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ग्रामीणों के भेष में अडानी के गुर्गे करते हैं गुंडागर्दी अडानी के गुर्गों पर कार्रवाई से डर गई रायगढ़ पुलिस

पत्रकारों को धमकाने और भूपेश बघेल का रास्ता रोकने वाले अडानी के गुर्गे समान

रायगढ़ 02/09/25 । महाजेंको से एमडीओ लेकर कोयला खनन की ठेकदारी कंपनी अडानी समूह की मनमानी चरम पर है। धीरे-धीरे वह रायगढ़ में पैठ बनाने छोटे उद्योगों को निगलने की फिराक में चालें चलनी शुरू कर दी है। बड़े भंडार के कोरबा वेस्ट को लेना अडानी समूह की शुरुआती योजनाओं में से एक है। कंपनी के अधिकारी दिल्ली, रायपुर से लगातार प्रशासनिक दबाव बनाए हुए हैं। तभी तो अडानी के माइनिंग से प्रभावित होने वाले ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। कंपनी पर आरोप भी लगा रहे हैं कि उनकी मर्जी के बिना फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करके खनन के लिए जंगलों को काटा जा रहा है। पर उनकी आवाज उन्हीं जंगलों में दबकर रह जाती है। 

सत्ता के सहयोग की मद में चूर और अपने गुंडों के भरोसे अडानी कंपनी के अधिकारियों ने मनमानी करना अभी से शुरू कर दिया है। जमीन हड़पने और उसी के मालिक से मारपीट कर उल्टा मुकदमा ठोकना सामान्य है पर पत्रकारों से बदसलूकी और उन्हें धमकाना उनकी प्रशासन में हनक दिखाता है।

विदित हो कि 6 अगस्त को कलेक्ट्रेट परिसर में अदानी कंपनी के गुर्गों ने पत्रकारों से बदसलूकी और जान से मारने की धमकी दी थी। तुरंत ही पत्रकारों ने इस बाबत शिकायत चक्रधर नगर थाने में दी। उसके बाद सभी पत्रकारों ने एसपी से मिलकर इस मामले में जांच को निवेदन किया था पूरे घटनाक्रम को 25 दिन हो चुके हैं अभी तक मामला जस का तस पड़ा हुआ है।

सवालिया निशान पुलिस पर है क्योंकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर खुलेआम उन्हीं की मौजूदगी में हमला होता है और आज 25 दिन बाद भी वह हाथ पर हाथ धरकर बैठे हुई है। सनद रहें यह वही रायगढ़ पुलिस है जो जुलाई महीने के पहले सप्ताह में आसपास के जिलों की फोर्स लेकर तमनार के मुड़ागांव के जंगलों को काटने में अडानी कंपनी को सहयोग कर रही थी। तब मुड़ागांव को छावनी में बदल दिया गया था। ग्रामीणों को तो घुसते ही नहीं दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जंगल कटेंगे किसी भी कीमत और कौन रोक सकता है रोक के दिखाओ।

पूर्व सीएम का रास्ता रोकने वाले और पत्रकारों को धमकाने वाले अडानी के गुर्गे

मुड़ागांव में जब जंगल कट रहे थे तब विपक्ष या जो भी लोग ग्रामीणों के पक्ष में थे उनसे मिलने जा रहे थे उन्हें पुलिस और प्रशासन द्वारा तमनार की बाहरी सीमा पर रोक दिया जा रहा था। तमनार के लोगों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो मुड़ागांव में जंगल कटाई के विरोध में आए थे, तो उनके मार्ग को रोकने वाले लोग वही थे जो कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों को धमकाए थे। तब उन्होंने बीच सड़क पर अपनी गाड़ी खराब होने का बहाना बनाया था। और अब कलेक्टर से अपने जमीन, जंगल और खेत को खुशी खुशी कटवाने के समर्थन में मिलने गए। चलित धनसुनवाई का पहला मामला है। स्पष्ट है अडानी कंपनी ने अपने गुंडों, गुर्गों को ग्रामीण के भेष में रखा है जो उनके खिलाफ किसी भी आयोजन में अडानी का पक्ष लेने पहुंच जाते हैं। इससे प्रभावित 9 ग्राम पंचायत के 14 गांव के लोग पूरी तरह खौफ़जदा है। पुलिस प्रशासन सब अडानी अडानी खेल रहे हैं। बर्बाद हों रहा तो जल जंगल और जमीन।

ग्रामीणों के भेष में अडानी के गुर्गे करते हैं गुंडागर्दी अडानी के गुर्गों पर कार्रवाई से डर गई रायगढ़ पुलिस

पत्रकारों को धमकाने और भूपेश बघेल का रास्ता रोकने वाले अडानी के गुर्गे समान

रायगढ़ 02/09/25 । महाजेंको से एमडीओ लेकर कोयला खनन की ठेकदारी कंपनी अडानी समूह की मनमानी चरम पर है। धीरे-धीरे वह रायगढ़ में पैठ बनाने छोटे उद्योगों को निगलने की फिराक में चालें चलनी शुरू कर दी है। बड़े भंडार के कोरबा वेस्ट को लेना अडानी समूह की शुरुआती योजनाओं में से एक है। कंपनी के अधिकारी दिल्ली, रायपुर से लगातार प्रशासनिक दबाव बनाए हुए हैं। तभी तो अडानी के माइनिंग से प्रभावित होने वाले ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। कंपनी पर आरोप भी लगा रहे हैं कि उनकी मर्जी के बिना फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करके खनन के लिए जंगलों को काटा जा रहा है। पर उनकी आवाज उन्हीं जंगलों में दबकर रह जाती है। 

सत्ता के सहयोग की मद में चूर और अपने गुंडों के भरोसे अडानी कंपनी के अधिकारियों ने मनमानी करना अभी से शुरू कर दिया है। जमीन हड़पने और उसी के मालिक से मारपीट कर उल्टा मुकदमा ठोकना सामान्य है पर पत्रकारों से बदसलूकी और उन्हें धमकाना उनकी प्रशासन में हनक दिखाता है।
विदित हो कि 6 अगस्त को कलेक्ट्रेट परिसर में अदानी कंपनी के गुर्गों ने पत्रकारों से बदसलूकी और जान से मारने की धमकी दी थी। तुरंत ही पत्रकारों ने इस बाबत शिकायत चक्रधर नगर थाने में दी। उसके बाद सभी पत्रकारों ने एसपी से मिलकर इस मामले में जांच को निवेदन किया था पूरे घटनाक्रम को 25 दिन हो चुके हैं अभी तक मामला जस का तस पड़ा हुआ है।

सवालिया निशान पुलिस पर है क्योंकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर खुलेआम उन्हीं की मौजूदगी में हमला होता है और आज 25 दिन बाद भी वह हाथ पर हाथ धरकर बैठे हुई है। सनद रहें यह वही रायगढ़ पुलिस है जो जुलाई महीने के पहले सप्ताह में आसपास के जिलों की फोर्स लेकर तमनार के मुड़ागांव के जंगलों को काटने में अडानी कंपनी को सहयोग कर रही थी। तब मुड़ागांव को छावनी में बदल दिया गया था। ग्रामीणों को तो घुसते ही नहीं दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जंगल कटेंगे किसी भी कीमत और कौन रोक सकता है रोक के दिखाओ।

पूर्व सीएम का रास्ता रोकने वाले और पत्रकारों को धमकाने वाले अडानी के गुर्गे

मुड़ागांव में जब जंगल कट रहे थे तब विपक्ष या जो भी लोग ग्रामीणों के पक्ष में थे उनसे मिलने जा रहे थे उन्हें पुलिस और प्रशासन द्वारा तमनार की बाहरी सीमा पर रोक दिया जा रहा था। तमनार के लोगों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो मुड़ागांव में जंगल कटाई के विरोध में आए थे, तो उनके मार्ग को रोकने वाले लोग वही थे जो कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों को धमकाए थे। तब उन्होंने बीच सड़क पर अपनी गाड़ी खराब होने का बहाना बनाया था। और अब कलेक्टर से अपने जमीन, जंगल और खेत को खुशी खुशी कटवाने के समर्थन में मिलने गए। चलित धनसुनवाई का पहला मामला है। स्पष्ट है अडानी कंपनी ने अपने गुंडों, गुर्गों को ग्रामीण के भेष में रखा है जो उनके खिलाफ किसी भी आयोजन में अडानी का पक्ष लेने पहुंच जाते हैं। इससे प्रभावित 9 ग्राम पंचायत के 14 गांव के लोग पूरी तरह खौफ़जदा है। पुलिस प्रशासन सब अडानी अडानी खेल रहे हैं। बर्बाद हों रहा तो जल जंगल और जमीन।

रायगढ़: कैट ने स्वदेशी जागरूकता अभियान के तहत पॉम्पलेट का विमोचन किया

रायगढ़। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की रायगढ़ इकाई ने स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने अभियान को और मजबूती प्रदान करते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 24 अगस्त को स्थानीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय में एक सादगीपूर्ण किंतु गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्वदेशी जागरूकता संदेश वाले पॉम्पलेट का विमोचन किया गया। इस पॉम्पलेट का विमोचन आरएसएस विभाग प्रचारक डॉ. राजकुमार भारद्वाज के करकमलों द्वारा किया गया। समारोह में कैट केकन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स रायगढ़ इकाई के संरक्षक पवन बसंतानी जी रामनिवास मोड़ा जी, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश जेठानी जी, कार्यकारी अध्यक्ष सुनील अग्रवाल (वकील),महामंत्री रवि सुखेजा, कोषाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेश रोरा, उपाध्यक्ष संजय रतेरिया, मंत्री सत्यराम साहू
युवा कैट के अध्यक्ष कमलेश मोटवानी, कार्यकारी अध्यक्ष नितेश शर्मा, महामंत्री अभिषेक गुप्ता, उपाध्यक्ष त्रिलोक आहूजा उपाध्यक्ष हितेश बत्रा, मंत्री प्रकाश मेहानी, मंत्री विजय खत्री एवं भरत बलेचा  (कैट) के जिला अध्यक्ष किशोर तलरेजा  और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

कैट का यह अभियान स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पॉम्पलेट के माध्यम से आम जनता को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और विदेशी उत्पादों के बहिष्कार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संगठन का मानना है कि स्वदेशी अपनाने से न केवल स्थानीय उद्योगों को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। 

कैट की रायगढ़ इकाई ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि यह अभियान केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। संगठन ने भविष्य में जागरूकता रैलियों, कार्यशालाओं और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से इस मुहिम को और विस्तार देने की योजना बनाई है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की और स्वदेशी को अपनाने का संदेश पूरे शहर में फैलाने का आह्वान किया।

महाजेंको कोल ब्लॉक और MDO कम्पनी के प्रभावितों की ग्राम सभा में लिए एतिहासिक निर्णय …..

पेसा कानून के तहत मिले अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे …औद्योगिक दबाव अब और नहीं पर लिया गया ये फैसला …

  रायगढ़ । जिले के तमनार ब्लॉक में स्थित महाजेंको कोल ब्लॉक प्रभावितों द्वारा सोमवार को तकनर ब्लॉक के प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित प्रभावित गांव के हर प्रभावित घरों के मुखिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मुड़ागांव में एक अहम बैठक रखी गई। जिसमें एम डी ओ कम्पनी अडानी की प्रताड़ना और स्थानीय प्रशासन तंत्र की बेरुखी को लेकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक अहम बैठक रखी गई। जिसमें ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए रूपरेखा को मूर्त रूप दिया गया।

आदिवासी प्रभावित क्षेत्र जहां अनुसूची 5 पेसा कानून के तहत ग्राम सभा में पारित निर्णय अहम होगा और सर्व सम्मति से लिया गया निर्णय जिससे वे सदियों से जुड़े आएं हैं। अपनी धरोहर संस्कृति को बचाने अब एक नए सिरे से आंदोलन करना होगा सर्व सम्मति से जो एतिहासिक फैसला लिया गया उसमे  जल, जंगल, जमीन की रक्षा कैसे करें इसके साथ बढ़ते औद्योगिक दबाव की वजह से पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है इस पर चर्चा निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह से सरकार द्वारा प्रदत्त अधिकारियों और पेसा एक्ट कानून के तहत फैसला लिया गया है।पेसा एक्ट कानून के तहत प्राप्त कानून के अनुसार ग्राम सभा सर्वोच्च सभा है। और इस सभा में यह निर्णय क्षेत्र की पर्यावरणीय, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। महाजेंको और एमडी ओ कम्पनी द्वारा दिखाए जाने वाले फर्जी ग्राम सभा पर कठोर कार्रवाई की मांग जोरदार तरीके से सभा में गूंजी।

आदिवासियों सहित स्थानीय निवासियों द्वारा मुडागांव में आयोजित इस सभा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक दबाव और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर सभा में चर्चा हुई। तमनार ब्लॉक, जो कोयला खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, में स्थानीय समुदाय लंबे समय से अपनी जमीन, जंगल और जल स्रोतों के नुकसान को लेकर चिंतित रहा है। बीते दिवस जिस तरह से महाजेंकों के एम डी ओ कम्पनी द्वारा बल और छल कूट रचना कर खनन करने हर हथकंडे अपना रही है। इससे कैसे बचा जाए इस पर ग्राम सभा में बृहद चर्चा हुई। कोयला खदानों और पावर प्लांट्स के कारण पर्यावरणीय क्षति, विस्थापन और आजीविका का नुकसान स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख मुद्दे बन गए हैं। मुड़ागांव में आयोजित ग्राम सभा में जल, जंगल, जमीन की रक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, आजीविका की सुरक्षा, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान, विस्थापन का विरोध, सामुदायिक एकता, कानूनी और नीतिगत सहायता और इन सबके लिए जागरूकता अभियान चलाने जैसे एतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

क्या कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी/-

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में पेसा कानून लागू होता है पेसा कानून के तहत ग्राम सभा का निर्णय अंतिम होता है जिससे अनुविभागीय दण्डाधिकारी अधिकारी ग्राम सभा आयोजित होने के 15 दिवस पूर्व पत्र जारी करेगा जिसमें तिथि समय स्थान एवं मुद्दे का निर्धारण होगा भू अर्जन से संबंधित ग्राम सभा में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में कम से कम नायब तहसीलदार का होना अनिवार्य है। साथ ही वन भूमि पर वन विभाग के एसडीओ या रेंजर कों होना चाहिए और ग्राम सभा का विडियो फोटो ग्राफी होना चाहिए जों कोयला प्रभावित क्षेत्र के पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में नहीं किया गया है। जो पेसा कानून का उलंघन है। कम्पनी के फर्जी ग्राम सभा को लेकर ग्रामीणों की हुई ग्राम सभा में उठी मांग जायज है और उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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क्या कहते हैं अमृत भगत, सरपंच मुड़ागांव/-

बैठक में फर्जी ग्राम को लेकर चर्चा हुई और उस फर्जी ग्राम सभा को लेकर एसडीएम घरघोड़ा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है। जब तक फर्जी तरीके से लगाया गया अनुसूचित जनजाति पेसा एक्ट 5 अंतर्गत ग्राम सभा की जांच करके रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से नहीं रखी जाएगी तब तक कोई भी खदान में उत्खनन संबंधित कार्य करने नहीं दिया जाएगा।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) आज चक्रधर नगर दुर्गा चौक में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया।

रायगढ़, 15 अगस्त।  इस अवसर पर कैट के प्रदेश अध्यक्ष श्री किशोर तलरेजा, महामंत्री श्री रवि सुखेजा और अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान, बलिदान और संकल्प का दिवस है।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए व्यापारियों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया, जो आज आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

कैट के पदाधिकारियों ने कहा कि आज हम अपने तिरंगे को सलामी देते समय उन संघर्षों को भी नमन कर रहे हैं जिन्होंने हमें स्वतंत्र भारत का सपना साकार करने का अवसर दिया। इस अवसर पर व्यापारियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि वे न केवल आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कैट की रायगढ़ इकाई ने इस अवसर पर देश के विकास और समृद्धि के लिए व्यापारियों की भूमिका को और मजबूत करने का संकल्प लिया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स रायगढ़ इकाई के संरक्षक पवन बसंतानी जी रामनिवास मोड़ा जी, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश जेठानी जी, कार्यकारी अध्यक्ष सुनील अग्रवाल (वकील),महामंत्री रवि सुखेजा, कोषाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेश रोरा, उपाध्यक्ष संजय रतेरिया, मंत्री सत्यराम साहू
युवा कैट के अध्यक्ष कमलेश मोटवानी, कार्यकारी अध्यक्ष नितेश शर्मा, महामंत्री अभिषेक गुप्ता, उपाध्यक्ष त्रिलोक आहूजा उपाध्यक्ष हितेश बत्रा, मंत्री प्रकाश मेहानी, मंत्री विजय खत्री एवं भरत बलेचा (कैट) कार्यक्रम को सफल बनाने में इन सबका भी योगदान रहा।

वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेकर गुंडागर्दी करने वाले दो व्यक्तियों और जेसीबी चालक को जूटमिल पुलिस ने भेजा जेल

आंगनवाड़ी भवन तोड़ने पहुंचे थे अनावेदक, मोहल्लेवासियों ने रोका तो धमकाने लगे*

● शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने उठाए कड़े कदम

● अनावेदकों पर धारा 170, 126, 135(3) BNSS के तहत कार्यवाही कर एसडीएम न्यायालय पेश

    रायगढ़, 17 अगस्त 2025 । जूटमिल थाना पुलिस ने आज सुबह संत विनोबा नगर स्थित आंगनवाड़ी भवन को तोड़ने पहुंचे तीन व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की। वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का धौंस दिखाकर मोहल्लेवासियों को डराने और सरकारी संपत्ति पर तोड़फोड़ करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।

       सुबह दीपक महोबिया और मुकेश कुमार जैन, जेसीबी चालक फिदा हुसैन को लेकर आंगनवाड़ी भवन तोड़ने पहुंचे। मोहल्लेवासियों ने जब विरोध किया तो उन्होंने कहा कि तहसील का आदेश है और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

         सूचना मिलने पर जूटमिल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में पाया कि अनावेदकों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेकर दबाव बना रहे थे जिससे मोहल्लेवासियों से इनका वाद विवाद होने लगा मामले की गंभीरता को देखते हुए जूटमिल पुलिस ने भवन तोड़फोड़ कार्यवाही को रुकवा कर तत्काल अनावेदकों को गिरफ्तार किया

     पुलिस ने तीनों के खिलाफ *इस्तगासा क्रमांक 174-413/2025, धारा 170, 126, 135(3) BNSS* के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को एसडीएम न्यायालय पेश कर जेल भेजा गया।

*जेल गए अनावेदक*

1. दीपक महोबिया (40 वर्ष) पिता स्व. रामकृष्ण महोबिया, निवासी वार्ड क्रमांक 30, तमेरपारा, जिला दुर्ग (वर्तमान निवास – चांदनी चौक, सोनारपारा, रायगढ़)
2. मुकेश कुमार जैन (48 वर्ष) पिता स्व. गोपीराम जैन, निवासी गोगा मंदिर के सामने, थाना जूटमिल, रायगढ़
3. फिदा हुसैन (29 वर्ष) पिता मोहम्मद सलीम, निवासी दर्रीतालाब के पास, थाना जूटमिल, रायगढ़

एनटीपीसी लारा में देशभक्ति की भावना और जोश के साथ  79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सीआईएसएफ जवानों के परेड की सलामी ली। अपने संबोधन में श्री कुमार ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत को एक विकसित देश बनाने के उनके सपने को साकार करने की बात दोहराई।

रायगढ़। श्री कुमार ने राष्ट्र निर्माण के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की एनटीपीसी की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री कुमार ने यह भी बताया कि एनटीपीसी लारा संयंत्र एनटीपीसी का सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन है और पीएलएफ में प्रथम और देश में चौथा सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन है। उन्होंने एनटीपीसी लारा के सीएसआर-सीडी गतिविधियों के तहत न सिर्फ रायगढ़ बल्कि शक्ति यशपुर में चल रहे विकास कार्यों की चर्चा किया और परिपार्श्विक विकास के लिए एनटीपीसी लारा की प्रतिबद्धता की दोहराया। स्वतंत्रता दिवस की गतिविधि में और अधिक रंग जोड़ते हुए बाल भवन,

श्री स्वामीनारायण इंटरनेशनल गुरुकुल स्कूल और पास के सरकारी स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति थीम पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए एक अभिनव पहल के रूप में, इस अवसर पर अपने परिवारों के साथ रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को श्री अनिल कुमार, कार्यकारी निदेशक और श्रीमती अनुराधा शर्मा, अध्यक्ष (पीएमएस) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, श्री रविशंकर, सीजीएम (परियोजना), श्री केसीएस रॉय, जीएम (ओ एंड एम), श्री ए के मिश्रा, जीएम (ऑपरेशन एंड एफएम), श्री हेमंत पावगी, जीएम (एमई), श्री जाकिर खान, एजीएम (एचआर), श्री डी एन सिंह, एसी सीआईएसएफ, विभागाध्यक्ष, प्रेरिता महिला समिति के सदस्य, यूनियन और एसोसिएशन के प्रतिनिधि, कर्मचारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

क्लैरिटी डायग्नोस्टिक्स एंड आई केयर” का रायगढ़ में भव्य शुभारंभ

रायगढ़ । रायगढ़ शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दिनांक – 16 अगस्त 2025 क्लैरिटी डायग्नोस्टिक्स एंड आई केयर का भव्य शुभारंभ किया जायेगा । यह अत्याधुनिक सुविधा केंद्र रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाएं और नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराएगा । क्लैरिटी डायग्नोस्टिक्स एंड आई केयर में उपलब्ध मुख्य सेवाएं हैं:
अत्याधुनिक 5D सोनोग्राफी, CT Scan, डिजिटल X-ray व अन्य डायग्नोस्टिक सुविधाएं
• उन्नत नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद सर्जरी, फेको सर्जरी
• आँखों से संबंधित सभी समस्याओं का इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा
• मरीजों के लिए आरामदायक और सुरक्षित वातावरण
• अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
• सभी प्रकार के खून जांच की सुविधा
• पूर्णतः डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली


क्लिनिक के संचालक- Dr. Gaurav Agrawal, MBBS, MD Radio diagnosis एवं Dr. Saloni Agrawal, Ophthalmologist ने बताया, “हमारा उद्देश्य है कि रायगढ़ और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों को बिना बड़े शहर जाए, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों एवं मरीजों को उच्चतम गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना और उनके स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देना है । इस नए हेल्थकेयर सेंटर से रायगढ़ में चिकित्सा सुविधा का स्तर और भी उन्नत होगा तथा रोगियों को बेहतर व त्वरित इलाज मिल सकेगा। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:क्लैरिटी डायग्नोस्टिक्स एंड आई केयर कलेक्टर बंगला के सामने, सिविल लाइन, सत्तीगुडी चौक, रायगढ़ छत्तीसगढ़ ]फोन: [9993955535] हम आपकी सेवा में तत्पर हैं !

अपशिष्ट से संपदा: एनटीपीसी लारा द्वारा वृत्ताकार अर्थव्यवस्था की एक सफल पहल

बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं के कारण, वैश्विक स्तर पर उद्योग अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

रायगढ़। औद्योगिक अपशिष्ट उत्पादकों को या तो अपशिष्ट का स्वतंत्र रूप से निपटान करना होगा या निपटान के लिए प्रमाणित औद्योगिक उपचार फर्मों से संपर्क करना होगा। हालाँकि, कई कंपनियों के पास औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, कार्यबल, वित्तीय संसाधन, तकनीक, उपकरण और दूरदर्शी दृष्टिकोण का अभाव है। इसके अलावा, अधिकांश कंपनियों को समाज के स्थायी और पर्यावरणीय मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए जो उनके ब्रांड मूल्य को प्रभावित करते हैं; वृत्ताकार अर्थव्यवस्था की अवधारणा सतत विकास प्राप्त करने के एक संभावित साधन के रूप में लोकप्रिय हो रही है।

वृत्ताकार अर्थव्यवस्था कचरे और संसाधनों की कमी का एक स्थायी समाधान है, जहाँ सामग्रियों को कम किया जाता है, पुनर्चक्रित किया जाता है और पुन: उपयोग किया जाता है। सुप्रसिद्ध पद्धति के विपरीत, वृत्ताकार अर्थव्यवस्था की अवधारणा इस संभावना से चिह्नित है कि किसी का अपशिष्ट दूसरे के लिए कच्चा माल हो सकता है। अपशिष्ट जल उपचार सुविधाएँ इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। आमतौर पर, हमारे घरों से जो कुछ भी निकलता है, उसे कृषि और अन्य उपयोगों के लिए उर्वरक, बिजली और पानी में परिवर्तित किया जाता है। इसके अलावा, कई मूल्यवान खनिज और सामग्रियाँ एकत्रित की जाती हैं, जिससे नए कच्चे माल की आवश्यकता कम होती है और उनके पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और पुनर्प्रसंस्करण से जुड़ी वित्तीय और पर्यावरणीय लागतें कम होती हैं। इन सामग्रियों के लिए मूल्यवान आपूर्ति श्रृंखलाएँ बनाने और उनसे जुड़े लाभों को बढ़ाने के अलावा, पुनर्चक्रित और पुनर्प्राप्त सामग्रियों को पुनर्रचना करके पुन: उपयोग के लिए ऊर्जा और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों की आवश्यकता को कम किया जा सकता है।

अपशिष्ट से संपदा की ओर एनटीपीसी का दृष्टिकोण

लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन, एनटीपीसी लिमिटेड के बेड़े के सबसे कुशल स्टेशनों में से एक है। इसने इस चिंता को पहचाना और सामुदायिक भागीदारी के साथ औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक अत्यंत नवीन समाधान का प्रदर्शन किया। एनटीपीसी लारा की स्थापना छत्तीसगढ़, रायगढ़ के पुसोरे गाँव में की गई थी, जहाँ बैग फिल्टरों को पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं में पुनर्चक्रित किया जाता है, जो वृत्ताकार आर्थिक मॉडल के यथार्थवादी अनुप्रयोग को प्रदर्शित करता है। यह पहल सामुदायिक मुक्ति और औद्योगिक स्थिरता का समर्थन करते हुए अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी चिंताओं को दूर करती है। एनटीपीसी लिमिटेड समूह का हिस्सा होने के नाते, एनटीपीसी लारा बिजली की मांग बढ़ाने के उद्देश्य से देश के ऊर्जा क्षेत्र में योगदान देता है। कई अन्य ताप विद्युत संयंत्रों की तरह, यह अपशिष्ट उत्पन्न करता है, जिसमें बैग फिल्टर भी शामिल हैं, जो धूल संग्रहण व्यवस्था के तत्व हैं जो वायु प्रदूषण को कम करते हैं। लारा स्टेशन के राख प्रबंधन प्रणाली में बैग फिल्टर, इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर (ईएसपी) हॉपर से सूखी फ्लाई ऐश को बफर हॉपर और राख साइलो तक पहुँचाते समय वायु प्रदूषण को कम करते हैं। आमतौर पर, बफर हॉपर और राख साइलो से निकलने वाले कचरे को उच्च ऊर्जा वाले भस्मीकरण या भंडारण की आवश्यकता होती है। एनटीपीसी लारा साइलो और बफर हॉपर से होने वाले वायु प्रदूषण से बचने के लिए इन बैग फिल्टर का उपयोग करता है। वर्तमान में, छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यावरण के अनुकूल तरीके से प्रयुक्त बैग फिल्टर के निपटान के लिए उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा (टीएसडीएफ) का संचालन नहीं है। इस कचरे का कुशलतापूर्वक और पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार तरीके से प्रबंधन करने के लिए, एनटीपीसी लारा ने इन फिल्टरों का निपटान करने के बजाय एक परिपत्र अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण अपनाया है, क्योंकि इन फिल्टरों को लैंडफिल में विघटित होने में वर्षों लग सकते हैं। एनटीपीसी लारा के प्रयुक्त बैग फिल्टरों को शुरू में एक अच्छी तरह से इंजीनियर अपशिष्ट भंडारण यार्ड में संग्रहीत किया गया था, जब वे अपने कार्यात्मक जीवन के अंत तक पहुँच गए एनटीपीसी लारा ने छपोरा गांव में छाया महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के साथ सहयोग किया, जहां एसएचजी के सदस्यों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एनटीपीसी लारा द्वारा इन बेकार फिल्टर बैगों की सिलाई और पुन: उपयोग में लाने के कौशल को सुधारने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। एनटीपीसी लारा द्वारा छपोरा गांव में छाया महिला एसएचजी को हैवी-ड्यूटी सिलाई मशीनें प्रदान की गईं, जो बैग फिल्टर कपड़े की सिलाई और इस्तेमाल किए गए फिल्टर कपड़े को कैरी बैग में बदलने के लिए उपयुक्त हैं (चित्र 2)। इस एसएचजी के सदस्य इन इस्तेमाल किए गए बैग फिल्टरों की सिलाई, ड्राई क्लीनिंग और धुलाई करते हैं। वे इस्तेमाल किए गए बैग फिल्टर से बरामद कपड़े को वांछित आकार में काटते हैं और नए प्रयोग करने योग्य और पर्यावरण के अनुकूल कैरी बैग सिलते हैं। आंशिक रूप से साफ़ किए गए फ़िल्टर उनके दरवाज़े पर भेज दिए जाते हैं और एनटीपीसी लारा सह-प्रसंस्करण द्वारा निपटान के लिए तैयार बैग और अवशिष्ट अपशिष्ट एकत्र करता है। एनटीपीसी लारा, छाया महिला स्वयं सहायता समूह को संभावित औद्योगिक कचरे को मूल्यवान संसाधन में बदलने के लिए भुगतान करता है। यह पहल लैंडफिल कचरे को कम करती है और दर्शाती है कि कैसे कंपनियां समुदायों का समर्थन कर सकती हैं और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकती हैं। एनटीपीसी लारा स्टेशन के साथ अपनी साझेदारी के कारण, स्वयं सहायता संगठन के सदस्य आर्थिक रूप से स्वतंत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक बन गए हैं। इन बैग बनाने के कार्यों से प्राप्त धन ने इन महिलाओं को आय का एक स्थिर स्रोत प्रदान करके अधिक अधिकार दिया है। छाया महिला स्वयं सहायता समूह का आत्मविश्वास बढ़ा है, यह दर्शाता है कि कैसे स्थायी प्रथाएँ समुदायों को लाभान्वित कर सकती हैं और निवासियों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकती हैं।

आज तक, इस्तेमाल किए गए अपशिष्ट बैग फिल्टर से 5000 से अधिक बैग बनाए गए हैं और एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक बैग के उपयोग को कम करने के लिए वितरित किए गए हैं। पर्यावरण जागरूकता के लिए रीसाइक्लिंग लोगो के साथ उचित रूप से मुद्रित होने के बाद, ये बैग लारा में एनटीपीसी लिमिटेड के सभी कर्मचारियों, इसके सहयोगियों (सीआईएसएफ, बैंक, डाकघर, स्कूल आदि), दुकानदारों, टाउनशिप के विक्रेताओं और एनटीपीसी लारा स्टेशन पर काम करने वाले 100% मजदूरों को वितरित किए जाते हैं। इन प्रयासों ने एनटीपीसी लारा टाउनशिप (मैत्री नगर) को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक मुक्त टाउनशिप में एकजुट किया।

महिलाओं को सशक्त बनाने के अलावा, वर्तमान परियोजना के कई अन्य महत्वपूर्ण लाभ हैं। एनटीपीसी लारा और छाया महिला एसएचजी बैग फिल्टर का पुन: उपयोग करके कचरे को कम करने और एक परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। बैग फ़िल्टर से निर्मित पुन: प्रयोज्य बैग प्लास्टिक कचरे को कम करने का एक सरल तरीका हैं। जब स्थिरता और अपशिष्ट प्रबंधन प्रयासों के प्राथमिक लक्ष्य होते हैं, तो सामुदायिक भागीदारी पर भी ज़ोर दिया जाता है। इस मॉडल की सफलता स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ मिलकर काम करने वाले उद्योगों पर निर्भर करती है ताकि अपशिष्ट संबंधी चिंताओं का प्रबंधन किया जा सके, सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सके और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में सुधार किया जा सके। ग्लोबल वार्मिंग के कारण वर्तमान जलवायु परिवर्तन को देखते हुए, अपशिष्ट से धन बनाने का यह दृष्टिकोण व्यवहार्य और अत्यधिक लाभकारी है।

आमतौर पर, अपशिष्ट से धन बनाने के प्रयासों को बढ़ाने में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस पहल में आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन और नए परियोजना क्षेत्रों में प्रयासों का विस्तार करने के लिए कच्चे माल की गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति बनाए रखने से संबंधित चुनौतियाँ देखी जा सकती हैं। हालाँकि, इस उपलब्धि ने सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। यह उन अन्य व्यवसायों के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करता है जो अपने सतत लक्ष्यों पर विचार करके और अपने समुदायों में निवेश करके महत्वपूर्ण बदलाव लाना चाहते हैं। इस कार्यक्रम ने प्रदर्शित किया है कि कोई भी कंपनी अपशिष्ट को संसाधन में बदलने के लिए अपशिष्ट से धन बनाने के दृष्टिकोण पर विचार कर सकती है, जो पर्यावरणीय मुद्दों में जन भागीदारी के महत्व को उजागर करता है।

निष्कर्ष

एनटीपीसी लारा के अपशिष्ट-से-संपत्ति प्रयास द्वारा चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा को दर्शाया गया है, जिसमें प्रयुक्त बैग फिल्टरों को पुन: प्रयोज्य बैगों में पुनर्चक्रित किया गया और स्थानीय स्तर पर वितरित किया गया। ऐसा करके, एनटीपीसी लारा ने भारी अपशिष्ट उत्पादन को कम किया है, प्लास्टिक प्रदूषण के कारण से सफलतापूर्वक निपटा है, और स्थानीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान दिया है। यह कार्यक्रम प्रस्तुत करता है कि कैसे उत्पादन कंपनियाँ समुदायों के साथ जुड़कर पारिस्थितिक और सामूहिक रूप से ज़िम्मेदार समाधानों को बढ़ावा दे सकती हैं जिनसे पर्यावरण और प्रतिभागियों दोनों को लाभ हो। एनटीपीसी लारा का यह केस स्टडी एक व्यावहारिक मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है जिसे अन्य उद्योग विकसित कर सकते हैं। यह बताता है कि कैसे क्षेत्रीय सामुदायिक कार्रवाई चक्रीय अर्थव्यवस्था विधियों के साथ मिलकर ठोस और निश्चित परिणाम दे सकती है। यह नवोन्मेषी विचार स्थिरता को प्रोत्साहित करता है और सभी की समृद्धि के लिए स्थानीय समुदायों का समर्थन करता है।

15 को जन्माष्टमी को महामहोत्सव के रूप में मनाएगा इस्कॉन रायगढ़ प्रचार केंद्र

बाल महोत्सव से लेकर भजन, संकीर्तन और पुष्पाभिषेक रहेगा खास
रायगढ़ में पहली बार जन्माष्टमी पर प्रदेशभर से जुटेंगे कलाकार एक छत के नीचे होंगे भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े कार्यक्रम
  रायगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को महामहोत्सव के रूप में इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शियसनेस) रायगढ़ प्रचार केंद्र द्वारा 15 अगस्त को रेड क्वीन गार्डन में मनाया जाएगा। करीब 10 हजार लोगों के साथ जन्माष्टमी को महामहोत्सव के रूप में मनाने के लिए दोपहर से देर रात तक भक्ति आराधन के कई कार्यक्रम होंगे जिसके लिए प्रदेशभर से कलाकार रायगढ़ में जुटेंगे। पहली बार रायगढ़ में श्री कृष्ण जन्माष्टमी को इतने बड़े पैमाने पर जिले में मनाया जा रहा।
मेला,बाजार, प्रदर्शनी से इतर जन्माष्टमी के दिन रायगढ़ में इस बार भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत आराधना कई चरणों में की जाएगी। इस महामहोत्सव में आम आदमी से लेकर खास, भगवान श्रीकृष्ण की सेवा कर सकता है। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे का हरिनाम जप भी श्रद्धालु करेंगे।


तैयारियों को लेकर इस्कॉन द्वारा बुधवार को राजा पारा पल्लवी भवन स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र के मंदिर में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस्कॉन रायपुर के मिथिलापति दास ने बताया कि इस्कॉन का उद्देश्य श्रीकृष्ण भावनामृत को विश्वभर में फैलाना है, जिससे लोग भगवान कृष्ण की भक्ति और प्रेम को अपने जीवन में अपनाएं। इस्कॉन आध्यात्मिक ज्ञान और वैदिक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम करता है, जिससे लोगों को अपने जीवन के उद्देश्य और अर्थ को समझने में मदद मिले। इस्कॉन सामुदायिक सेवा गतिविधियों में भी शामिल होता है, जैसे कि भोजन वितरण, शिक्षा और भटके युवाओं को सही दिशा प्रदान करना आदि। संस्था का उद्देश्य लोगों में भक्ति और प्रेम की भावना को बढ़ावा देना है, जिससे वे अपने जीवन में सुख, शांति और संतुष्टि प्राप्त कर सकें।

पुष्पों के साथ मनेगा भगवान का प्राकट्योत्सव
प्रेसवार्ता में 15 अगस्त के कार्यकमों की रूपरेखा के बारे में इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़‌ के प्रमुख कमल किशोर दास ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3:00 बजे स्वस्ति वाचन से होगी। यह स्वस्ति वाचन बच्चों द्वारा किया जाएगा। यह खास रहेगा, क्योंकि छोटे बच्चों द्वारा संस्कृत के मंत्रों का उच्चारण और आराधना को देखना और सुनना एक अलग ही अनुभव होता है। इसी के साथ ही साथ बाल महोत्सव भी शुरू होगा। 15 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए बाल महोत्सव में अनेक विधाएं हैं जिसमें भगवान श्री कृष्ण से संबंधित भजन, श्लोक, नृत्य फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता होगी। शाम 7:00 बजे संध्या आरती व कीर्तन होगा।
7:30 बजे के बाद रात 9:00 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया गया है जिसमें एनआईटी रायपुर के इंजीनियर , खैरागढ़ के छात्र, रायगढ़ के संगीत विद्यालय के छात्र, विभिन्न स्कूलों के बच्चे, युवा सभी इसमें शामिल होंगे। रात 9:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक भगवान श्री कृष्ण का महाअभिषेक एवं जन्माष्टमी महोत्सव शुरू हो जाएगा। रात 12:00 बजे पुष्पों से भगवान का अभिषेक किया जाएगा, उसके बाद मंत्र उच्चारण कर और पुष्पों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा फिर फूलों की होली खेली जाएगी। भगवान को 56 भोग अर्पण करने के पश्चात रात 12:30 बजे महा आरती की जाएगी और सभी भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
तीन महीने से जारी है तैयारी
इस्कॉन मंदिर रायपुर के अंतर्गत आने वाली रायगढ़ की प्रचार शाखा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को महामहोत्सव मनाने के लिए 3 महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। आमजन के सहयोग से यह कार्यक्रम हो रहा है। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और श्रीमद् भगवद् गीता को आम जनता तक पहुंचाने के लिए इस्कॉन ऐसे विभिन्न आयोजन बीते 3 साल से रायगढ़ में करता आ रहा है। कम समय में ही इस्कॉन की रायगढ़ शाखा में श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसी कारण इस बार वे अपने राजा पारा के पल्लवी महल स्थित मंदिर में आयोजन न कर रेड क्वीन गार्डन में कर रहे हैं ताकि 10,000 के करीब श्रद्धालु एक साथ भगवान श्री कृष्ण के भक्ति का आनंद ले सके और हरिनाम जप करे।
रायपुर इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी रायगढ़ के युवा इंजीनियर
रायगढ़ के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के वह प्रभारी भी हैं। मिथिलापति दास रायगढ़ के ही हैं। उनका घर बेलादुला में है और उन्होंने ओपी जिंदल स्कूल से 2011 में पास होने के बाद एनआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। फिर रायपुर और मुंबई में काम भी किया। इस्कॉन से जुड़ने के सवाल पर उन्होंने बताया कि परिवार शुरू से ही भक्ति भाव में था। स्कूल और कॉलेज में उन्होंने भगवत गीता को खूब पढ़ा। नौकरी के दौरान मंदिर में जाना लगा रहा।


फिर काफी सोच विचार कर अपना संपूर्ण जीवन अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ यानि इस्कॉन के सिद्धांतों को समर्पित कर दिया। दीक्षित होने के बाद मुझे मिथिलापति नाम मिला। अब मैं श्रीकृष्ण भावनामृत को विश्वभर में फैलाने के संस्था के उद्देश्य में जुट गया हूं।