Home Blog Page 7

वन विभाग में करोड़ों के घोटाले की गूंज सदन से निकल सड़कों तक उठा सवाल विधानसभा में धरमलाल कौशिक के सवाल से खुली परते

रायगढ़। । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के  धरमजयगढ़ वन मंडल के उप वन मंडल लैलूंगा अंतर्गत करोड़ों रुपये के कथित घोटाले ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है बल्कि यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र भी बन गया है। मामला उस समय सुर्खियों में आया जब धरमलाल कौशिक ने इसे विधानसभा के पटल पर उठाया। सदन में सवाल उठते ही वर्षों से दबे पड़े तथ्यों की परतें खुलने लगीं और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए।

विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद  मामले को तथ्यों और आंकड़ों के माध्यम से उजागर किया। इसके बाद से ही पूरे वन विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। मामला उजागर होने के बाद हर जगह वन विभाग का यह घोटाला चर्चा का विषय बना हुआ है।

वन विभाग पर आरोप है कि योजनाओं, कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। जैसे ही यह विषय सदन में आया, विभागीय स्तर पर जांच की बात कही गई लेकिन जांच ही पूरी तरह संदेहों में आ गई।
रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने यह उजागर कर दिया कि यह केवल एक प्रकरण नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तंत्र का हिस्सा हो सकता है। इसके बाद से ही विभाग के भीतर मैनेजमेंट का दौर तेज हो गया और जांच के माध्यम से नुकसान नियंत्रित करने और थोपने की कोशिशें शुरू हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, अब सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि घोटाला हुआ या नहीं, बल्कि यह है कि इसकी सच्चाई किस हद तक सामने आएगी। आरोप लग रहे हैं कि “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” की तर्ज पर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की रणनीति बनाई जा रही है। यही वजह है कि वन विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।

इस पूरे प्रकरण ने यह भी उजागर कर दिया है कि यदि एक मामले में करोड़ों के घोटाले की आशंका है, तो विभाग के भीतर और कितनी अनियमितताएं दबी हो सकती हैं। जानकारों का मानना है कि बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के सच्चाई सामने आना मुश्किल है।

फिलहाल यह मामला वन विभाग के लिए एक बड़े मुद्दे के रूप में खड़ा हो चुका है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या केवल औपचारिक कार्रवाई होगी या वास्तव में जिम्मेदारों तक जांच की आंच पहुंचेगी। सच क्या है और दोषी कौन, यह तो आने वाली जांच ही तय करेगी, लेकिन इतना तय है कि इस घोटाले ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

लोचन नगर, रायगढ़ में स्थित इंग्लिश मीडियम प्ले स्कूल ब्लूमिंग बड्स का 2025-26 का वार्षिकोत्सव 14 दिसंबर को

रायगढ़ ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ के डी एस पी श्री सुशांतो बनर्जी थे।
रायगढ़ । कार्यक्रम के आरंभ में नन्हे बच्चों द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो भेंट कर उनका स्वागत किया गया। उसके बाद भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम स्कूल की शिक्षिकाओं द्वारा एक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। उसके बाद प्ले नर्सरी के बच्चों द्वारा ‘लकड़ी की काठी’ गाने पर नृत्य किया, जिसने सबका मन मोह लिया। इसके बाद बारी बारी नर्सरी के बच्चों द्वारा ‘डिस्को डांसर’ और ‘टुकुर- टुकुर’ गीतों पर नृत्य किया गया, जिसने कार्यक्रम में समा बांध दिया। नर्सरी द्वारा प्रस्तुत ‘फैमिली थीम’ के नृत्य ने तो वहां उपस्थित सभी को भावुक कर दिया। एल के जी के बच्चों द्वारा ‘दक्षिण भारतीय’ वेश भूषा में लुंगी डांस और ‘मेरा नाम चीन चीन चू’ पर डांस करते बच्चों ने वहां उपस्थित सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। यू के जी के बच्चों द्वारा ‘मैं निकला गड्डी लै के’ और अंत में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक परिधान में यू के जी की छात्राओं द्वारा ‘ तरी हरि ना ना’ गीत पर प्रस्तुत किए गए नृत्य ने सभी को भाव विभोर कर दिया।

मुख्य अतिथि श्री सुशांतो बनर्जी ने अपने उद्बोधन में पालकों से बच्चों को हर तरह से प्रोत्साहित करने का संदेश दिया और बच्चों के विकास में योगदान के लिए स्कूल की भूरी भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में ब्लूमिंग बड्स की चेयरपर्सन श्रीमती जागृति प्रभाकर ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया और बच्चों की मेहनत और लगन के लिए सभी अभिभावकों की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती विस्मिता मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्लूमिंग बड्स के संचालक श्री अविनाश नामदेव, शिक्षिकाओं किरण वर्मा, नेहा अग्रवाल, ग्रेसी केरकेट्टा, मनीषा यादव, उपासना नंदे, नेहा जायसवाल, भारती इजारदार, नेहा कौशिक और चंचल पाहुजा एवं सहायक स्टाफ सत्या, विमला, दुलारी, यशोदा एवं सरस्वती, राजकमल का बड़ा योगदान रहा।

NTPC लारा में ऊर्जा संरक्षण सप्ताह 2025 मनाया गया



NTPC लारा में 8 से 14 दिसंबर 2025 तक उर्जा संरक्षण सप्ताह 2025 मनाया गया, जिसमें कर्मचारियों और उनके परिवारों ने बहुत जोश और सक्रिय भागीदारी दिखाई। हफ़्ते भर चले इस समारोह का समापन सफल प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।

पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि, श्री केशब चंद्र सिंहां राय, महाप्रबंधक  (O&M) ने श्री अशोक कुमार मिश्रा, GM (ऑपरेशन और फ्यूल मैनेजमेंट), श्री हेमंत पावगी, GM (प्रोजेक्ट), और अन्य डिपार्टमेंट के प्रमुखों की मौजूदगी में बांटे गए।

रायगढ़ । लोगों को संबोधित करते हुए, श्री केशव चंद्र सिंहा रॉय ने अगली पीढ़ी के लिए एक उज्ज्वल और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए एनर्जी कंज़र्वेशन की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज ज़िम्मेदारी से एनर्जी का इस्तेमाल प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद करेगा।

इस अवसर पर, कर्मचारियों, गृहिणियों, बच्चों और सहयोगियों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए वॉकथॉन और कई प्रतियोगिताओं जैसी विभिन्न जागरूकता पैदा करने वाली गतिविधियाँ आयोजित की गईं। ड्रॉइंग, पेंटिंग, निबंध लिखने और क्विज़ जैसे कॉम्पिटिशन में कर्मचारियों, हाउसवाइफ़, स्कूल के बच्चों और एसोसिएट्स ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।

एक ज़िम्मेदार पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के तौर पर, NTPC लारा ने रोज़ाना के कामों, सिविल स्ट्रक्चर और आम कामों में एनर्जी बचाने के कई तरीके अपनाए हैं। बिजली की खपत कम करने और सस्टेनेबल एनर्जी तरीकों को बढ़ावा देने के लिए दिन में रोशनी के लिए कुदरती धूप का सबसे अच्छा इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया गया है।

स्टील एंड मेटल इंडस्ट्री के लिए नई कंसल्टेंसी फर्म की लॉन्चिंग डीके सरावगी ने किया ऐलान


रायपुर/रायगढ़ ।  उद्योग जगत के प्रमुख नेतृत्वकर्ता दिनेश कुमार सरावगी (डीके सरावगी) ने स्टील और मेटल सेक्टर के लिए अपनी नई सलाहकार एवं कंसल्टेंसी फर्म ’सरावगी मेटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ की लॉन्चिंग की घोषणा की है। इस फर्म के माध्यम से वे उद्योगों को रणनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करेंगे, जो स्टील, मेटल, आयरन, कलर कोटेड शीट, फैब्रिकेटेड आइटम, माइनिंग, मिनरल प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और हेवी इंडस्ट्रीज से जुड़े व्यवसायों को लक्षित करेगी।
डीके सरावगी, जिनके पास उद्योग में दशकों का अनुभव है, इस फर्म के जरिए व्यवसायों को उनकी ऑपरेशंस सुधारने, नई परियोजनाओं की योजना बनाने, चल रही परियोजनाओं को संशोधित करने और दीर्घकालिक विकास हासिल करने में मदद करेंगे। फर्म निवेशकों, औद्योगिक नेतृत्वकर्ताओं और प्रमोटर्स के लिए व्यावहारिक और तर्कसंगत समाधान प्रदान करेगी। यदि कोई नया इन्वेस्टर इन्वेस्टमेंट के अवसर तलाश रहा है, तो डीके सरावगी उनकी जरूरतों के अनुरूप लाभदायक और सुरक्षित सलाह प्रदान कर सकते हैं, जो बाजार की गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी। डीके सरावगी का अनुभव बड़े पैमाने की प्लांट ऑपरेशंस, ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन, प्रोडक्शन एफिशिएंसी में सुधार, तथा बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग और ग्रोथ स्ट्रैटेजी से जुड़ा हुआ है।
उनकी गहन समझ व्यवसायों की मूल समस्याओं को पहचानने में मदद करती है, जो सुचारू ऑपरेशंस और रणनीतियों के क्रियान्वयन के बीच बाधा बनती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए फर्म के प्रमुख सेवा क्षेत्रों में शामिल हैं: बिजनेस स्ट्रैटेजी एंड एक्सपैंशन कंसल्टेशन, प्रोजेक्ट एडवाइजरी एंड फीजिबिलिटी गाइडेंस, सप्लाई चेन एंड स्ट्रैटेजिक सोर्सिंग एडवाइजरी, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस एंड प्रोसेस इम्प्रूवमेंट्स, तथा टेक्निकल असेसमेंट एंड एफिशिएंसी इम्प्रूवमेंट्स।
वे कंपनियां जो अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में असफल रही हैं या समस्याओं को समझने में कठिनाई महसूस कर रही हैं, वे इस कंसल्टेंसी से संपर्क कर सकती हैं। फर्म का उद्देश्य स्पष्ट है-उच्च ऑपरेशनल प्रोडक्टिविटी, सस्टेनेबल ग्रोथ, मजबूत प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन और कॉस्ट-एफिशिएंट परफॉर्मेंस सुनिश्चित करना। यह कोई नई बात नहीं है कि स्थापित कंपनियों को भी मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है, और डीके सरावगी के सुझावों से कई कंपनियां अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित करने में सफल हो चुकी हैं।
सरावगी मेटल सॉल्यूशंस की स्थापना के पीछे की प्रेरणा पर बात करते हुए डीके सरावगी ने कहा, ’मैंने उद्योग में चार दशकों से अधिक समय तक काम किया है और मैंने करीब से देखा है कि अधिकांश कंपनियां उभरने से पहले ही असफल क्यों हो जाती हैं। संघर्ष वास्तविक था, और मैं अपनी विशेषज्ञता का उपयोग इस तरह के व्यवसायों को उस ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए करना चाहता हूं जो उनकी क्षमता के अनुरूप हो। इस फर्म के जरिए हम इन सामान्य मुद्दों और संघर्षों को संबोधित करेंगे।’
फर्म अब उन सभी के लिए अपनी विशेषज्ञता और सलाह उपलब्ध कराने को तैयार है जो सुचारू ऑपरेशंस और अधिकतम लाभ के लिए विश्वसनीय साझेदार की तलाश में हैं। स्टील, मेटल, माइनिंग और मिनरल सेक्टर की कंपनियां ऑपरेशनल एक्सीलेंस एडवाइजरी, बिजनेस एंड टेक्निकल कंसल्टिंग, स्टील इंडस्ट्री कंसल्टिंग, प्रोजेक्ट एडवाइजरी एंड स्ट्रैटेजी, मेटल्स एंड माइनिंग कंसल्टिंग तथा इंडस्ट्रियल एडवाइजरी एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए संपर्क कर सकती हैं।

आंख मूंदकर बिना डायवर्सन के दे दी कमर्शियल निर्माण के लिए NOC, उप संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में भ्रष्टाचार चरम पर

बिना पहुंच मार्ग के खेत में कॉम्प्लेक्स बनाने की अनुमति
रायगढ़। मेन रोड से जमीन तक जाने का कोई पहुंच मार्ग राजस्व अभिलेखों में नहीं है। डायवर्सन हुआ नहीं था। इसके बावजूद उप संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने कमर्शियल निर्माण की अनुमति दे दी। जो शर्तें रखी गई थी, वे भी पूरी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि नगर तथा ग्राम निवेश रायगढ़ कार्यालय में सांठगांठ करके अनुमति ली गई। कृषि भूमि पर कमर्शियल निर्माण करने के लिए नियम तय किए गए हैं। जमीन का डायवर्सन होना चाहिए, भूमि का पहुंच मार्ग होना चाहिए। इसके बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अनुमति नहीं देता, लेकिन पंचधार में रुपेश मेहर की भूमि खनं 1038/5 रकबा 0.1980 हे और खनं 1038/6 रकबा 0.1330 हे. पर कमर्शियल

निर्माण की अनुमति उप संचालक केएस कंवर ने 4 जून 2025 को दी थी। भूमि की चतुर्सीमा से स्पष्ट है कि दो दिशाओं में दूसरे की भूमि, एक ओर शासकीय कोटवारी भूमि और एक ओर गांव की सीमा है। मजे की बात यह है कि नगर तथा ग्राम निवेश रायगढ़ से कमर्शियल निर्माण की अनुमति के बाद 28 जुलाई 2025 को एसडीएम सारंगढ़ ने डायवर्सन आवेदन खारिज कर दिया था। कोटवारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले रुपेश मेहर ने एसडीएम के समक्ष खनं 1038/5 रकबा 0.1980 हे और खनं 1038/6 रकबा 0.1330 हे. के डायवर्सन के लिए आवेदन किया था। पटवारी प्रतिवेदन में बताया गया था कि उक्त भूमि तक पहुंचने के लिए कोई मार्ग राजस्व अभिलेखों में नहीं है।

कैसे दी विकास अनुज्ञा
उप संचालक केएस कंवर ने उक्त भूमि पर व्यावसायिक निर्माण करने की अनुमति दी थी। इसमें कहा गया है कि आवश्यक हो तो राजस्व विभाग से व्यपवर्तन कराएं। प्रति सौ वर्गमीटर में एक वृक्ष की दर से वृक्षारोपण करना होगा। सीमांकन करवाकर अभिन्यास का सत्यापन कराना होगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी करना होगा। बिंदु क्रमांक 17 में कहा गया है कि निजी भूमि स्वामित्व के बाहर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए, लेकिन अनुमति मिलने के बाद डायवर्सन खारिज हो गया और इधर निर्माण कर लिया गया। रुपेश मेहर ने कोटवारी जमीन पर कब्जा करके रोड बना ली है। अपनी जमीन पर लंबा-चौड़ा गोदाम का निर्माण किया है। इसमें आरआर स्टील के नाम से फर्म भी खोली है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्रदत्त टी.एच.आर.में शुगर की मात्रा में की गई कमी

बच्चों के पोषण स्तर को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम

रायगढ़, 12 दिसम्बर 2025 ।  राज्य सरकार द्वारा बच्चों के संपूर्ण विकास एवं पोषण गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन (टी.एच.आर.) में शुगर की मात्रा को 27 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय वैज्ञानिक तथ्यों, स्वास्थ्य मानकों तथा राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अत्यधिक चीनी का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। शुगर की अधिक मात्रा बच्चों में मोटापा, दांतों की सड़न तथा कम उम्र में मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी बच्चों के आहार में न्यूनतम मात्रा में चीनी उपयोग करने की अनुशंसा करता है। टी.एच.आर. का मूल उद्देश्य बच्चों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना है। शुगर अधिक होने पर कैलोरी तो बढ़ती है, परंतु प्रोटीन, आयरन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता कम हो जाती है। शुगर की मात्रा कम करने से पोषक तत्वों का अनुपात बढ़ेगा तथा दाल, दलिया, चना और मूंगफली जैसे पौष्टिक अवयवों का समुचित समावेश संभव होगा, जिससे टी.एच.आर. की पोषक घनत्व में वृद्धि होगी।
            महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप ने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए मात्र कैलोरी पर्याप्त नहीं है, उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। शुगर कम होने से टी.एच.आर. वास्तविक पोषण प्रदान करने में अधिक सक्षम होगा तथा बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अत्यधिक मीठा खाद्य पदार्थ बच्चों में मिठास की आदत को बढ़ावा देता है। शुगर कम करने से बच्चों में प्राकृतिक स्वाद ग्रहण करने की क्षमता विकसित होती है और आगे चलकर संतुलित आहार लेने की आदत प्रोत्साहित होती है। यह निर्णय पोषण अभियान एवं आईसीडीएस के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिनमें कम शुगर एवं उच्च पोषण वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने का उल्लेख है।

जेसीआई रायगढ़ सिटी महिला विंग ने जरूरतमंदों के लिए गर्म कपड़े और कंबल का किया वितरण

समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए जेसीआई रायगढ़ सिटी महिला विंग द्वारा जरूरतमंद परिवारों के लिए कपड़ा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।       रायगढ़। महिला विंग की सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर रात्रि 10:30 बजे के बाद स्टेशन चौक और बस स्टैंड क्षेत्र में ज़रूरतमंद लोगों को गर्म कपड़ों और कंबल  का वितरण किया गया  ।
कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद करना तथा समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश देना था। महिला विंग की पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान हर वर्ष संचालित किया जाता है और लोगों के सहयोग से बड़ी संख्या में सामग्री एकत्रित होती है।
महिला विंग की सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में रखे अतिरिक्त कपड़ों को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए आगे आएँ, ताकि ठंड के मौसम में कोई भी व्यक्ति बिना कपड़ों के परेशान न हो।

कार्यक्रम में महिला विंग की कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित
रेखा अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल, मधु अग्रवाल, विनीता केडिया,
तथा आनंद मोदी, गुलशन अग्रवाल, आलोक केडिया, सुनील अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल और प्रतीक अग्रवाल
, जिन्होंने अपनी उपस्थिति और सहयोग से इस सेवा कार्य को और अधिक सार्थक बनाया।  वितरण कार्य में अपना योगदान दिया। अध्यक्ष भारती मोदी और सचिव खुशबू अग्रवाल ने बताया कि आगे भी ऐसे सामाजिक कार्य निरंतर जारी रहेंगे।उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संस्था के पीआरओ जेसी सीए अमन मित्तल ने दी।

एनटीपीसी लारा में अग्नि दुर्घटना से सुरक्षा पर मोक्क ड्रिल का आयोजन

अग्नि दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों की सुरक्षा एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ़, सी.आई.एस.एफ, जिला प्रशासन एवं आस पास के बड़ी उद्योग के सहभागिता में एनटीपीसी लारा के प्रशासनिक भवन चक्रधर भवन में मोक्क ड्रिल का आयोजन

रायगढ़ । आगजनी के समय लोगोकों सुरक्षित बचाव करना एवं जान माल की नुकसान को यथा संभव कम करने के लिए सभी पक्ष की सयुंक्त प्रयास से मोक्क ड्रिल का आयोजन किया गया। पूरे प्रकरण को जीवन्त प्रदर्शन करते हुए बिल्डिंग मे आग लगने की साइरन बजाया गया एवं लोगोकों आपदा एकत्रित स्तल पर इकठा किया गया साथ ही एम्ब्युलेन्स एवं अग्नि शमन विभाग को बुलाया गया। अग्निशमन विभाग द्वारा आग को बुझाया गया और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को बुलाया गया। जिनहोने ऐसी स्थिति से निपटने में माहिर है।

एनडीआरएफ़ की जवानो ने ऐसी आपदा में लोगों को भवन से निकालने तथा अगर कोई धुएँ के कारण दमघुटने के कारण अचेत हुआ हो उसको बचाव करने के लिए रस्सी से केसे नीचे उतारा जाता है उसका जीवंत प्रदर्शन कियागया। साथ साथ प्रभावितों को फास्ट ऐड देना एवं बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान के लिए हस्पताल भेजना आदि सम्पन्न किया गया। पूरे व्यवस्था को अच्छे से सम्पन्न करने के लिए श्री केशब चन्द्र सिंघा रॉय, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) ने सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर उप कमांडेंट श्री पवन जोशी, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्री राहुल पटेल, जिला अग्नि अधिकारी श्री प्रमोद जोगी एवं उनके टीम, अदानी पावर के सुरक्षा अधिकारी श्री संदीप सिंह, श्री जाकिर खान, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एनटीपीसी लारा के सुरक्षा विभाग एवं उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

पालना कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 23 दिसंबर तकप

**

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025/ एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ अंतर्गत पालना कार्यकर्ता के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 23 दिसंबर तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। परियोजना अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ के अंतर्गत स्वीकृत पालना केंद्रों के तहत ग्रामीण एवं नगरीय निकाय क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र दया गली, वार्ड क्रमांक 35 में एक पद रिक्त है, जिसकी पूर्ति हेतु यह प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। उक्त पद पर नियुक्ति पालना कार्यकर्ता, सहायिका के रूप में की जाएगी। भर्ती से संबंधित पात्रता मापदंड, आवश्यक दस्तावेज, चयन प्रक्रिया एवं नियम-शर्तों की विस्तृत जानकारी परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पूर्व समस्त दिशा-निर्देशों का भली-भांति अवलोकन कर लें।

9 दिसंबर 2025 मंगलवार समाज सेवी नेत्रदानी स्व सेठ दीनदयाल रतेरिया के तत्वाधान में ढिमरापुर आशीर्वाद पुरम कालोनी के बगल बड़े रामपुर नगरवन गार्डन गेट ठीक के ठीक सामने रतेरिया बगीचा

रायगढ़ में होगा नसों की समस्या का विशाल स्वास्थ्य शिविर  का भव्य आयोजन

रायगढ़ । शहर के प्रतिष्ठित व्यक्ति नरेंद्र रतेरिया की अभिनव पहल से शहर के आशीर्वाद पुरम कालोनी के बगल मैन रोड बड़े रामपुर नगरवन गार्डन गेट के ठीक सामने दीनदयाल रतेरिया बगीचा में नस संबंधित विभिन्न समस्याओं के लिए व सभी समाज के जनमानस को स्वास्थ्य संबंधित राहत देने के पवित्र उद्देश्य से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन आगामी 9 दिसंबर मंगलवार को सुबह 12 बजे से संध्या 7 बजे तक मरीजों की जांच की जाएगी
नामचीन चिकित्सक करेंगे जांच – बेहद मिलनसार व्यक्तित्व के धनी मृदुभाषी नरेंद्र रतेरिया ने बताया कि    स्वास्थ्य शिविर पूज्य पिताजी दीनदयाल रतेरिया जी की प्रेरणा से किया जा रहा है। वहीं इस शिविर में प्राचीन वैदिक पद्धति से शरीर के नसों की विभिन्न समस्याओं का उपचार किया जाएगा । शिविर में जबलपुर निरोग धाम के सुप्रसिद्ध नसों के चिकित्सक शिरकत करेंगे जो नसों, घुटने, लकवा,कमर पीठ व गठिया रोग व अन्य समस्याओं में बड़ों व छोटे बच्चों का जांच उपचार कर समाज के लोगों की सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

*इन समस्याओं की होगी जांच – श्री रतेरिया ने बताया कि  स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में गठिया, आर्थोराइट्स, लिंगामेंट इंजुरी, ऑस्टियोपोरोसिस, जबड़ों का ना खुल पाना, नसो का दब जाना, पुरानी चोट, रीढ़ की हड्डी का तिरछा होना, स्लिप डिस्क पैरों में भारीपन, झुनझुनी, साइटिका, कंधा, कूल्हे का दर्द, हर्पिस के बाद नसों का दर्द, स्तनों में गांठ व शरीर के अन्य हिस्सों में गांठ सहित अनेक समस्याएं इसी तरह बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक कमजोरी, एडी उठाकर चलना, हाथ पैरों का तिरछापन, कम सुनना, कम देखना, विलंब शारीरिक विकास, सेरेबल पॉल्सी, में लाभ*
*संपर्क 9425572180 ,7869405187*