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रामचन्द्र का हुआ सम्मान, छ.ग. कराटे एसोसिएशन की पहल
खेल को बढ़ावा देने के लिए की सराहना

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सोटोकॉन कराटे डू इंडियन एसोसिएशन तथा छत्तीसगढ़ स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक घड़े ने जिले के वरिष्ठ खिलाड़ी, जिला क्रिकेट संघ के सचिव रामचन्द्र शर्मा का शॉल एवं श्रीफल से सम्मान किया। छत्तीसगढ़ स्टेट स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ कराटे एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपक घड़े ने बताया कि वरिष्ठ खिलाड़ी रामचन्द्र शर्मा के द्वारा क्रिकेट के क्षेत्र में नवोदित खिलाडिय़ों को तो बढ़ावा दिया ही जा रहा है। साथ ही साथ विभिन्न अन्य खेलों के खिलाडिय़ों एवं संघ को मदद कर, प्रतियोगिता में साथ देकर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। बिलासपुर से आए सोटोकॉन कराटे डूृ इंडियन एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक ने आगे बताया कि पिछले कई वर्षों से उनके द्वारा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता कराटे एवं अन्य खेल के लिए करवाई जाती रही है। जिसमें सहयोग कर रामचन्द्र शर्मा ने वरिष्ठ खिलाड़ी होने का फर्ज निभाया है। रायगढ़ क्रिकेट में जुडक़र वे खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने का काम बखूबी कर रहे है।

रायगढ़ प्रेस क्लब,भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से 30 लाख स्वीकृत

रायगढ़। प्रदेश के वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक ओ.पी चौधरी की पहल पर रायगढ़ प्रेस क्लब भवन के लिए भूमि आंबटन के साथ ही भवन निर्माण के लिए राशि की मांग पर उन्होने 30 लाख रूपए देने की घोषणा की थी। इसी के अनुरूप विधायक निधि से उक्त राशि देने के लिए अनुशंसा कलेक्टर को प्रेषित कर दी गई । भवन निर्माण के लिए राशि की स्वीकृति दिये जाने पर अध्यक्ष एवं सचिव सहित प्रेस क्लब के सभी सदस्यों ने ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है।
                               प्रेस क्लब उपाध्यक्ष राजेश जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि लंबे समय से रायगढ़ प्रेस क्लब भवन की मांग पत्रकारों द्वारा उठाई जा रही थी जिसके लिए वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी की पहल पर शहर के डिग्री कॉलेज रोड में भूमि आंबटन की प्रक्रिया पुरी होने के साथ ही रजिस्ट्री भी हो चुकी है। विगत दिनों रायगढ़ प्रेस क्लब भवन के लिए आंबटित भूमि की रजिस्ट्री के दस्तावेज प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं सचिव को  सौंपा था। इस दौरान भवन निर्माण के लिए ओ.पी. चौधरी ने 30 लाख रूपए दिये जाने की घोषणा की थी। अपनी घोषणा के अनुरूप वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 हेतु रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र स्थित, जिला प्रेस क्लब,भवन के लिए 30 लाख स्वीकृत किए है। वहीं निर्माण कार्यों की स्वीकृति विधायक निधि से करने की अनुशंसा कलेक्टर को प्रेषित कर दी गई। भूमि आंबटन के लिए पहल करने व भवन निर्माण के लिए राशि दिये जाने पर अब रायगढ़ प्रेस क्लब का सर्वसुविधायुक्त भवन कि निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ हो जायेगी। भवन के लिए मार्ग प्रशस्त होने पर पत्रकारों में हर्ष व्याप्त है तथा रायगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष हेमंत थवाईत एवं सचिव नवीन शर्मा सहित प्रेस क्लब के सभी सदस्यों ने ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है।

अडानी पावर लिमिटेड पर अवैध कब्ज़े का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग


रायगढ़। ग्राम बड़े भंडार, तहसील पुसौर में अडानी पावर लिमिटेड पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

  शिकायत का आधार

ग्रामीणों ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को राजस्व अधिकारियों द्वारा किए गए सीमांकन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी ने तालाब, नहर और अन्य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इसमें खसरा नंबर 54/4 (0.045 हेक्टेयर), खसरा नंबर 2/1 (0.227 हेक्टेयर) समेत कई हिस्से शामिल हैं।

  दर्ज रीडिंग और विवादित भूमि

खसरा नंबर – 459, 463, 465, 467, 472, 522, 524, 536/6, 557, 563

OHT रीडिंग (लाइन लोड): 0.3688, 0.2633, 0.1468, 0.1821, 0.0818, 0.2025, 0.1054, 0.1748, 0.1828 आदि

खसरा नंबर 482 (0.498 हेक्टेयर) भी कंपनी के अवैध कब्ज़े में बताया गया है।

ग्रामीणों की आपत्ति

ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने सड़क और नहर मार्ग को भी बाधित किया है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा कंपनी द्वारा सीमांकन रिपोर्ट के बावजूद अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया।

प्रशासन से मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि—

तत्काल कंपनी का अवैध कब्ज़ा हटाया जाए।

सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर भूमि को मुक्त कराया जाए।

दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन की स्थिति
मामला कलेक्टर रायगढ़ के संज्ञान में है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

अडानी पावर लिमिटेड पर अवैध कब्ज़े का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग


रायगढ़। ग्राम बड़े भंडार, तहसील पुसौर में अडानी पावर लिमिटेड पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

  शिकायत का आधार

ग्रामीणों ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को राजस्व अधिकारियों द्वारा किए गए सीमांकन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी ने तालाब, नहर और अन्य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इसमें खसरा नंबर 54/4 (0.045 हेक्टेयर), खसरा नंबर 2/1 (0.227 हेक्टेयर) समेत कई हिस्से शामिल हैं।

  दर्ज रीडिंग और विवादित भूमि

खसरा नंबर – 459, 463, 465, 467, 472, 522, 524, 536/6, 557, 563

OHT रीडिंग (लाइन लोड): 0.3688, 0.2633, 0.1468, 0.1821, 0.0818, 0.2025, 0.1054, 0.1748, 0.1828 आदि

खसरा नंबर 482 (0.498 हेक्टेयर) भी कंपनी के अवैध कब्ज़े में बताया गया है।

ग्रामीणों की आपत्ति

ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने सड़क और नहर मार्ग को भी बाधित किया है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा कंपनी द्वारा सीमांकन रिपोर्ट के बावजूद अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया।

प्रशासन से मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि—

तत्काल कंपनी का अवैध कब्ज़ा हटाया जाए।

सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर भूमि को मुक्त कराया जाए।

दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन की स्थिति
मामला कलेक्टर रायगढ़ के संज्ञान में है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

अडानी ने तमनार के विनाश की ठानी विरोधों को दरकिनार कर कोयला खदान का किया भूमिपूजन

भाजपा-कांग्रेस, जनप्रतिनिधियों का विरोध महज रस्मअदायगी

रायगढ़ । महाजेनकों के लिए कोयले का खनन करने वाली अडानी कंपनी की तमनार में मनमानी चरम पर है। तमाम विरोधों के बाद भी कंपनी तानाशाही अंदाज में कार्य कर रही है। ग्रामीण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से लेकर हाईकोर्ट की शरण में हैं इसके बावजूद अडानी कंपनी दमनात्मक रवैया अपनाते हुए येनकेन प्रकारेण खदान शुरू करने पर आमादा है। जिसकी झलक गुरुवार को देखने को मिली। ग्रामीणों के विरोध के बीच आज सुबह अडानी कंपनी के गुर्गे, अधिकारी, महाजेंको कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर मुड़ागांव में कोयला खदान का जबरन भूमिपूजन कर डाला।

सवाल लोकतंत्रीय व्यवस्था पर उठता है कि जब सत्ता दल, विपक्ष, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण सभी खदान के विरोध में हैं और ऐसे में अडानी अपने गुर्गों और पैसे के बूते कोयला खदान शुरू करने जा रही है। शुरू से ही अडानी के विरोध में भाजपा और जनप्रतिनिधि थे। फिर जुलाई महीने की शुरुआत में कांग्रेस ने इसका भव्य विरोध किया पूरा प्रदेश संगठन आया। नतीजा सिफर रहा, विरोधों के बाद भी धीरे-धीरे अडानी कंपनी गांवों के जंगल को काटती रही। जंगल साफ करने के ठीक ढाई महीने बाद कंपनी ने खदान का भूमिपूजन कर डाला। विरोध करने वालों में जनचेतना मंच और ग्रामीण ही अभी तक डटे हुए हैं। हाल ही में अडानी कंपनी ने मंच कुछ लोगों पर फर्जी एफआईआर दर्ज करवाई है। ग्रामीणों की आवाज दबाने के लिए अपने गुर्गों को फर्जी ग्रामीण बनाकर संबंधित जगहों पर प्रस्तुत कर खदान की कथित फर्जी अनुमति ले ली है।  
    

        अडानी का चल रहा माफिया राज
विदित हो कि तमनार के 9 ग्राम पंचायतों के 14 गांव में महाराष्ट्र की बिजली कंपनी के लिए कोल ब्ल़ॉक आबंटित हुआ था जिसका एमडीओ अडानी कंपनी के पास है। खनन माफिया अडानी कंपनी ने आदिवासी क्षेत्र में बल प्रयोग किया। ग्रामीणों को धमकाया, अपने गुंडों को ग्रामीण बनवाया और अंतत: छलपूर्वक खदान शुरू करने की सीमा तक पहुंच गया है। लोगों को जिस बात से भय था आखिर वही हुआ अडानी कंपनी ने माफिया राज की तरह यहां काम कर रही है।  जलाई के पहले सप्ताह की बात हो या फिर सितंबर मध्य की, कहानी में कुछ नहीं बदला बस तथाकथित विरोधियों को छोड़कर। अडानी कंपनी ने उन्हें शांत कराने में कामयाब हो गई जिसमें जन प्रतिनिधि और स्थानीय नेता आते हैं। अभी जो विरोध में हैं वे हैं जिनका घर,खेत,जंगल सब कुछ उजड़ रहा है।
         अडानी ने की लोकतंत्र की हत्या
किसी का विरोध करने की जितनी व्यवस्था लोकतंत्र ने दी है उसी आधार पर प्रभावित गांव के लोग चल रहे हैं। लेकिन अडानी कंपनी ने शुरू से ही दमनात्मक रवैया अपनाया। जब ग्रामीणों ने बताया कि जंगल काटने के लिए ग्राम सभा हुई ही नहीं है तो कंपनी फर्जी ग्राम सभा का दस्तावेज तैयार किया। ग्रामीण कटाई और मुआवजा के लिए नहीं माने तो अडानी के गुर्गे ग्रामीण बनकर कंपनी का सर्मथन करने संबंधित विभाग पहुंच गए। जिन-जिन बड़े लोगों ने विरोध किया उसे अपने हिसाब से सेट कर लिया। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने विरोध का दिखावा किया और अडानी कंपनी ने उन्हें साट कर कईयों को साटने का भी कार्य किया। कंपनी के विरोध में मामले चल रहे हैं पर कंपनी ही लोकतंत्र की हत्या कर मनमानी में व्यस्त है।

होटल ट्रिनिटी ग्रैंड ने मनाई अपनी सफलता की 10वीं वर्षगांठ, नई सुविधाओं के साथ विस्तार की घोषणा

रायगढ़ । वासियों की पहली पसंद बने होटल ट्रिनिटी ग्रैंड ने आज अपनी सफलता की 10वीं वर्षगांठ पूरे गौरव और उल्लास के साथ मनाई। इस अवसर पर होटल के डायरेक्टर सरनदीप सलुजा ने जानकारी दी कि अतिथियों को और अधिक आराम तथा अनुभव प्रदान करने के लिए ट्रिनिटी में नई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सुविधाओं का विस्तार
होटल ट्रिनिटी ग्रैंड स्वाद, सर्विस और सम्मान के लिए पहले से ही मशहूर है। अब यह “बाउंड्री लेस – लिमिट लेस” की अवधारणा पर आगे बढ़ते हुए बड़े स्तर पर विस्तार की ओर बढ़ रहा है।

अब तक उपलब्ध 55 रूम्स को बढ़ाकर 159 रूम्स किए जा रहे हैं।
रायगढ़ का सबसे बड़ा 16,000 स्क्वायर फीट का बैंक्वेट हॉल निर्माणाधीन है।
नई सुविधाओं में रूफटॉप रेस्टोरेंट, टेरेस पूल, गेम जोन क्लब हाउस, हेल्थ क्लब, पूर्ण सुसज्जित ऑफिस एरिया और मिनी थिएटर शामिल होंगे।
नामचीन कलाकारों की मेजबानी
होटल ट्रिनिटी ने बीते वर्षों में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकारों की मेजबानी की है। इनमें प्रख्यात गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र, गजल जोड़ी भूपेंद्र-मिताली, मनहर उदास, उस्ताद शेखावत खान, रेखा भारद्वाज, प्रेरणा श्रीमाली, विशाल कृष्ण, बाला विश्वनाथ, पलक जैन, अंकिता राउत, विजय घाटे और सुमित्रा गुहा जैसी विभूतियाँ शामिल हैं।
इस वर्ष भी होटल ने जया किशोरी, मैथली ठाकुर, लखबीर सिंह लक्खा, पद्मश्री कैलाश खैर और डॉ. कुमार विश्वास जैसी हस्तियों का आतिथ्य कर रायगढ़ को गौरवान्वित किया।

मिले सम्मान
अपनी 10 साल की यात्रा में होटल ट्रिनिटी ग्रैंड को कई उपलब्धियाँ और सम्मान प्राप्त हुए।

दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा बेस्ट डेब्यू होटल अवॉर्ड
थ्री-स्टार रैंकिंग
लगातार चार वर्षों तक बेंगलुरु से बेस्ट थ्री-स्टार होटल अवॉर्ड
विशेष क्षण
होटल की पहली वर्षगांठ पर प्रख्यात शेफ संजीव कपूर ने उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं, 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी होटल ट्रिनिटी में ठहराव किया। उस समय छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत और वरिष्ठ नेता पी.एल. पूनिया भी साथ मौजूद थे।
राहुल गांधी ने होटल की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की और स्टाफ को धन्यवाद देते हुए समूह फोटो भी खिंचवाया।

डायरेक्टर का संदेश
डायरेक्टर सरनदीप सलुजा ने कहा कि होटल की इस सफलता के पीछे उनकी कठिन मेहनत, पथप्रदर्शक सतीश अग्रवाल और सुनील अग्रवाल का प्रोत्साहन तथा प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत सहित मित्रों और सहयोगियों का साथ है।
उन्होंने कहा – “जिस तरह बूंद-बूंद से समुद्र बनता है, उसी तरह छोटी-छोटी कोशिशों से बड़ी उपलब्धियाँ मिलती हैं। यही ट्रिनिटी ग्रैंड की सफलता की असली कहानी है।”

कला एवं साहित्य की  विभूतियां हमारी धरोहर – रामचंद्र*
सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

हिन्दी दिवस पर नव निर्माण और संस्कार स्कूल ने किया

रायगढ़ ।  हिंदी दिवस के अवसर पर नवनिर्माण संकल्प समिति और संस्कार पब्लिक स्कूल रायगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में रायगढ़ रत्न साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में साहित्य, लेखन और काव्य पाठ के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रायगढ़ के साहित्यकार और कवियों को   रायगढ़ के शिक्षाविद समाजसेवी रामचंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम रायगढ़ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। संस्था के सचिव दीपक ने बताया कि कार्यक्रम में रायगढ़ के साहित्य और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया। संस्था प्रमुख रामचंद्र शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से सभी सम्मानित विभूतियों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। और भविष्य में भी इसी तरह से साहित्य के प्रति समर्पित रहने तथा रायगढ़ के साहित्यकारों के साथ मिलकर रायगढ़ में एक बृहत कार्यक्रम करने को लेकर भी सभी को आस्वस्त  किया है।
सम्मान समारोह का आयोजन
समारोह का शुभारंभ अतिथि जगदीश मेहर, विशिष्ट अतिथि साहित्यकार के के तिवारी, रामगोपाल शुक्ल , कमल कुमार बोहिदार ने विद्या देवी माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन  में  कहा कि साहित्य समाज का वह दर्पण है, जो हमें हमारी संस्कृति, मूल्यों और इतिहास से जोड़े रखता है। उन्होंने कहा, “साहित्यकार और कवि समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उनका सम्मान करना वास्तव में समाज का सम्मान करना है।”
सम्मानित विभूतियां
इस विशेष सम्मान समारोह में 23 विभूतियों को सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. के के तिवारी (कान्ति कुमार)
श्री कमल कुमार बहिदार, श्री जगदीश प्रसाद मेहर, श्री रामगोपाल शुक्ल, श्री प्रमोद कुमार दुबे, श्री रघुनंदन प्रसाद तिवारी, श्री प्रदीप उपाध्याय, सुश्री गीता उपाध्याय, श्री तरूण बघेल, श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव, श्री भानु मिश्रा,श्रीमती सुशीला साहू, श्री सनत कुमार चौहान ,श्री आनंद सिंघनपुरी, श्री कन्हैया लाल गुप्ता, श्री सुजीत कर,श्री प्रकाश गुप्ता, श्री अरविन्द सोनी, डॉ. मणिकान्त भट्ट, श्री रूशेन कुमार,श्री जितेन्द्र सिंह राणा,मुकेश यादव कर्मवीर,श्रीमती राधिका दुबे को उनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवाओं के लिए रायगढ़ साहित्य रत्न प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र और श्रीफल देकर सम्मान’ से नवाजा गया।

समारोह का समापन
यह सम्मान समारोह न केवल साहित्यकारों के सम्मान का एक मंच था, बल्कि यह समाज में साहित्य और कला के महत्व को भी उजागर करता है। कार्यक्रम का समापन श्री रामचंद्र शर्मा द्वारा सभी सम्मानित विभूतियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन नवनिर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल के द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम भविष्य में साहित्य और कला को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

वक्ताओं ने बताया हिंदी का महत्व
कार्यक्रम के दौरान कवि एवं साहित्यकार श्याम नारायण श्रीवास्तव, गीता उपाध्याय, राम गोपाल शुक्ल, कमल कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने अपने काव्य पाठ और भाषण के दरमियान हिंदी का महत्व बताया 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था। यह दिन हमें हिंदी भाषा के महत्व और उसके प्रचार-प्रसार की याद दिलाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना और इसे रोजमर्रा के जीवन में अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे भाषण प्रतियोगिताएं, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम, ताकि हिंदी के गौरव को बढ़ाया जा सके। हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। यह हमें एक-दूसरे से जोड़ने का काम करती है और हमारी पहचान को मजबूत बनाती है।
संस्कारधानी के प्रतिभावानों को मिल रहा है महत्व
प्रशासनिक सेवा छोड़कर शिक्षा के क्षेत्र में अपने जीवन को खपाने वाले रामचंद्र शर्मा लंबे अरसे से सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय होकर संस्कारधानी के प्रतिभावान अलग-अलग विधा के माहिर लोगों को महत्व दे रहे हैं। रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में पिछले कई सालों से संस्कारधानी रायगढ़ में गुरु सम्मान समारोह और तिरंगा यात्रा का आयोजन होता आ रहा है। इसके अलावा रामचंद्र शर्मा ने खेल दिवस के अवसर पर रायगढ़ खेल रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया था। जिसमें 100 से भी अधिक रायगढ़ के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ियों का सम्मान समारोह का आयोजन किया था रामचंद्र शर्मा के द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से रायगढ़ के प्रतिभावान एवं विद्वान सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले तथा रायगढ़ शहर का नाम अलग-अलग विधाओं के माध्यम से ऊँचा करने वाले को लोगों को पहली बार स्थानीय स्तर पर भी महत्व मिल रहा है। नव निर्माण संकल्प समिति और रामचंद्र शर्मा के द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की चर्चा और प्रशंसा शहर के हर छोटे-बड़े चौक चौराहे और ठेले गुमटी में होने लगी है।

श्री श्याम वाटिका कालोनी में फर्जीवाड़ा

बड़े अतरमुड़ा क्षेत्र में श्री श्याम वाटिका के अंदर भी जमीन की हेराफेरी भारी पैमाने पर  कालोनी में फर्जीवाड़ा कालोनाइजर संदेह के दायरे में….

रायगढ़ । रायगढ़ में जमीनों की हेराफेरी भारी पैमाने पर हो रही है और इसके पीछे है चंद पैसों के लालची लोग जो अपनी जेब भरने के चक्कर में किसी भी जमीन की पर कब्जा करके अवैध निर्माण करवा देते है, कई कालोनियों में भी यही देखा जा रहा है कि कालोनी के अंदर पट्टे की जमीन कम होती है लेकिन कालोनी के आसपास की शासकीय भूमि पर भी कब्जा करके उसे महंगे रेट से बेच रहे है।

सूत्रों की माने तो बड़े अतरमुड़ा क्षेत्र में नवनिर्मित कालोनी श्री श्याम वाटिका के अंदर भी जमीन की हेराफेरी भारी पैमाने पर होनी की जानकारी मिल रही है, कालोनी के पीछे केलो नदी है और नदी मद की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लग रहा है नियमों की अगर माने तो नदी मद कभी भी परिवर्तित नहीं हो सकता लेकिन इस कालोनी के अंदर उसे कब्जा करके उस पर कालोनी मालिकों ने पक्का निर्माण कर दिया है।

क्लब हाउस पर संदेह…..?

बड़े अतरमुड़ा क्षेत्र में निर्माणाधीन श्री श्याम वाटिका कालोनी के अंदर क्लब हाउस का निर्माण करवाया जा रहा है सूत्र बताते है कि क्लब हाउस जिस जमीन पर निर्माणाधीन है वह जमीन नदी मद की है अब सवाल उठता है कि आखिर किस नेता या अधिकारी की सह पर इस कालोनाइजर ने नदी मद की जमीन पर क्लब हाउस का निर्माण करवाया है।

नामांतरण पर विराम क्यों….?

सूत्रों की माने तो इस श्री श्याम वाटिका कालोनी में जिन लोगों ने भी अपनी मेहनत की कमाई का पाई पाई जोड़कर अपना आशियाना बनाने के सपने संजोए थे उस पर अब विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है क्योंकि इस कालोनी में जिन लोगों ने भी जमीन ली है उनकी जमीन का नामांतरण आज तक नहीं हो सका है। सूत्र यह भी बताते है कि इस कालोनी के अंदर जिन लोगों ने भी जमीन ली है उनकी रजिस्ट्री तो कर दी गई है लेकिन बटांकन आज तक नहीं हो सका है जिसके कारण शायद नामांतरण की प्रक्रिया पर भी विराम लगा हुआ है।

नदी मद की इतनी जमीन पर कब्जा…?

सूत्रों की माने तो इस कालोनी में नदी मद की लगभग 2 से 3 एकड़ पर कालोनाइजर ने कब्जा करके इसका उपयोग अपने कालोनी के लिए कर लिया है जिसमें गार्डन, क्लब हाउस एवं बाउंड्री वाल शामिल है।

आसपास के लोगों का यह कहना है कि ऐसे कालोनाइजर पर जिला प्रशासन को संज्ञान ले कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जिससे कि ऐसे कालोनाइजर रायगढ़ की भोली भाली जनता की जमीन के इस मायाजाल में न फंसा सके क्योंकि हर कोई अपने मेहनत के पैसों से एक सुंदर एवं सुव्यवस्थित मकान बनाना चाहता है जिसमें उसे भविष्य कोई परेशानी न हो लेकिन कुछ कालोनाइजर के चक्कर में फंस कर वे हमेशा विवादों में फस जाते है।

संजय कॉम्प्लेक्स नाला-कायाकल्प से कई दशकों के अभिशाप से सब्ज़ी मंडी को निगम प्रशासन, अतिक्रमण को लेकर कभी भी हो सकता है बड़ा ऑपरेशन

रायगढ़। संजय कॉम्प्लेक्स दैनिक बाज़ार के एक हिस्से का नाला बीते कई दशकों से बदहाली का दंश झेल रहा था, वैसे तो इस नाले की सफ़ाई के नाम पर शुरू से अब तक करोड़ों की धनराशि नगर निगम द्वारा ख़र्च की जा चुकी थी, मगर अब जब मौजूदा विधायक के स्पष्ट दिशा निर्देशों के परिपालन में निगम कमिश्नर द्वारा प्राथमिकता के आधार पर नाले का नये सिरे से निर्माण करवाया जा रहा है, तब ये बात निकलकर सामने आ रही है कि संजय कॉम्प्लेक्स दैनिक बाज़ार में सुलभ शौचालय की तरफ़ का यह नाला अब तक सत्तापक्ष और विपक्ष से जुड़े नेताओं और निगम प्रशासन के सफ़ाई विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए कमाई का जरिया मात्र रहा है, इस या इस जैसे नालों की सफ़ाई के लिए काग़ज़ों में बड़े बड़े एस्टीमेट तैयार किये जाते थे, काग़ज़ों में काम भी दिखाया जाता था मगर ज़मीनी स्तर पर ऐसे नालों की गंदगी साफ़ ही नहीं हो पाती थी, इसी के साथ साथ ऐसे नाले हमेशा से अतिक्रमण की चपेट में रहे हैं, लेकिन अब स्थानीय विधायक, वित्तमंत्री ओपी चौधरी के शहर विकास की सुदृढ़ सोच ने संजय कॉम्प्लेक्स दैनिक बाज़ार के समूल कायाकल्प का रास्ता पूरी तरह खोल दिया है, उनकी तरफ़ से हरी झंडी मिलने के बाद  कलेक्टर और कमिश्नर दोनों एक्टिवेट हो गये हैं।






संजय कॉम्प्लेक्स दैनिक बाज़ार का सुलभ शौचालय पूरी तरह ढहा दिया गया है, निर्माण कार्य के लिहाज़ से मौक़े पर मौजूद विषम परिस्थितियों के बावजूद नाले का निर्माण भी पूरी रफ़्तार के साथ जारी है। बीते शुक्रवार को निगम कमिश्नर निरीक्षण करने आये तो मौक़े पर अतिक्रमण की बाढ़ देखकर हैरान रह गये, टाऊन हॉल के सामने की तरफ़ जितनी भी ऐसी बिल्डिंग हैं जिनका पिछला हिस्सा संजय कॉम्प्लेक्स के नाले की तरफ़ है, उनमें से अधिकांश बिल्डिंग के स्वामियों ने छज्जा निकालकर बड़े हिस्से में स्थायी संरचना के साथ अतिक्रमण कर लिया है, जिसकी वजह से नाला सफ़ाई के काम में लगी मशीनरी या वाहन मूव्हमेंट नहीं कर पा रही हैं। वहीं इसी नाले की तरफ़ संजय कॉम्प्लेक्स से टाऊन हॉल की तरफ़ जाने वाला एक रास्ता  है, जिसके एक मुहाने में टीन की नीली चादरों से कवर करके भूखंड संरक्षित किया गया है, इस भूखंड में एक बिल्डिंग का अधूरा निर्माण भी हुआ है, खाली भूखंड में तक़रीबन 70 साल पुराना पीपल का पेड़ था, जिसे भूस्वामी ने साज़िशन कटवा दिया था और शहर के जागरूक वर्ग ने जिसका भारी विरोध भी किया था, ऐसी जानकारी निकलकर आ रही है कि इस हिस्से के भूस्वामी ने भी संजय कॉम्प्लेक्स के काफ़ी हिस्से को अपने भूखंड में मिला लिया है। कमिश्नर के लगातार निरीक्षण के बाद काफ़ी हद तक ऐसे अतिक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ बड़े एक्शन की संभावना बन रही है, बशर्ते अतिक्रमणकारियों के संरक्षण में कोई राजनैतिक दबाव ना आये।


संजय कॉम्प्लेक्स में इसी नाले से लगकर नगर निगम की जो दुकानें बनी हैं, उसके पैसेज में भी दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है, एक दुकानदार ने तो ऊपर जाने वाली सीढ़ी को तोड़कर अपनी दुकान में मिला लिया है, मगर अब तक इन दुकानदारों के ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, अब देखने वाली बात ये होगी कि निगम कमिश्नर इस दिशा में क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।

संस्कार के विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान ,अटल श्रम योजना में हुए चयनित


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” का शुभारंभ किया। उन्होंने संस्कार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों को इस योजना के तहत चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।ज्ञात हो कि संस्कार पब्लिक स्कूल अपने व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम और शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि – “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।”

गौरतलब है कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी।संस्कार पब्लिक स्कूल का भी चयन इस योजना में किया गया है