेतन निकालने का काम कोई नियमित तहसीलदार ही कर सकता है। अभी नायब तहसीलदार को प्रभार दिया गया गया है लेकिन आहरण एवं संवितरण का अधिकार धरमजयगढ़ अनुविभाग के छाल तहसील के तहसीलदार लोमस मिरी को दिया गया है। मतलब खरसिया का वेतन छाल का अधिकारी निकालेगा। संदीप राजपूत रायगढ़ पदस्थ हैं, लेकिन उनका वेतन खरसिया तहसीलदार के नाम से निकल रहा है जो रिक्त है। इसे छाल तहसीलदार जारी कर रहे हैं।
उप पंजीयक भी मैं और नायब तहसीलदार भी!
पोस्टिंग के इस उलझे जाल में धरमजयगढ़ और कापू की कहानी गजब है। धरमजयगढ़ में नायब तहसीलदार उन्मेश पटेल सबसे काबिल अधिकारी हैं। उनको नायब तहसीलदार धरमजयगढ़ के साथ उप पंजीयक का भी प्रभार दिया गया है। इन दिनों वे रजिस्ट्रियां भी कर रहे हैं। उज्ज्वल पांडे के हटने के बाद उनको कापू नायब तहसीलदार का भी प्रभार दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल

सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का किया लोकार्पण

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार को रायगढ़ के बोईरदादर स्थित गोवर्धनपुर रोड शालिनी स्कूल के पास स्थित कंवर सामाजिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने समाज प्रमुखों की मांग पर सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का लोकार्पण किया।
           इस अवसर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार साय, विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कौशल्या साय, श्रीमती स्वधा सायसहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग मौजूद रहे।

खरसिया पुलिस की बड़ी कार्यवाही- RTE की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, दंपती गिरफ्तार; 22.52 लाख की प्रतिपूर्ति राशि गबन का मामला

रायगढ़ । खरसिया पुलिस ने शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना के नाम पर किए गए एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए ग्राम अड़भार (जिला सक्ती) निवासी घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी श्रीमती शांति टंडन को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खरसिया में सहायक ग्रेड–02 पर पदस्थ खिलावन बंजारे ने आज थाना खरसिया में लिखित आवेदन देकर बताया कि घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी द्वारा ग्राम देवगांव में अशासकीय मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल बड़े देवगांव के नाम से फर्जी विद्यालय संचालित किया जा रहा है। आरोपियों ने स्वयं को क्रमशः संचालक और प्रधान पाठक बताकर वर्ष 2020-21 से आज तक ऐसा दर्शाया कि विद्यालय ग्राम बड़े देवगांव में संचालित है, जबकि वास्तविकता में वहां किसी भी स्थान या भवन में ऐसा कोई स्कूल अस्तित्व में नहीं है।
       आरोपियों द्वारा ग्राम बड़े देवगांव के उन बच्चों के नाम प्रवेश पंजी व उपस्थिति पंजियों में दर्ज किए गए जो वास्तव में शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत थे। इन छात्रों को RTE के तहत प्रवेशित दिखाकर वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कुल ₹22,52,281 की शुल्क एवं गणवेश प्रतिपूर्ति राशि शासन से प्राप्त कर अपने खाते में आहरित कर ली। जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने उक्त राशि शासन के पक्ष में जमा करने नोटिस भी दिया था, लेकिन आरोपियों ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर दोनों के विरुद्ध फर्जी विद्यालय संचालन और RTE राशि गबन की शिकायत दर्ज करने आवेदन थाना खरसिया को प्राप्त हुआ, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 607/2025 धारा 318(4) एवं 3(5) BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर दंपती को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया।
   एसपी श्री दिव्यांग पटेल और एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई उमाशंकर धृतांत एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

षष्ठम विधानसभा का सप्तम सत्र 14 से 17 दिसम्बर तक संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल नोडल अधिकारी नियुक्त

अधिकारी-कर्मचारी सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना न ही अवकाश पर रहेंगे और नही मुख्यालय त्यागेंगे

रायगढ़ ।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम विधान सभा का सप्तम सत्र 14 से 17 दिसम्बर 2025 तक आहूत की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विधानसभा सत्र के दौरान प्राप्त होने वालेे तारांकित, अतारांकित विधानसभा प्रश्नों, स्थगन, शून्यकाल, आश्वासनों, ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प, याचिका आदि तथा लोक लेखा समिति से संबंधित पत्राचार एवं जानकारी निर्धारित समयावधि में तैयार कराकर शासन को उपलब्ध कराने हेतु संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। श्रीमती बंसल का मोबा.नं.82248-90989 एवं कार्यालय का फैक्स नंबर 07762-222291 है।
            कलेक्टर श्री चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश में विधानसभा सत्र के दौरान पत्राचार एवं जानकारी निर्धारित समयावधि में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के समस्त विभागों में पदस्थ/कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना न ही अवकाश पर रहेंगे और न ही मुख्यालय त्यागेंगे। बिना अवकाश स्वीकृति के अवकाश में प्रस्थान करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित उनके कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार रहेंगे।

एनएच-49 पर रायगढ़ पुलिस का यातायात जागरूकता अभियान- ब्लैक स्पॉट कांशीचुआ पर बिना हेलमेट दुपहिया चालक पर चालानी कार्यवाही कर बांटे हेलमेट

यातायात जागरूकता अभियान में चालानी कार्यवाही के साथ बिना हेलमेट दुपहिया चालकों को बांटे 200 हेलमेट

       रायगढ़ । पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित व सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने जिले में पुलिस द्वारा लगातार मोटर व्हीकल जांच कार्यवाही और विविध जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 29 नवंबर 2025 को हेलमेट उपयोग की अनिवार्यता पर जोर देने के उद्देश्य से यातायात पुलिस रायगढ़ और भूपदेवपुर पुलिस ने एनएच-49 स्थित चिन्हित ब्लैक स्पॉट कांशीचुंवा चौक पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया । यातायात और भूपदेवपुर पुलिस ने इस दौरान एनएच पर बिना हेलमेट दुपहिया चलाते मिले वाहन चालाकों का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्यवाही की और उन्हें नि:शुल्क हेलमेट प्रदाय कर हमेशा हेलमेट पहनने प्रेरित किया गया ।

    

जागरूकता कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल और ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने वाहन चालकों को तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल का उपयोग न करने और दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनने की समझाश दी। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के पालन की अपील की, वहीं पुलिस टीम व JSW कंपनी प्रतिनिधियों ने बिना हेलमेट पाए गए चालकों को हेलमेट वितरित किए और दोपहर तक कुल 200 हेलमेट बांटे गए। कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग, एएसआई राजेश मिश्रा, एएसआई राजेन्द्र पटेल (थाना यातायात) तथा JSW से नवीन ओझा, रूपम दत्ता, अमित जोहरी सहित थाना स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी मौजूद थे।

सोनीपत में रायगढ़

रायगढ़ । यह शीर्षक पढ़ते ही पाठक चौंक से गये होंगे और सोच रहे होंगे हरियाणा के सोनीपत का रायगढ़ से भला क्या रिश्ता होगा। अगर आपको अपने जीवन में हरियाणा के सोनीपत जाने का अवसर मिला तो आप सोनीपत में निर्मित संविधान संग्रहालय को देखने जरूर जाये। भारतीय संविधान के इस संग्रहालय में प्रवेश करते ही आपको वहां रायगढ़ की मौजूदगी का एहसास भी होगा। दरअसल इस संग्रहालय में भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्यों की प्रतिमा स्थापित की गई है, साथ ही एक डिजीटल बोर्ड में संविधान सभा के सभी सदस्यों का संक्षिप्त परिचय उपलब्ध है। आपको यह जानकर गर्व होगा कि संविधान संग्रहालय में स्थापित संविधान सभा के सदस्यों की प्रतिमाओं में एक प्रतिमा रायगढ़ के किशोरी मोहन त्रिपाठी की भी है। किशोरी मोहन त्रिपाठी संविधान सभा में तत्कालीन मध्यप्रांत के देशी रियासतों का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके अलावे मध्यप्रदेश से और चार व्यक्ति भी अपने-अपने क्षेत्रों से संविधान सभा में मध्य प्रांत का प्रतिनिधित्व करते थे।
किशोरी मोहन त्रिपाठी संविधान सभा के ड्राफ्टिग कमेटी के सदस्य थे। उन्होंने संविधान सभा में अपने ओर से पंचायती राज, बालश्रमिक प्रतिबंधित और स्त्री शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपना अभिमत रखा था। जिसे भारतीय संविधान में यथोचित जगह दी गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सोनीपत स्थित संविधान संग्रहालय में भारतीय संविधान की हस्त लिखित प्रतियों में से एक प्रति भी रखी गई है। यही नहीं संविधान सभा के सदस्यों का एक डिजीटल बोर्ड बनाया गया है जिसके अलग-अलग खानों में सदस्यों के नाम दर्ज हैं। अगर आप किसी भी सदस्य वाले खाने को दबाएंगे तो उस सदस्य का संक्षिप्त ऑडियो परिचय आपको सुनाई देगा। संविधान सभा का यह संग्रहालय देश के संविधान निर्माताओं की स्मृति का चिरस्थायी भवन है। यहां हर दिन हजारों की संख्या में लोग अपने देश के संविधान निर्माताओं की जानकारी लेने आते हैं।
अभी हाल छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत वर्ष में आयोजित राज्योत्सव समारोह में देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे। उन्होंने राज्योत्सव रजत समारोह के मंच से अपने उद्बोधन से छत्तीसगढ़ के जिन संविधान सभा सदस्यों का स्मरण किया था। उनमें रायगढ़ के किशोरी मोहन त्रिपाठी का नाम भी शामिल था। इससे पूर्व भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक जनसभा में किशोरी मोहन त्रिपाठी का उल्लेख किया था। विडंबना यह है कि जिस व्यक्ति का स्मरण देश का प्रधानमंत्री करता है उसे उसके अपने शहर के लोगों ने तकरीबन विस्मृत सा कर दिया है। रायगढ़ में किशोरी मोहन त्रिपाठी जी के नाम पर सरकारी महिला महाविद्यालय का नामकरण जरूर किया गया है, लेकिन उसके अलावे किशोरी मोहन त्रिपाठी तकरीबन विस्मृत कर दिये गए है। न तो उस कॉलेज में जिसका नामकरण उनके नाम से किया गया है उनकी स्मृति में कुछ होता है और नहीं रायगढ़ शहर के लोग उन्हें याद करते हैं। यह स्थिति इसलिये भी दुर्भाग्यजनक है कि जिसे देश के प्रधानमंत्री याद रखते है उन्हें उन्हीं के शहर के लोग भूल चुके हैं।
किशोरी मोहन त्रिपाठी का जन्म ८ नवम्बर १९१२ को तत्कालीन सारंगढ़ रियासत के छोटे से गांव सरिया में हुआ था। उनके पिता बलभद्र त्रिपाठी को सारंगढ़ के राजा जवाहिर सिंह ओडि़सा के केवटेन पाली गांव से राजपरिवार के बच्चों को पढ़ाने के लिये लेकर आये थे और उनके रहने के लिये सरिया में एक मकान और थोड़ी सी जमीन दी। तब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि एक निर्धन ब्राम्हण परिवार का बेटा देश के शीर्षस्थ संस्था संविधान सभा में अपनी जगह बना लेगा।
दरअसल संविधान सभा तक पहुंचने के पीछे किशोरी मोहन त्रिपाठी अपने छात्र जीवन से देश की आजादी को लेकर संजीदगी के साथ न केवल सोचते रहे बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की गतिविधियों और देशी रियासतों के विलिनीकरण आंदोलन में भी सक्रियता से शामिल हुए थे। जिसका खामियाजा उन्हें नौकरी से इस्तीफा देकर तकरीबन एक वर्ष तक भूमिगत होकर भुगतना पड़ा था।
संविधान सभा की कार्रवाई पूरी होने के बाद १९५० से १९५२ तक भारत का प्रथम संसद में भी किशोरी मोहन त्रिपाठी को सदस्य के रूप में मनोनित किया गया था। इस लिहाज से वे रायगढ़ के प्रथम सांसद थे। आज जब पूरे देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है तब रायगढ़ जैसे पिछड़े क्षेत्र का संविधान सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले किशोरी मोहन त्रिपाठी जी को याद रखना पार्टी और समाज का नैतिक दायित्व है। संविधान सभा के अध्यक्ष बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था  जो पीढ़ी अपना इतिहास भूल जाती है वह भविष्य का निर्माण नहीं कर सकती ।
आशा त्रिपाठी

GST विभाग ने एक बड़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकानों पर जीएसटी का छापा

रायपुर। स्टेट जीएसटी विभाग ने 19 नवंबर को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अरविंद कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई रायपुर के पिरदा रोड स्थित जोरा और भानुप्रतापपुर क्षेत्र में की गई, जहां कंपनी के कार्यालय और अन्य ठिकानों पर टीम ने जांच की।इस कार्रवाई का नेतृत्व राज्य GST विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ने किया, और इसमें कुल 7 सदस्यीय टीम शामिल थी। विभाग को कंपनी के खिलाफ बड़े पैमाने पर GST चोरी और फर्जी बिल जारी करने की शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई।
टीम ने कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों की गहनता से जांच शुरू कर दी है, जिसमें इनवॉयस, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि कंपनी ने कथित तौर पर फर्जी बिलों का निर्माण कर GST की चोरी की है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को राजस्व का भारी नुकसान हुआ। छापेमारी के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और कंप्यूटर डेटा जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

राज्य GST विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य में GST चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है और जांच पूरी होने के बाद कंपनी के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने इस रेड कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो कंपनी पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, यह कार्रवाई जारी है और विभाग मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

GST की बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : पान मसाला किंग के ठिकानों पर 10 घंटे से रेड, शहर में दहशत.. दुकानें धड़ाधड़ बंद

बालोद। छत्तीसगढ़ में टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है। सोमवार को GST (माल और सेवा कर) विभाग की टीम ने बालोद शहर के जाने-माने पान मसाला कारोबारी दीपक चैनानी के प्रतिष्ठानों पर अचानक धावा बोल दिया। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। GST विभाग को इनपुट मिला था कि कारोबारी द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और रिकॉर्ड्स में फेक एंट्री की जा रही है। सूचना पुख्ता होते ही दो गाड़ियों में पहुँची टीम ने सीधे चैनानी के मुख्य व्यापारिक केंद्र ‘शंकर स्टोर्स’ पर दस्तक दी। अधिकारियों ने दुकान और उससे जुड़े अन्य ठिकानों को तुरंत सील कर दिया। टीम घंटों से बही-खाते, खरीद-बिक्री के बिल और कम्प्यूटर डाटा की गहन जाँच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग को करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता के दस्तावेज़ हाथ लगे हैं।

बाजार में ‘सेल्फ-लॉकडाउन’, क्यों फैला डर?
जैसे ही रेड की खबर फैली, शहर के व्यापारी वर्ग में अफरा-तफरी मच गई। व्यापारियों के एक बड़े हिस्से ने एहतियातन अपनी दुकानें जल्दी बंद कर दीं।
यह डर इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि हाल ही में ACB ने राज्य में बड़े भ्रष्टाचार विरोधी छापे मारे हैं। अब GST विभाग की इस कार्रवाई को राज्य सरकार की ओर से टैक्स चोरी करने वालों को साफ संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई राजस्व विभाग की सख्ती का स्पष्ट प्रमाण है।
अब तक के अपडेट :
रात 8 बजे तक भी GST अधिकारी प्रतिष्ठान के अंदर ही थे।
बड़े पैमाने पर संदिग्ध कैश और वित्तीय दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए हैं।
जब्त किए गए रिकॉर्ड्स के आधार पर जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद है।
क्या आप जानना चाहेंगे कि इस तरह की रेड के बाद कारोबारी पर कितनी पेनल्टी लग सकती है?

ओड़िशा से सरिया क्षेत्र में परिवहन करते हुए 560 बोरी अवैध धान से भरा वाहन जब्त

कलेक्टर एसपी के दौरे के दूसरे दिन हुई कार्यवाही

सारंगढ़-बिलाईगढ़   कलेक्टर एसपी के दौरे के दूसरे दिन सरिया तहसीलदार कोमल साहू के नेतृत्व में जांच दल ने बिना वैध दस्तावेज के ओड़िशा से सरिया परिवहन कर रहे 560 बोरी धान से भरे वाहन क्रमांक ओडी 17 के 7832 को ग्राम बोरिदा में अवैध होने के कारण मंडी अधिनियम के तहत जप्ती प्रकरण बनाया गया, जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना प्रभारी सरिया के सुपुर्द किया गया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के निर्देश के बाद जांच दल को शीघ्र कामयाबी मिली है। यह अवैध धान भठली ओड़िशा से नौघटा सरिया ले जाया जा रहा था।

शराब घोटाले और डीएमएफ में प्रदेश के 19 ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्लू की छापेमारी

रायपुर। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में एसीबी-ईओडब्लू की टीमों ने छापेमारी की है। शराब घोटाले और डीएमएफ से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए टीमों ने रविवार तडक़े करीब 19 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
डीएमएफ घोटाले में हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े व्यक्तियों और ठेकेदारों के यहां रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कोंडागांव, धमतरी और बलरामपुर मिलाकर 11 स्थानों पर सर्च की गई। वहीं शराब घोटाला प्रकरण में जेल में बंद अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर के 8 ठिकानों पर छापे मारे गए।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। एजेंसी ने बताया कि सभी जब्त सामग्री को जांच में शामिल किया जा रहा है और दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।
रायपुर में लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास पर भी कार्रवाई हुई। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। वहीं धमतरी की पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के महालक्ष्मी ग्रीस स्थित घर में भी दबिश दी। केतन रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। यहां करीब 4 घंटे तक जांच के बाद टीम कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई।
इसके अलावा सरगुजा में एसीबी-ईओडब्लू की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। छापेमारी में डॉ. अहमद के घर से 17 लाख कैश और करोड़ों की कीमत के जमीन के दस्तावेज मिले हैं।
कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में डीएमएफ सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। टीम ने यहां दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की है।
कोंडागांव में सरगीपाल रोड स्थित व्यवसायी कोणार्क जैन के घर से जांच टीम निकलकर चोपड़ा मेटल पहुंची। यहां दुकान बंद होने पर टीम ताला खुलवाकर अंदर जांच कर रही है। कार्रवाई डीएमएफ सप्लाई घोटाले से जुड़ी है।
आबकारी विभाग के रिटायर्ड अधिकारी निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के जगदलपुर में मैत्री संघ स्थित आवास में दस्तावेज खंगाल गए। यहां घर के बाहर सुरक्षाबल तैनात किए गए थे। बलरामपुर में व्यवसायी मनोज अग्रवाल घर भी कार्रवाई की गई। बस स्टैंड स्थित उनके घर को लॉक करके अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। मनोज डीएमएफ सप्लायर हैं।
बिलासपुर में रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के भाई अशोक टुटेजा के घर भी टीम ने दबिश दी। दयालबंद और जगमल चौक के आसपास जांच हुई। यह कार्रवाई शराब और डीएमएफ घोटाले की जांच के तहत की गई।