Home Blog Page 8

घरघोड़ा में दो दिवसीय जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव संपन्न, खिलाड़ियों में दिखा उत्साह

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल, विजेता खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

रायगढ़ ।ब जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का दो दिवसीय आयोजन 5 एवं 6 दिसम्बर को हाईस्कूल मैदान, घरघोड़ा में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। महोत्सव का शुभारंभ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने किया। प्रतियोगिताओं में बैडमिंटन, लंबी कूद, गेड़ी दौड़, फुगड़ी दौड़, वॉलीबॉल, रस्साकशी सहित एकल एवं सामूहिक खेल विधाओं को शामिल किया गया, जिसमें लगभग 729 महिला एवं पुरुष प्रतिभागी खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांसद श्री राठिया ने विजेता खिलाड़ियों को मोमेन्टो एवं शील्ड देकर सम्मानित किया।
              सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मैदान पर सीखे गए खेल जीवन भर मार्गदर्शन करते हैं। खिलाड़ी अपनी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच से न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे जिले और देश का गौरव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि खेल हमें गिरकर भी उठने की शक्ति देता है और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना सिखाता है। जीत या हार से अधिक महत्वपूर्ण है खिलाड़ी का प्रयास, जज्बा और खेल भावना। सांसद श्री राठिया ने सभी प्रतिभागियों को नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। महोत्सव के समापन समारोह में पहुंचे नगर निगम के महापौर श्री जीवर्धन चैाहान ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
           कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गवेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री अरूणधर दीवान, श्री नरेश पंडा, श्री विकास केडिया, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, बीईओ श्री संतोष कुमार सिंह, श्री पंडा, श्री संतोष पांडेय, खेल अधिकारी श्री जीवन लाल नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री विकास सिन्हा ने किया।


*ये रहे विजेता खिलाड़ी*
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 5 दिसम्बर को आयोजित महिला वर्ग की खेल प्रतियोगिता में कुल 364 प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। महिला वर्ग की व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिता में 100 मी. दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान रागिनी राठिया(तमनार), द्वितीय स्थान पीहू दास (द्वितीय), तृतीय स्थान विनिता सरल(पुसौर), 100मी दौड़(21 से 35 आयु वर्ग में) प्रथम स्थान पूर्णिमा चैाहान(पुसौर), द्वितीय स्थान वर्षा नायक(रायगढ़), तृतीय स्थान लकेश्वरी सिदार(लैलूंगा) लम्बीकूद (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) प्रथम स्थान पुनिया सिदार(तमनार), द्वितीय स्थान जैमनी (धरमजयगढ़), तृतीय स्थान गौरी भुहीयर(लैलूंगा) लम्बीकूद (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान धनकुंवर सिदार(पुसौर) द्वितीय स्थान कशिला भगत(लैलूंगा), तृतीय स्थान वर्षा नायक (रायगढ़), गेड़ी दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान भूमिका देवांगन(खरसिया), द्वितीय स्थान योगेश्वरी राठिया(धरमजयगढ़), तृतीय स्थान उर्मिला राठिया (तमनार) गेड़ी दौड़(20 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान छत्तकुंवर सिदार(तमनार), द्वितीय स्थान आरती(पुसौर), तृतीय स्थान रवीना भगत(लैलूंगा) 800 मी. दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) प्रथम रागिनी राठिया (तमनार), द्वितीय स्थान डाली सिदार(लैलूंगा), तृतीय स्थान कु. सुहानी (रायगढ़), 800 मी. दौड़(21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान कशिला भगत(लैलूंगा)र्, िद्वतीय स्थान पूर्णिमा चैहान(पुसौर), तृतीय स्थान अनिशा सरकार(धरमजयगढ़), बैडमिंटन (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान अशवेषा सिदार(खरसिया), द्वितीय स्थान महिमा चैहान(लैलंूगा),  बैडमिंटन (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान प्रियंका देशमुख (खरसिया), द्वितीय स्थान राधा गुप्ता(घरघोड़ा), फुगड़ी (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान सुनिता धोबी(घरघोड़ा), द्वितीय स्थान आंचल देहरी (पुसौर), तृतीय स्थान राधिका गुप्ता फुगड़ी (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान डविंद राठिया (धरमजयगढ़), द्वितीय स्थान क्लासिनी राठिया (धरमजयगढ़), तृतीय स्थान रोशनी यादव(खरसिया) तथा दलीय खेल खो-खो में विजेता वि.खं लैलूंगा, उपविजेता वि.खं रायगढ़, वॉलीबॉल में विजेता वि.खं धरमजयगढ़, उपविजेता रायगढ़, कबड्डी में विजेता वि.खं पुसौर, उपविजेता वि.खं धरमजयगढ़, रस्साकसी में विजेता वि.खं खरसिया, उपविजेता वि.खं लैलूंगा रहे।
           इस प्रकार सांसद खेल महोत्सव के दूसरे दिन 6 दिसम्बर को पुरूष वर्ग की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 364 पुरूष प्रतिभागी एवं 100 आॅफिसियल्स उपस्थित रहे। पुरूष वर्ग की व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिता में 100 मी. दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान अरविंद राठिया (धरमजगढ़), द्वितीय स्थान रोहित खलखो(लैलूंगा), तृतीय स्थान अंशु कुमार(रायगढ़), 100मी दौड़ (21 से 35 आयु वर्ग में) प्रथम स्थान सनी सिदार(लैलूंगा), द्वितीय स्थान यशवंत कुमार(खरसिया), तृतीय स्थान भावेश गुप्ता(घरघोड़ा) लम्बीकूद (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) प्रथम स्थान आयुश पटेल(रायगढ़), द्वितीय स्थान पृथ्वीराज यादव(पुसौर), तृतीय स्थान स्वास्तिक पाण्डे(धरमजयगड़) लम्बीकूद (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान बंशीलाल राठिया(धरमजयगढ़) द्वितीय स्थान यशवंत (खरसिया) तृतीय स्थान नेतराम (घरघोड़ा),  गेड़ी दौड़(21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान रमेश कुमार(खरसिया), द्वितीय स्थान चांदकिशोर(लैलंूगा), तृतीय स्थान अमन गुप्ता (पुसौर) गेड़ी दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान पुष्पेद्र राठिया(खरसिया), द्वितीय स्थान प्रणव गुप्ता (पुसौर), 800 मी. दौड़(15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) प्रथम रोहित खलखो(लैलूंगा), द्वितीय स्थान अरविंद राठिया(धरमयगढ़), तृतीय स्थान मंजीत भारद्वाज (रायगढ़), 800 मी. दौड़(21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान क्रिश (रायगढ़)र्, िद्वतीय स्थान हृदयराम (लैलंूगा), तृतीय स्थान सुधीर सिदार (पुसौर), बैडमिंटन (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान स्वास्तिक दर्शन(खरसिया), द्वितीय स्थान आयुष दासे (घरघोड़ा),  बैडमिंटन (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान प्रशंात चेनानी (धरमजगढ), द्वितीय स्थान पुरूषोत्तम बेहरा(लैलूंगा), फुगड़ी (15 से 20 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान आशुतोष भगत(तमनार), द्वितीय स्थान धनराज डनसेना (खरसिया), तृतीय स्थान हेमेश साव (पुसौर) फुगड़ी (21 से 35 वर्ष आयु वर्ग) में प्रथम स्थान रमेश कुमार (खरसिया़) तथा पुरूष वर्ग दलीय खेल खो-खो में विजेता वि.खं पुसौर, उपविजेता वि.खं लैलूंगा़, वॉलीबॉल में विजेता वि.खं लैलूंगा़, उपविजेता तमनार, कबड्डी में विजेता वि.खं तमनार, उपविजेता वि.खं घरघोड़ा, रस्साकसी में विजेता वि.खं लैलूंगा़ , उपविजेता वि.खं धरमजगढ़ रहे।

कानून की जीत : अपराधिक मानव वध में आरोपी को 10 साल सश्रम कारावास की सजा

इंस्पेक्टर कुमार गौरव साहू की सटीक विवेचना ने संगीन अपराधों में आरोपी को दिलाई कठोर सजा

      रायगढ़ 6 दिसंबर । पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में कानून की सख्ती और सटीक विवेचना का एक और मजबूत उदाहरण सामने आया है, जहां तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया तथा वर्तमान में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने निष्पक्ष, वैज्ञानिक और प्रभावी जांच की गई, वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक श्री पी.एन. गुप्ता ने सशक्त तर्कों, ठोस साक्ष्यों और प्रभावी जिरह के माध्यम से न्यायालय में मामला मजबूती से प्रस्तुत किया जिसके चलते अपराधिक मानववध के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेंद्र कुमार जैन के न्यायालय ने कल सत्र प्रकरण क्रमांक 114/2024 (थाना खरसिया अपराध क्रमांक 544/2024) में आरोपी कुशल चौहान पिता झाडूराम चौहान उम्र 41 वर्ष, निवासी बाम्हनपाली, थाना खरसिया को धारा 105 भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दोषसिद्ध कर 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹100 अर्थदंड से दंडित किया है।

      अभियोजन के अनुसार 11 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत बाम्हनपाली के सरपंच पति दयाराम राठिया को सूचना मिली कि आरोपी ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी विमला खड़िया के साथ बेरहमी से मारपीट की है। आरोपी ने पत्नी को घसीटकर कमरे में ले जाकर बांस के डंडे से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों द्वारा डॉयल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद घायल महिला को सिविल अस्पताल खरसिया में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सूचना पर थाना खरसिया में मर्ग कायम कर आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा, खून से सने कपड़े जप्त किए, पटवारी नक्शा, गवाहों के कथन, फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर मजबूत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान 15 गवाहों के बयान कराए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी निरीक्षक कुमार गौरव साहू की विवेचना में हाल ही में थाना दीनदयाल नगर रायपुर के हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है, और अब इस अपराधिक मानववध प्रकरण में बैक-टू-बैक सजा दिलाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी दक्षता साबित की है इस सफलता को पुलिस विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा

पति-पत्नी को एक साथ बैठाकर कराई परीक्षा, फेल पटवारी को दिखा दिया पास, प्रमोशन घोटाले में 10 पर FIR, 2 गिरफ्तार, 18 से अधिक आरोपी रडार पर

छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने प्रमोशन परीक्षा में हुई अनियमितताओं और नकल सिंडिकेट के चलते 10 अधिकारी-कर्मचारियों पर FIR दर्ज कर ली है। इनमें से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि शेष 8 की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आई है और आगे और बड़ी कार्रवाई संभव है।

कैसे हुआ घोटाला?

जांच में सामने आया कि प्रमोशन परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनुचित और आपराधिक तरीके अपनाए गए। कई परीक्षा केंद्रों पर:

पति-पत्नी और भाई-भाई को पास-पास बैठाया गया, ताकि नकल कराई जा सके।

फेल हुए उम्मीदवार को बाद में मार्क्स बदलकर पास दिखाया गया।

चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने डाटा में हेरफेर और रिजल्ट में बदलाव किया गया।

EOW की मानें तो एक बड़े नेटवर्क ने पटवारियों को राजस्व निरीक्षक पद पर प्रमोशन दिलाने के लिए साजिश कर परीक्षा परिणाम में हेराफेरी की। यह खेल पिछले कई महीनों से चल रहा था और शिकायत होने के बाद जांच को तेज किया गया।

EOW की बड़ी कार्रवाई
19 नवंबर को EOW की टीम ने 7 जिलों में 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें:

सरकारी दफ्तर,

अधिकारियों के निवास,

कंप्यूटर सिस्टम,

मोबाइल व डिजिटल डाटा


की गहन जांच की गई। छापे के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल चैट, डिजिटल रिकॉर्ड, हस्तलिखित पर्चियां और प्रश्न-उत्तर की कॉपियां बरामद की गईं। इन्हीं सबूतों के आधार पर एजेंसी ने एफआईआर दर्ज की।

इन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपियों पर रिजल्ट में हेराफेरी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्‍यंत्र, पद का दुरुपयोग व फर्जी तरीके अपनाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

मामले में शामिल अधिकारी-कर्मचारी
नाम पद स्थिति
प्रेमलता पद्माकर तत्कालीन आयुक्त (सांख्यिकी) आरोपी
हरमन टोप्पो सहायक आयुक्त आरोपी
वीरेंद्र जाटव सहायक अधिकारी गिरफ्तार
हेमंत कौशिक कर्मचारी गिरफ्तार
आशीष प्रकाश ब्रजपाल क्लर्क आरोपी
रामाज्ञा यादव मानचित्रकार आरोपी
लीला देवांगन राजस्व निरीक्षक आरोपी
ईश्वर लाल ठाकुर बाबू आरोपी
जयंत यादव कर्मचारी आरोपी
राकेश डड़सेना प्यून आरोपी
सूत्रों का कहना है कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अभी भी जांच में है और जल्द ही दूसरा चरण की कार्रवाई हो सकती है।

सबसे चौंकाने वाले तथ्य
पति-पत्नी व रिश्तेदारों को एक ही हॉल में बैठाकर नकल कराई गई।


फेल उम्मीदवार को सिस्टम बदलकर पास दिखाया गया।

मार्क्स दर्ज करने वाली टीम और रिजल्ट तैयार करने वाले अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई।

एक संगठित नेटवर्क द्वारा पैसे के बदले प्रमोशन दिलाने की आशंका भी जताई जा रही है।

पटवारी संघ भी आया सामने
पटवारी संघ के नेतृत्व में घोटाले की शिकायत सरकार तक पहुंचाई गई थी। उसके बाद ही:

शासन ने जांच के आदेश दिए

EOW ने कार्रवाई शुरू की

सबूतों के आधार पर FIR दर्ज की गई

क्या बोले EOW अधिकारी?

EOW प्रभारी ने बताया:

“यह गंभीर स्तर पर हुई परीक्षा में गड़बड़ी का मामला है। दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

अगली कार्रवाई
आरोपियों की आर्थिक संपत्ति की भी जांच होगी,

मोबाइल-लैपटॉप डेटा रिकवरी की प्रक्रिया जारी,

परीक्षा नियंत्रक और तकनीकी टीम की भूमिका की भी समीक्षा।

इस घोटाले के प्रभाव
प्रमोशन का इंतजार कर रहे ईमानदार कर्मचारियों में रोष।


परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल।

भविष्य में ऑनलाइन-सीसीटीवी आधारित परीक्षा लागू करने की मांग।

अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसम्बर को

जिला कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक-28 में हेल्प डेस्क स्थापित

रायगढ़ ।  छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत आयोजित अमीन भर्ती परीक्षा (डब्ल्यूआरडी-2025) का आयोजन 7 दिसम्बर 2025 को दोपहर 12ः00 बजे से 2ः15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा संचालन के लिए रायगढ़ जिले में कुल 57 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं, जहां लगभग 16,091 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी परीक्षा केन्द्रों पर एक पुरुष एवं एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो फिस्किंग (चेकिंग) का कार्य करेंगे। महिला परीक्षार्थियों की फिस्किंग केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा ही की जाएगी।
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर परीक्षा के सुचारू संचालन और परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु कलेक्टोरेट भवन के कक्ष क्रमांक-28 में जिला स्तरीय हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। यह हेल्प डेस्क अमीन परीक्षा से संबंधित समस्त महत्वपूर्ण जानकारी, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों से अपील किया गया है कि किसी भी समस्या, जानकारी या सहायता के लिए  डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी धनराज मरकाम मोबा.नं. 9753536151, सहायक नोडल अधिकारी भुवनेश्वर पटेल मोबा.नं. 7000081311, बाबूलाल पटेल मोबा.नं. 9755215616 एवं निराकार पटेल मोबा.नं. 9669469444 के साथ प्रोफेसर गजेंद्र बनज, मोबा.नं. 9424152129 से सम्पर्क कर आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है।

केशला सहकारी समिति में पुराना धान लाते पकड़ा गया कृषक, अभद्र व्यवहार पर बी.एन.एस.एस. के तहत मामला दर्ज

रायगढ़ । जिले में धान खरीदी की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर लगातार कड़ाई व विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में आज 05 दिसंबर को सेवा सहकारी समिति केशला में निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें कृषक द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन लेकर लाए गए धान की गुणवत्ता और उसकी वास्तविकता पर संदेह उत्पन्न हुआ।
जिला स्तरीय एवं उपार्जन केन्द्र के नोडल अधिकारियों ने जब संबंधित धान की जांच की, तो पाया गया कि कृषक श्री हिमांचल चौहान द्वारा लाया गया धान पुरानी रबी फसल का है। निरीक्षण में धान की नमी मात्र 12.2 प्रतिशत पाई गई, जबकि मौके पर कृषक ने स्वयं स्वीकार किया कि धान पूर्व सीजन का है। यह जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई और तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी लैलूंगा को मौके पर बुलाया गया।
तहसीलदार लैलूंगा द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि श्री हिमांचल चौहान ने मोबाइल ऐप के माध्यम से 100 क्विंटल का टोकन कटवाकर धान लाया था। जब पुराने धान को नियमों के अनुसार जप्त किया गया, तो कृषक द्वारा न केवल सहयोग से इंकार किया गया, बल्कि समिति परिसर में अभद्र व्यवहार भी किया गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कृषक ने जप्त धान और ट्रैक्टर को पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी तक दे डाली। इसके बाद वह मौके से धान और ट्रैक्टर वहीं छोड़कर फरार हो गया।
अमानक धान तथा ट्रैक्टर को तहसीलदार लैलूंगा द्वारा नियमानुसार जप्त कर समिति प्रबंधक की सुपुर्दगी में दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कृषक द्वारा किया गया यह कृत्य परिशांति भंग होने की आशंका उत्पन्न करने वाला है।
इस पूरे प्रकरण के आधार पर संबंधित कृषक के विरुद्ध थाना लैलूंगा में 126/135(3) बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में धान के अवैध परिवहन, भंडारण तथा मिलावट की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीदी में लगे अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है ताकि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और ईमानदार बनी रहे।
जिला प्रशासन ने कृषकों से अपील की है कि वे स्वच्छ और मानक के अनुरूप धान ही लेकर आएं तथा खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या गलत जानकारी देने से बचें।

अतिक्रमण का दंश झेल रहा पुरानी हटरी

रियासतकालीन बाजार बहुमंजिला में तब्दील, निगम बना मूकदर्शक

रायगढ़। शहर का रियासतकालीन पुराना हटरी, जो कभी अपनी 36 दुकानों और 90 चबूतरों की पहचान से जाना जाता था, आज अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। जहां कभी मेटाडोर और ट्रैक्टर आराम से अंदर तक प्रवेश कर जाते थे, वहीं आज एक बाइक निकालना भी चुनौती बन गया है। व्यवस्थित बाजार का स्वरूप अब बहुमंजिला इमारतों और अवैध कब्जों ने पूरी तरह बदल दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हटरी अब बाजार कम, अतिक्रमण का केंद्र अधिक बन चुकी है। दुकानदारों ने न केवल दुकानें बढ़ा ली हैं, बल्कि कई ने दो-दो मंजिला मकान दुकानों के ऊपर खड़े कर दिए हैं। यह निर्माण किसकी अनुमति से हुआ—यह आज तक जांच का विषय है।
जानकारों बताते हैं कि पुराने समय में शहर में दो ही प्रमुख बाजार थे-गांधी गंज (मंगल बाजार) और पुरानी हटरी। यह बाजार साग-भाजी से लेकर किराना, बर्तन और सौंदर्य प्रसाधन तक हर तरह की खरीद-फरोख्त का केंद्र था। लेकिन आज इसकी पहचान धीरे-धीरे खत्म हो रही है। कोतवाली की ओर से हटरी में प्रवेश करते ही शुरुआती राशन दुकान ने पूरा रास्ता घेर रखा है, जहां से स्कूटी निकालना भी मुश्किल है। गद्दी चौक से आने वाले मार्ग पर भी दुकान के मालिक ने पूरी सडक़ को दुकान में समेट लिया है। संकरी गली, भीड़ और अवैध कब्जा इस बाजार की नई पहचान बन चुके हैं।
शहर में अतिक्रमण हटाने की चर्चा अक्सर होती रहती है, लेकिन रसूखदार कब्जाधारियों के आगे नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्रवाई हर बार ठंडी पड़ जाती है। फुटपाथों से छोटे दुकानदारों को हटाकर वाहवाही लूटने वाली निगम टीम पुरानी हटरी के बुलंद अतिक्रमण पर कार्रवाई करने से बचती दिखती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि निगम की निष्क्रियता और कानून के खुले उल्लंघन से बाजार का मूल स्वरूप नष्ट हो गया है। यहाँ आज बहुमंजिला दुकानें खड़ी हैं, जबकि यह स्थान पारंपरिक ‘पसरा संस्कृति’ के लिए जाना जाता था।
दो वर्ष पूर्व संजय कॉम्प्लेक्स में हुए बड़े हादसे को शहर अब भी भूला नहीं है, जहां सिलेंडर ब्लास्ट के बाद पूरा बाजार जलकर राख हो गया था। नगर निगम से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी थी। यदि ऐसी स्थिति पुरानी हटरी जैसे संकीर्ण बाजार में उत्पन्न होती है, तो राहत कार्य करना लगभग असंभव होगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम और जिला प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतज़ार में है।
तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने पुरानी हटरी में चौड़ीकरण का खाका तैयार किया था और शुरुआती पहल भी की थी। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह योजना फाइलों में दफन हो गई। इसके बाद आधा दर्जन से अधिक कलेक्टर आए–गए, लेकिन किसी ने भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। वरिष्ठजनों का कहना है कि ‘यह मधुमक्खी का छत्ता है, जिसे छेड़ा तो उल्टा डंसता है’, संभवत: यही कारण है कि अधिकारी इस दिशा में कार्रवाई से बचते हैं।
पुरानी हटरी शहर की सांस्कृतिक धरोहर है, लेकिन लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण से यह अपनी ऐतिहासिक पहचान खोती जा रही है। यदि प्रशासन ने समय रहते निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो यह बाजार न केवल अपना मूल स्वरूप खो देगा, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना का गवाह भी बन सकता है। स्थानीय नागरिकों व व्यापार संगठनों का कहना है- जब तक प्रशासन सख्ती से कार्रवाई नहीं करेगा, पुरानी हटरी अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त नहीं होगी।

संस्कार ने जीता ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी स्पर्धा 2:0 का ख़िताब

      सेजेस टारपाली को आसानी से हराया
रायगढ़। संस्कार पब्लिक स्कूल ने ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित खेलकूद उत्सव एवं विज्ञान तकनीक समारोह में स्पर्धा का विशेष आकर्षण क्रिकेट प्रतियोगिता को सेजेस टारपाली की टीम को हराकर जीत लिया है। संस्कार स्कूल के खेलकूद प्रशिक्षक अमरदीप सिंह ने बताया कि ओपीजेयू द्वारा आयोजित स्पर्धा 2:0 में कुल 32 टीमों ने हिस्सा लिया था जिसमें संस्कार पब्लिक स्कूल ने अपनी प्रतिद्धंदी टीमों को हराते हुए सेजेस टारपाली के साथ फाइनल में जगह बनाई। टारपाली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर 61 रन बनाए। जिसके जवाब में अंशुल सिंह की शानदार बल्लेबाजी के कारण 5 विकेट से फाइनल मैच का खिताब अपने नाम कर लिया। ज्ञात हो कि संस्कार पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद के क्षेत्र में भी अपना नाम कमा चुकी है। टीम के सफलता पर संस्कार स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रश्मि शर्मा सहित सभी शिक्षकों ने, पालको ने बधाई दी है।
वर्सन
रामचन्द्र शर्मा
मार्गदर्शक
संस्कार पब्लिक स्कूल
मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों का संपूर्ण विकास है। आज के समय में विद्यार्थी का किताबी कीड़ा होना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक विकास होने से ही बच्चों का संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है। इसी कारण संस्कार स्कूल खेल को भी महत्व देता है जिसके चलते ओपीजेयू मे टीम ने फाईनल जीता। सभी खिलाडिय़ों, खेल प्रशिक्षक, पालकगण, प्राचार्य सहित पूरी स्कूल टीम को बधाई।

अग्निवीर चयन परीक्षा में तमनार के श्रीजेश की सफलता; अदाणी फाउंडेशन की पहल से सपनों को मिला पंख

रायगढ़  । देश सेवा का सपना देखने वाले तमनार ब्लॉक के श्रीजेश डोलेसरा ने भारतीय सेना के प्रतिष्ठित अग्निवीर भर्ती कार्यक्रम में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह सफलता अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित बेल्ट फोर्स कोचिंग सेंटर की पहल का परिणाम है, जिसने ग्रामीण युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर उनके सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान किया।

श्रीजेश एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता निजी कंपनी में बॉयलर ऑपरेशन में फोरमैन के पद पर कार्यरत हैं और माता गृहिणी हैं। परिवार में एक छोटी बहन है जो कक्षा 12 में पढ़ाई कर रही है। श्रीजेश ने अपनी शिक्षा सेंट एंस हायर सेकेंडरी स्कूल और निजी हाई स्कूल, तमनार से पूरी की। सेना में जाने का सपना उनके मन में शुरू से था। उन्होंने 2023 में भी प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

श्रीजेश के आसपास किसी भी प्रकार की कोचिंग सुविधा या कुशल मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं था। स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए बिलासपुर या रायपुर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे का भारी खर्च होता था। इस समस्या को दूर करने के लिए अदाणी फाउंडेशन ने 2024 में बेल्ट फोर्स कोचिंग क्लासेस शुरू कीं, जो आज भी जारी हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से दक्ष बनाने हेतु विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें प्रतिदिन व्यायाम, दौड़, संतुलित आहार, लिखित परीक्षा की तैयारी, करियर काउंसलिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट शामिल हैं। छात्रों को आवश्यक पाठ्य सामग्री, ट्रैक सूट, टी-शर्ट और जूते भी नि:शुल्क प्रदान किए जाते हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यप्रदेश और झारखंड के युवाओं को भी लाभान्वित कर रही है।

श्रीजेश के चयन से उनके माता-पिता गौरवान्वित हैं। उन्होंने अदाणी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। स्वयं श्रीजेश ने अपनी सफलता का श्रेय अदाणी फाउंडेशन और कोचिंग सेंटर के प्रशिक्षकों को देते हुए आभार व्यक्त किया।

स्थानीय समुदाय में भी इस उपलब्धि से उत्साह का माहौल है। लोग इसे रोजगार और राष्ट्र सेवा के अवसर के रूप में देख रहे हैं।

पिछले दो वर्षों में पाँच अन्य छात्र भी विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। अदाणी फाउंडेशन अब युवाओं को गांधी नगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आवासीय प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है, जिससे उन्हें अग्निवीर जैसी योजनाओं के साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर मिल सकें।

अदाणी फाउंडेशन के अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सेना जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होने के लिए गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना है। श्रीजेश की सफलता इस पहल की सार्थकता को दर्शाती है।”

अदाणी फाउंडेशन, अदाणी समूह की सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में कार्यरत है। देशभर में फैले अपने कार्यक्रमों के माध्यम से फाउंडेशन का उद्देश्य सतत विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना है। खेल-कूद के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करना, नेतृत्व कौशल विकसित करना और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना फाउंडेशन की प्राथमिकताओं में शामिल है। पीसीबी ट्रॉफी जैसे आयोजन इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास हैं, जो ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करते हैं।

अन्य राज्यों में भी अदाणी फाउंडेशन द्वारा सशस्त्र बलों से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसमें में प्रतिभागियों का सफल चयन हुआ है।

समाजसेवी रामदास अग्रवाल की पुण्यतिथि पर सुपुत्रों ने किया फल वितरण

रायगढ़।रायगढ़ के विख्यात समाज सेवी स्वर्गीय रामदास अग्रवाल की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके सुपुत्रों ने शहर के दो प्रमुख संस्थानों में फल वितरण कराकर पिता के सामाजिक दायित्वों को निभाया एवं उनकी स्मृति को सादर नमन किया। यह पुण्यकार्य स्वर्गीय अग्रवाल के जीवन दर्शन, जो सेवा और परोपकार पर केंद्रित था, को आगे बढ़ाते हुए किया गया।



स्वर्गीय रामदास अग्रवाल रायगढ़ में एक प्रखर समाज सेवी के रूप में जाने जाते थे। उनका सम्पूर्ण जीवन गरीबों, असहायों और वंचित वर्ग की सेवा में समर्पित रहा। उनकी स्मृति में उनके तीनों सुपुत्र सुनील रामदास अग्रवाल, अनिल रामदास अग्रवाल एवं सुशील रामदास अग्रवाल ने अपने पिता के मार्ग का अनुसरण करते हुए एक सार्थक पहल की। उन्होंने शहर के जिला अस्पताल तथा वृद्धाश्रम में रोगियों एवं बुजुर्गों के बीच पौष्टिक फलों का वितरण करवाया।

इस कार्यक्रम के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों, विशेषकर गरीब परिवारों के रोगियों को फल देकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। वहीं, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच फल वितरण कर उनका हौसला अफजाई भी की गई। इस दौरान अग्रवाल परिवार के सदस्यों ने दोनों ही स्थानों पर लोगों से रूबरू होकर उनकी परेशानियाँ सुनीं और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

परिवार के वरिष्ठ सदस्य सुनील अग्रवाल ने कहा, हमारे पिताजी का सपना था कि समाज का हर वर्ग स्वस्थ और सुखी रहे। उनकी पुण्यतिथि पर यह छोटा-सा प्रयास उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि है। हमें खुशी है कि हम इस परंपरा को निभा पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी वे इसी तरह के सामाजिक सरोकार के कार्य करते रहेंगे।

इस पुण्य कार्य की स्थानीय समाज में काफी सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि स्वर्गीय रामदास अग्रवाल जैसे व्यक्तित्व की विरासत को इस तरह आगे बढ़ाना एक सकारात्मक पहल है। इससे न केवल जरूरतमंदों को लाभ पहुँचा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी बल मिला है। अग्रवाल परिवार के इस कदम ने पुण्यतिथि को एक पुण्य पर्व में बदल दिया, जो निस्संदेह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

RPF पोस्ट में तड़के गोलियों की गूंज, आखिर क्या हुआ था कि एक आरक्षक ने साथी को गोलियों से छलनी कर दिया?

रायगढ़।  रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) पोस्ट रायगढ़ में आज तड़के एक बेहद दर्दनाक और चौंका देने वाली घटना घटी। सुबह करीब 4 बजे आरपीएफ कार्यालय के भीतर अचानक गोलियों की तेज आवाज गूंज उठी, जिससे आसपास के लोग सहम गए। जब तक अन्य सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुँचते, तब तक एक आरक्षक की गोली लगने से मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे शहर में शोक और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

घटना कैसे हुई

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरक्षक कुमार सिंह ने अपने ही साथी आरक्षक पी.के. मिश्रा पर सरकारी राइफल से लगातार चार राउंड फायर किया। गोलियां सीधे सिर पर लगने के कारण मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी पोस्ट के अंदर ड्यूटी ऑफिस कक्ष में हुई, जहाँ उस समय कुछ ही लोग मौजूद थे। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी के पास प्रतिक्रिया देने का समय नहीं था।

गोलियों की आवाज़ सुनते ही आसपास के कर्मचारी और स्थानीय लोग पोस्ट के बाहर जुटने लगे। तुरंत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में लिया।

आरोपी आरक्षक गिरफ्तार
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने आरोपी आरक्षक कुमार सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। हथियार भी उसके कब्जे से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और इसे विभाग के लिए अत्यंत दुखद बताया।

संभावित कारण
शुरुआती जांच और बयान के अनुसार, यह मामला व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों आरक्षकों के बीच पिछले कुछ समय से तनाव होने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने कहा है कि:

घटना का वास्तविक कारण सीसीटीवी, कॉल रेकॉर्ड और विभागीय बैठकों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

मामले की जांच और आगे की कार्रवाई
घटनास्थल की फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए।

पोस्ट के कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं।


आरोपी से पूछताछ जारी है कि गोली चलाने की प्रेरणा क्या थी, क्या कोई उकसावे की स्थिति थी।

पुलिस विभाग ने आरपीएफ पोस्ट में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और ड्यूटी सिस्टम में सुधार के संकेत दिए हैं।

शहर में आक्रोश और दुख
यह घटना रायगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि:

प्रशिक्षित सुरक्षा बलों के बीच इतना बड़ा विवाद कैसे बढ़ा?

क्या मानसिक तनाव या ड्यूटी प्रेशर इसका कारण हो सकता है?

क्या RPF में काउंसलिंग या वेलनेस सिस्टम की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है?

मृतक आरक्षक पी.के. मिश्रा के परिवार की स्थिति बेहद दुखद है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, परिवार को तुरंत सूचना देकर सहायता के उपाय किए जा रहे हैं।

विवाद और सस्पेंस के मुद्दे जिन पर जांच होगी
संभावित सवाल जांच फोकस
गोली चलाने की वजह क्या थी? व्यक्तिगत विवाद या मानसिक तनाव?
क्या पहले भी दोनों में विवाद हुआ था? विभागीय रिकॉर्ड की जांच
क्या घटना से पहले कोई विवादित बातचीत या झगड़ा हुआ? कॉल डेटा व बयान
हथियार का उपयोग नियमों के विपरीत तो नहीं हुआ? SOP जांच
क्या पोस्ट में सुरक्षा मानकों का पालन होता है? सुरक्षा ऑडिट

घटना का असर
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल में स्टाफ वेलनेस, ड्यूटी तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर नए सिरे से विचार की मांग उठी है। विशेषज्ञ इसे ड्यूटी तनाव से जुड़ी संभावित चेतावनी मान रहे हैं।
आम जनता व अधिकारियों की प्रतिक्रिया
कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा बलों को मनोवैज्ञानिक परामर्श और तनाव प्रबंधन की आवश्यकता है।

निष्कर्ष
रायगढ़ RPF पोस्ट में हुई यह गोलीबारी सिर्फ एक हत्या का मामला भर नहीं है। यह सुरक्षा बलों की कार्य-प्रणाली, तनाव प्रबंधन, और संगठनात्मक वातावरण से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच पूरी होने पर सामने आने वाले तथ्य कई चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर कर सकते हैं।

फिलहाल शहर के लोग शोक में हैं और पुलिस व प्रशासन पर साफ व निष्पक्ष जांच का भरोसा बनाए हुए हैं।